PM Vishwakarma Yojana: विश्वकर्मा योजना के लिए ब्याज पर आठ प्रतिशत तक सब्सिडी देगी मोदी सरकार

PM Vishwakarma Yojana: योजना के घटकों में ना केवल वित्तीय सहायता बल्कि उन्नत कौशल प्रशिक्षण, आधुनिक डिजिटल तकनीक और कुशल हरित प्रौद्योगिकियों का ज्ञान, ब्रांड प्रचार, स्थानीय और वैश्विक बाजारों के साथ संपर्क, डिजिटल भुगतान और सामाजिक सुरक्षा भी शामिल होगी.

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा रविवार को शुरू की गई विश्वकर्मा योजना के तहत कारीगरों को दिए जाने वाले ऋण पर सरकार आठ प्रतिशत तक सब्सिडी देगी. उन्होंने योजना शुरू करने के लिए आयोजित कार्यक्रम में कहा कि सरकार 2023-24 के बजट में पहले से ही 13,000 करोड़ रुपये का प्रावधान कर चुकी है.

कारीगरों को पांच प्रतिशत की सस्ती ब्याज दर पर दिया जाएगा जमानत-मुक्त ऋण

विश्वकर्मा योजना के बारे में विस्तार से बताते हुए वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि कारीगरों को पांच प्रतिशत की बेहद सस्ती ब्याज दर पर जमानत-मुक्त ऋण प्रदान किया जाएगा. उन्होंने कहा कि इस योजना में बढ़ई, स्वर्णकार, लोहार, राजमिस्त्री, पत्थर की मूर्ति तराशने वाले मूर्तिकार, नाई और नाविक से जुड़े 18 क्षेत्र शामिल हैं. सरकार इसके तहत तीन लाख रुपये तक का कर्ज देगी.

कारीगरों को शुरुआत में एक लाख रुपये का दिया जाएगा कर्ज

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि शुरुआत में एक लाख रुपये का कर्ज दिया जाएगा और 18 महीने तक भुगतान करने के बाद लाभार्थी अतिरिक्त दो लाख रुपये का पात्र होगा.

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विश्वकर्मा योजना के तहत वित्तीय सहायता अलावा ये सुविधाएं भी मिलेंगी

योजना के घटकों में ना केवल वित्तीय सहायता बल्कि उन्नत कौशल प्रशिक्षण, आधुनिक डिजिटल तकनीक और कुशल हरित प्रौद्योगिकियों का ज्ञान, ब्रांड प्रचार, स्थानीय और वैश्विक बाजारों के साथ संपर्क, डिजिटल भुगतान और सामाजिक सुरक्षा भी शामिल होगी.

प्रत्येक लाभार्थी को 500 रुपये का दैनिक भत्ता देने के साथ पांच दिनों तक कौशल प्रशिक्षण दिया जाएगा

वित्त मंत्री ने कहा कि प्रत्येक लाभार्थी को 500 रुपये का दैनिक भत्ता देने के साथ पांच दिनों तक कौशल प्रशिक्षण दिया जाएगा. प्रत्येक लाभार्थी की पहचान तीन-स्तरीय तरीके से की जाएगी.

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टूलकिट प्रोत्साहन के रूप में 15,000 रुपये का अनुदान दिया जाएगा

वित्त मंत्री ने कहा कि इसके अलावा, टूलकिट प्रोत्साहन के रूप में 15,000 रुपये का अनुदान दिया जाएगा. डिजिटल लेनदेन के लिए महीने में 100 लेनदेन तक करने पर प्रति लेनदेन एक रुपये का प्रोत्साहन प्रदान किया जाएगा. इससे अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी), महिलाओं और कमजोर वर्ग के लोगों को काफी फायदा होगा.

‘पीएम विश्वकर्मा’ योजना की शुरुआत पर बोले प्रधानमंत्री, सबको सम्मान का जीवन देना ‘मोदी की गारंटी’

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को विश्वकर्मा जयंती के अवसर पर ‘पीएम विश्वकर्मा’ योजना की शुरुआत की और इसके तहत कारीगरों व शिल्पकारों को तीन लाख रुपये तक कर्ज उपलब्ध कराए जाने की व्यवस्था का उल्लेख करते हुए कहा कि सबको सम्मान का जीवन देना तथा सभी को सुविधा पहुंचाना मोदी की गारंटी है. यहां नवनिर्मित इंडिया इंटरनेशनल कन्वेंशन एंड एक्सपो सेंटर ‘यशोभूमि’ में देशभर के कारीगरों व शिल्पकारों को प्रधानमंत्री ने ‘विश्वकर्मा’ कहकर संबोधित किया और कहा कि जैसे शरीर में रीढ़ की हड्डी की भूमिका होती है वैसे ही ‘विश्वकर्मा’ लोगों की समाज के जीवन में बहुत महत्वपूर्ण भूमिका होती है. उन्होंने कहा, उनके बगैर रोजमर्रा की जिंदगी की कल्पना भी मुश्किल है. यह योजना उन लाखों कारीगरों और शिल्पकारों के लिए आशा की किरण है जो हाथों और औजारों से काम करते हैं.

