Fact Check: क्या मोदी सरकार दे रही है किसानों को ट्रैक्टर पर सब्सिडी? जानें क्या है सच

पीआईबी फैक्ट चेक ने अपने ट्वीट में कहा, एक फर्जी वेबसाइट कृषि मंत्रालय के तहत पीएम किसान ट्रैक्टर योजना के नाम से किसानों को ट्रैक्टर सब्सिडी देने का दावा कर रही है. यह वेबसाइट फर्जी है और इस पर भरोसा नहीं किया जाना चाहिए.

केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार किसानों को आर्थिक मदद पहुंचाने के लिए कई तरह की योजनाएं चला रही है. सोशल मीडिया पर pm kisan tractor yojana तेजी से वायरल हो रही है, जिसमें दावा किया जा रहा है कि केंद्र सरकार सभी किसानों को ट्रैक्टर पर सब्सिडी देगी. तो आइये हम आपको इस योजना की सच्चाई बताते हैं.

ट्रैक्टर पर सब्सिडी को लेकर क्या किया जा रहा दावा

सोशल मीडिया पर वायरल मैसेज में दावा किया जा रहा है कि कृषि मंत्रालय की ओर से पीएम किसान ट्रैक्टर योजना के तहत सभी किसानों को ट्रैक्टर की खरीद पर सब्सिडी दी जा रही है. मैसेज में योजना का लाभ लेने के लिए लोगों से जुड़ने की अपील भी की जा रही है. इसके लिए एक लिंक भी दिया गया है. जिसमें लॉगइन करने की सलाह दी जा रही है.

क्या है ट्रैक्टर योजना का सच

जब सोशल मीडिया में पीएम किसान ट्रैक्टर योजना की चर्चा होने लगी, तो पीआईबी फैक्ट चेक की टीम ने इसकी पड़ताल की. पीआईबी फैक्ट चेक ने अपने आधिकारिक ट्विटर हैंडल से मैसेज को शेयर किया और इसकी सच्चाई बतायी. पीआईबी फैक्ट चेक ने अपने ट्वीट में कहा, एक फर्जी वेबसाइट कृषि मंत्रालय के तहत पीएम किसान ट्रैक्टर योजना के नाम से किसानों को ट्रैक्टर सब्सिडी देने का दावा कर रही है. यह वेबसाइट फर्जी है और इस पर भरोसा नहीं किया जाना चाहिए. पीआईबी की टीम ने बताया, कृषि मंत्रालय की ओर से इस तरह की कोई भी योजना नहीं चल रही है.

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ऑनलाइन धोखाधड़ी से रहें सावधान

हाल के दिनों में ऑनलाइन धोखाधड़ी के मामलों में इजाफा हुआ है. साइबर अपराधी लोगों को अपनी जाल में फंसाकर उनके खाते से पैसे ठगी कर लेते हैं. ऐसी अपराधी लोगों को किसी योजना से जुड़ने को लेकर ठगी का शिकार बनाते हैं, तो बैंकिंग के माध्यम से भी अपनी जाल में फंसाते हैं. इसलिए हमेशा यह सलाह दी जाती है कि कभी भी अपनी निजी जानकारी दूसरों से शेयर नहीं करना चाहिए.

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लेखक के बारे में

By Arbindkumar mishra

अरबिंद कुमार मिश्रा मुख्यधारा की पत्रकारिता में 15 वर्षों से अधिक का अनुभव रखने वाले एक वरिष्ठ पत्रकार और लेखक हैं. वर्तमान में, वह प्रभात खबर डॉट कॉम (Prabhat Khabar) में सीनियर कंटेंट राइटर के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. अरबिंद नेशनल, इंटरनेशनल और स्पोर्ट्स कैटेगरी में अपनी लेखनी के लिए जाने जाते हैं. गहरी रिसर्च पर आधारित स्पेशल स्टोरीज, रिपोर्टिंग और जटिल मुद्दों पर आसान भाषा में 'एक्सप्लेनर' लिखना उनकी मुख्य यूएसपी (USP) है.

झारखंड की समृद्ध संस्कृति और लोक परंपराओं में उनकी गहरी रुचि है. अपनी उत्कृष्ट और सरोकार से जुड़ी रिपोर्टिंग के लिए उन्हें संस्थान स्तर पर कई बार सम्मानित और पुरस्कृत भी किया जा चुका है.

करियर का सफरनामा

अरबिंद ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत देश की प्रतिष्ठित बहुभाषी न्यूज एजेंसी 'हिंदुस्थान समाचार' से बतौर रिपोर्टर की थी. इसके बाद उन्होंने प्रसार भारती के अंग दूरदर्शन और आकाशवाणी के साथ भी काम किया, जहां उन्होंने एंकरिंग, वॉइस-ओवर और रिपोर्टिंग के गुर सीखे. साल 2011 में वह 'प्रभात खबर डॉट कॉम' से जुड़े और तब से लगातार डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं.

प्रमुख उपलब्धियां और ग्राउंड रिपोर्टिंग

खेल पत्रकारिता और जमीनी रिपोर्टिंग में अरबिंद का योगदान उल्लेखनीय रहा है. उनकी कुछ सबसे बड़ी उपलब्धियों में शामिल हैं:

34वें राष्ट्रीय खेल: झारखंड में आयोजित ऐतिहासिक 34वें नेशनल गेम्स की बेहतरीन और व्यापक ग्राउंड रिपोर्टिंग.

अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट: रांची के जेएससीए (JSCA) स्टेडियम में आयोजित कई इंटरनेशनल क्रिकेट मैचों को करीब से कवर किया.

पुरुष हॉकी वर्ल्ड कप (2018): भुवनेश्वर में आयोजित वर्ल्ड कप के फाइनल मुकाबले की शानदार स्पोर्ट्स रिपोर्टिंग.

पंचायतनामा: प्रभात खबर के इस खास विंग के लिए ग्रामीण इलाकों का दौरा कर कई प्रेरक 'सक्सेस स्टोरीज' लिखीं.

शैक्षणिक योग्यता (Education & Credentials)

UGC NET: साल 2019 में यूजीसी नेट (UGC NET) की परीक्षा उत्तीर्ण की.

बैचलर ऑफ जर्नलिज्म (BJMC): रांची विश्वविद्यालय से साल 2011 में पत्रकारिता में स्नातक की डिग्री हासिल की.

एम.ए. (नागपुरी भाषा): रांची विश्वविद्यालय के 'जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विभाग' से साल 2009 में नागपुरी भाषा में स्नातकोत्तर (MA) की डिग्री हासिल की.

लेखन शैली और विशेषज्ञता: एक्सप्लेनर, रिसर्च बेस्ड स्टोरीज, स्पोर्ट्स जर्नलिज्म, इंटरनेशनल अफेयर्स और झारखंड की लोक-संस्कृति.

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