लॉकडाउन में है नौकरी जाने का डर, पर आप सुधार सकते हैं अपनी आर्थिक हालत, आइए जाने कैसे

कोविड -19 के कारण देश भर में लॉकडाउन का पालन किया गया. अब सरकार ने करीब ढाई महिने के बाद लॉकडाउन में छूट देकर इसे अनलॉक-1 का नाम दिया है. लॉकडाउन के दौरान देश में वित्तीय संकट और नौकरी के नुकसान का अनुमान लगा लिया गया था. पिछले दो महीनों से, कई कंपनियों को वेतन में कटौती करते देखा गया है, समय के लिए अपने उत्पादन / कार्य को बंद कर दिया है. नौकरी जाने के बाद जिंदगी का गुजारा कैसे होगा इसके लिए कई लोग परेशान हैं. नौकरी जाने के खतरे को लेकर परेशान हैं, जो आइए आपकी परेशानी हम दूर करते हैं और बताते हैं कि आपको हम बताएं की आप अपनी आर्थिक हालत को कैसे सुधार सकते हैं.

कोविड -19 के कारण देश भर में लॉकडाउन का पालन किया गया. अब सरकार ने करीब ढाई महिने के बाद लॉकडाउन में छूट देकर इसे अनलॉक-1 का नाम दिया है. लॉकडाउन के दौरान देश में वित्तीय संकट और नौकरी के नुकसान का अनुमान लगा लिया गया था. पिछले दो महीनों से, कई कंपनियों को वेतन में कटौती करते देखा गया है, समय के लिए अपने उत्पादन / कार्य को बंद कर दिया है. नौकरी जाने के बाद जिंदगी का गुजारा कैसे होगा इसके लिए कई लोग परेशान हैं. नौकरी जाने के खतरे को लेकर परेशान हैं, जो आइए आपकी परेशानी हम दूर करते हैं और बताते हैं कि आपको हम बताएं की आप अपनी आर्थिक हालत को कैसे सुधार सकते हैं.

अपने रोजगार अनुबंध पढ़ें

नौकरी पर रखने से पहले कंपनी द्वारा आपको ज्वाइंनिग लेटर या कॉनट्रैक्ट लेटर दिया गया होगा, नौकरी जाने की स्थिति उत्पन्न होने पर उसे एक बार जरूर पढ़े. अनुबंध पत्र में यह बताया जाता है कि किसी व्यक्ति को नौकरी से किस परिस्थिति में निकाला जा सकता है।ॉ. कंपनी द्वारा शुरू की गई नौकरी में कटौती के मामले में दिए गए वित्तीय लाभों के विवरण को भी जरूर देखें.

जहां तक ​​संभव हो, कंपनी से तत्काल अग्रिम पैकेज की तलाश करें ताकि ऋण किस्तों और क्रेडिट कार्ड बकाया के संदर्भ में किसी भी वित्तीय देनदारियों का भुगतान लगभग दो से तीन महीने तक किया जा सके। इसके अलावा, एक कर्मचारी को इस आशय के लिए संगठन से एक आधिकारिक पत्र या ईमेल प्राप्त करने पर जोर देना चाहिए।

फ्रीलांसर के रूप में कर सकते हैं काम

अगर नौकरी जाने का डर बन रहा है, तो आप एक फ्रीलांसर के रूप में भी काम कर सकते हैं. डिजिटल अकांउटिंग, डेटा प्रविष्टि, ग्राहक सेवाओं, ऑनलाइन बिक्री और सामग्री विकास के क्षेत्रों में आईटी, विज्ञापन, ई-कॉमर्स, वित्तीय सेवाओं और मीडिया / मनोरंजन जैसे क्षेत्रों में फ्रीलांसर की काफी मांग रहती है.

फ्रीलांसर के रूप में आप किसी भी कंपनी में काम कर सकते हैं, आपको आपके काम का मेहनताना जरूर मिलगा पर आप उस कंपनी के कर्मचारी नहीं माने जाएंगे. आप एक साथ कई संस्थाओं एंव कंपनियों के लिए फ्रीलांसिंग कर सकते हैं. आप जितने अधिक फ्रीलांस प्रोजेक्ट आप लेते हैं, उतना ही बेहतर भुगतान है.

विस्थापन सेवाओं की तलाश करें

कई मध्य-आकार और बड़े संगठनों के पास विस्थापन सेवाओं का प्रावधान है. इसका मतलब यह है कि यदि वे किसी कर्मचारी को जाने देते हैं, तो उसे नौकरी ढूंढने में हाथ बंटाने की पेशकश की जाएगी.

इस उद्देश्य के लिए, कंपनियां उन विस्थापन फर्मों की मदद लेती हैं जो चयनित कर्मचारियों को वैकल्पिक रोजगार खोजने में मदद करती हैं। इसलिए, जैसे ही कोई कंपनी नौकरी में कटौती के फैसले की सूचना देती है, कर्मचारियों को मानव संसाधन टीम को यह स्पष्ट करने के लिए लिखना होगा कि क्या विस्थापन सेवाओं का लाभ उठाया जा सकता है.

क्या है जॉब इंश्योरेंस (Job Insurance) ?

जॉब इंश्योरेंस पॉलिसी ग्राहक और उसके परिवार को कुछ समय के लिए वित्तीय सुरक्षा प्रदान करत है, वैसी स्थिति में जब आपने नौकरी खो दी है, तो आपको कुछ राशि मिलती है, अगर पॉलिसी में दिए गए कारणों की वजह से उसकी नौकरी चली जाती है. भारत में ये कारण कोई गंभीर बीमारी या दुर्घटना के कारण पूरी या स्थाई तौर पर दिव्यांग होना हो सकता है.

साथ ही भारत में जॉब इंश्योरेंस स्टैंडलोन पॉलिसी (Standalone policy) के तौर पर नहीं मिलती. यह मुख्य पॉलिसी के साथ राइडर या ऐड ऑन कवर (Rider or Add on Cover) की तरह उपलब्ध होती है. सामान्य तौर पर हेल्थ इंश्योरेंस या होम इंश्योरेंस पॉलिसी के साथ आती है.

कंपनियां जो नौकरी के नुकसान की बीमा सुरक्षा दे रही हैं:

1. ICICI लोम्बार्ड का सुरक्षित दिमाग महत्वपूर्ण बीमारी योजना

2. एचडीएफसी एर्गो का होम सुरक्षा प्लस (गृह ऋण सुरक्षा योजना)

3. रॉयल सुंदरम सेफ लोन शील्ड (गंभीर बीमारी योजना)

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लेखक के बारे में

By Shaurya punj

मैं धर्म, ज्योतिष और आध्यात्मिक विषयों पर लेखन में विशेषज्ञता रखता हूं. हस्तरेखा शास्त्र, राशिफल, ग्रह-नक्षत्र, धार्मिक परंपराओं और पौराणिक कथाओं से जुड़े विषयों पर मेरी विशेष रुचि और गहरी समझ है. रांची के सेंट जेवियर्स कॉलेज से मास कम्युनिकेशन में स्नातक करने के बाद मैंने डिजिटल मीडिया और कंटेंट राइटिंग के क्षेत्र में 15 वर्षों से अधिक का अनुभव हासिल किया है. धर्म और ज्योतिष के अलावा एंटरटेनमेंट, लाइफस्टाइल और शिक्षा जैसे विषयों पर भी लगातार लेखन करता रहा हूं. मेरी कोशिश रहती है कि जटिल विषयों को आसान, रोचक और भरोसेमंद तरीके से पाठकों तक पहुंचाया जाए.

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