‘फ्रिज’ के जमाने में भी लोग सुराही का पानी पीना पसंद करते हैं

प्रधानमंत्री ने कहा कि लोहार हो या दर्जी या कोई अन्य कारीगर इनकी अहमियत कभी खत्म नहीं होने वाली है. दुनिया कितनी भी आगे बढ़ जाए और प्रौद्योगिकी कहीं भी पहुंच जाए लेकिन इनकी भूमिका हमेशा अहम रहेगी क्योंकि ‘फ्रिज’ के जमाने में भी लोग सुराही का पानी पीना पसंद करते हैं. उन्होंने कहा, इसलिए आज समय की मांग है कि इन विश्वकर्मा साथियों को पहचाना जाए और उन्हें हर तरीके से समर्थन दिया जाए. हमारी सरकार अपने विश्वकर्मा भाई-बहनों को उनका सम्मान, सामर्थ्य और समृद्धि बढ़ाने के लिए एक सहयोगी बनकर आई है.

सरकार ‘पीएम विश्वकर्म’ योजना पर अभी 13,000 करोड़ रुपये खर्च करेगी

इस योजना के अंतर्गत 18 विभिन्‍न क्षेत्रों में काम करने वाले कारीगरों और शिल्पकारों पर विशेष ध्‍यान दिया गया है. सरकार ‘पीएम विश्वकर्म’ योजना पर अभी 13,000 करोड़ रुपये खर्च करने वाली है. मोदी ने कहा, जब बैंक आपसे गारंटी नहीं मांगता है. तो आपकी गारंटी मोदी देता है. बिना गारंटी मांगे तीन लाख रुपये तक का आपको कर्ज मिलेगा और यह भी सुनिश्चित किया गया है कि इस कर्ज का ब्याज बहुत ही कम रहे.

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लेखक के बारे में

By Arbindkumar mishra

अरबिंद कुमार मिश्रा मुख्यधारा की पत्रकारिता में 15 वर्षों से अधिक का अनुभव रखने वाले एक वरिष्ठ पत्रकार और लेखक हैं. वर्तमान में, वह प्रभात खबर डॉट कॉम (Prabhat Khabar) में सीनियर कंटेंट राइटर के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. अरबिंद नेशनल, इंटरनेशनल और स्पोर्ट्स कैटेगरी में अपनी लेखनी के लिए जाने जाते हैं. गहरी रिसर्च पर आधारित स्पेशल स्टोरीज, रिपोर्टिंग और जटिल मुद्दों पर आसान भाषा में 'एक्सप्लेनर' लिखना उनकी मुख्य यूएसपी (USP) है.

झारखंड की समृद्ध संस्कृति और लोक परंपराओं में उनकी गहरी रुचि है. अपनी उत्कृष्ट और सरोकार से जुड़ी रिपोर्टिंग के लिए उन्हें संस्थान स्तर पर कई बार सम्मानित और पुरस्कृत भी किया जा चुका है.

करियर का सफरनामा

अरबिंद ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत देश की प्रतिष्ठित बहुभाषी न्यूज एजेंसी 'हिंदुस्थान समाचार' से बतौर रिपोर्टर की थी. इसके बाद उन्होंने प्रसार भारती के अंग दूरदर्शन और आकाशवाणी के साथ भी काम किया, जहां उन्होंने एंकरिंग, वॉइस-ओवर और रिपोर्टिंग के गुर सीखे. साल 2011 में वह 'प्रभात खबर डॉट कॉम' से जुड़े और तब से लगातार डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं.

प्रमुख उपलब्धियां और ग्राउंड रिपोर्टिंग

खेल पत्रकारिता और जमीनी रिपोर्टिंग में अरबिंद का योगदान उल्लेखनीय रहा है. उनकी कुछ सबसे बड़ी उपलब्धियों में शामिल हैं:

34वें राष्ट्रीय खेल: झारखंड में आयोजित ऐतिहासिक 34वें नेशनल गेम्स की बेहतरीन और व्यापक ग्राउंड रिपोर्टिंग.

अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट: रांची के जेएससीए (JSCA) स्टेडियम में आयोजित कई इंटरनेशनल क्रिकेट मैचों को करीब से कवर किया.

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शैक्षणिक योग्यता (Education & Credentials)

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