लंदन में ₹100 की क्या वैल्यू है? वायरल वीडियो ने दिखाई ‘कॉस्ट ऑफ लिविंग’ की कड़वी सच्चाई

Value of 100 rupees in london: लंदन के सुपरमार्केट में ₹100 लेकर निकली एक भारतीय महिला, लेकिन जो हकीकत सामने आई उसने सबको चौंका दिया. जानिए क्यों लंदन में ₹100 में पानी की बोतल भी मिलना मुश्किल है.

Value of 100 rupees in london: क्या आपने कभी सोचा है कि भारत के ₹100 का नोट विदेश में, खासकर लंदन जैसे महंगे शहर में कितनी दूर तक जा सकता है? हाल ही में ‘veggiwander’ नाम के एक इंस्टाग्राम हैंडल से शेयर किए गए एक वीडियो ने भारतीयों को सोचने पर मजबूर कर दिया है. 30 लाख से ज्यादा व्यूज बटोर चुका यह वीडियो ‘परचेजिंग पावर’ यानी खरीदने की ताकत का एक बड़ा सबक देता है.

भारत बनाम लंदन: उम्मीद और हकीकत

भारत में ₹100 का मतलब है ऑटो का किराया, एक प्लेट चाट, इडली-सांभर या फिर एक किलो फल. लेकिन जब इस ₹100 को पाउंड (£) में बदला जाता है, तो यह केवल 0.80 पाउंड रह जाता है.

सुपरमार्केट का वो ‘शॉकिंग’ सफर

वीडियो में एक महिला लंदन की एक सड़क पर स्थित सुपरमार्केट में ₹100 (0.80 पाउंड) लेकर घुसती है. उसने सोचा शायद एक पनीर-प्याज का सैंडविच मिल जाए, लेकिन उसकी कीमत £1.50 (करीब ₹187) थी. बजट से बाहर. उसे लगा पानी तो मिल ही जाएगा, पर 500 मिली की बोतल की कीमत £1.15 (करीब ₹143) निकली. महिला ने मायूसी से कहा, “पानी भी नहीं खरीद पाऊंगी.” फिर ओरियो का पैकेट £1.65 का था और एक बंदगोभी (कैबेज) भी £0.89 की थी.

दोनों ही ₹100 के नोट से ज्यादा महंगे थे. काफी खोजबीन के बाद उसे सिर्फ एक चीज मिली जो उसके बजट में थी. गाजर का एक छोटा पैकेट. इसकी कीमत £0.60 (करीब ₹75) थी. महिला ने एक फीकी मुस्कान के साथ कहा, “बस यही ले सकते हैं.” यह वीडियो सिर्फ करेंसी के उतार-चढ़ाव की बात नहीं करता, बल्कि यह बताता है कि अलग-अलग देशों में रहने का खर्च (Cost of Living) कितना अलग होता है. बेशक लंदन में सैलरी भारत से बहुत ज्यादा है, लेकिन एक टूरिस्ट या यात्री के लिए वहां की महंगाई वाकई होश उड़ाने वाली है.

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By Abhishek pandey

अभिषेक पाण्डेय पिछले तीन वर्षों से प्रभात खबर में डिजिटल जर्नलिस्ट के तौर पर काम कर रहे हैं। वे बिजनेस और अर्थव्यवस्था से जुड़ी खबरों को आसान भाषा में पाठकों तक पहुंचाने का काम करते हैं। शेयर बाजार, पर्सनल फाइनेंस, बैंकिंग, बजट, सरकारी योजनाएं, MSME, कृषि और इंडस्ट्री जैसे विषयों पर उनकी अच्छी पकड़ है। वे रिसर्च के साथ ऐसी खबरें और एक्सप्लेनर तैयार करते हैं, जिन्हें आम लोग भी आसानी से समझ सकें। इसके अलावा यूटिलिटी न्यूज और सक्सेस स्टोरीज लिखने में भी उनकी खास रुचि है।

पत्रकारिता अनुभव

अभिषेक ने पत्रकारिता की पढ़ाई माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय (MCU), भोपाल से की है, जिसे पत्रकारिता की दुनिया में 'दादा माखनलाल की बगिया' भी कहा जाता है।

करियर की शुरुआत उन्होंने राजस्थान पत्रिका के साथ की, जहां उन्होंने डिजिटल पत्रकारिता की बारीकियों को करीब से समझा। इसके बाद वे प्रभात खबर से जुड़े और पिछले तीन वर्षों से डिजिटल जर्नलिस्ट के रूप में काम कर रहे हैं।

इस दौरान उन्होंने बिजनेस, शेयर बाजार, पर्सनल फाइनेंस, बैंकिंग, बजट, सरकारी योजनाएं, कृषि, MSME और अर्थव्यवस्था से जुड़े कई अहम विषयों पर रिपोर्टिंग और रिसर्च आधारित लेख लिखे हैं। इसके अलावा वे वीडियो स्क्रिप्टिंग, एक्सप्लेनर स्टोरी, डेटा स्टोरी और डिजिटल कंटेंट पर भी लगातार काम करते हैं। उनकी कोशिश रहती है कि जटिल आर्थिक और वित्तीय विषयों को आसान और भरोसेमंद भाषा में पाठकों और दर्शकों तक पहुंचाया जाए।

शिक्षा

अभिषेक पाण्डेय ने माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय (MCU), भोपाल से पत्रकारिता एवं जनसंचार की पढ़ाई की है। यहां उन्होंने रिपोर्टिंग, डिजिटल मीडिया, न्यूज़ राइटिंग, वीडियो प्रोडक्शन और मल्टीमीडिया जर्नलिज्म की बारीकियां सीखीं, जिनका इस्तेमाल वे आज अपनी पत्रकारिता में कर रहे हैं।

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