Success Story: BMW में बैठकर आता है ठेले पर चाट बेचने, जानिए करोड़पति शर्मा जी की कहानी Watch Video

Success Story: मुकेश शर्मा का ये सफर साल 1989 में शुरू हुआ था, जब उन्होंने सिर्फ 2 रुपये की प्लेट से शुरुआत की थी. आज वही दही भल्ला 50 रुपये में मिलता है, और उसके स्वाद के दीवाने सिर्फ नेहरू प्लेस से नहीं, बल्कि दिल्ली के अलग-अलग कोनों से पहुंचते हैं.

Success Story: दिल्ली के नेहरू प्लेस की भीड़भाड़ और कॉर्पोरेट ऑफिसों की भीड़ के बीच एक नाम ऐसा है, जो चाट प्रेमियों के दिल में खास जगह बनाए हुए है ‘शर्मा जी चाट’. इस ठेले को चलाते हैं मुकेश कुमार शर्मा, जिन्हें लोग प्यार से ‘करोड़पति भल्ले वाले’ भी कहते हैं. दिलचस्प बात ये है कि मुकेश शर्मा रोज़ाना BMW कार से आते हैं, लेकिन उनका ठेला अब भी फोल्डेबल टेबल पर ही लगता है.

1989 से जारी है स्वाद का सफर

मुकेश शर्मा का ये सफर साल 1989 में शुरू हुआ था, जब उन्होंने सिर्फ 2 रुपये की प्लेट से शुरुआत की थी. आज वही दही भल्ला 50 रुपये में मिलता है, और उसके स्वाद के दीवाने सिर्फ नेहरू प्लेस से नहीं, बल्कि दिल्ली के अलग-अलग कोनों से पहुंचते हैं.

दही भल्ले का राज – 16 मसालों का कमाल

मुकेश बताते हैं, “हमारा खास मसाला 16 अलग-अलग मसालों से बनता है और भल्ला मूंग दाल से तैयार किया जाता है.” इसके ऊपर हर दिन लगभग 40 किलो ताज़ा दही डाला जाता है. यही वजह है कि खाने वाले कहते हैं – “मुंह में जाते ही भल्ला घुल जाता है.”

डेट्स वाली चटनी और 6 महीने की गारंटी

उनकी खजूर से बनी मीठी चटनी भी बेहद लोकप्रिय है, जिस पर मुकेश 6 महीने की गारंटी देते हैं. चटनी समेत लगभग सभी सामग्री उनके घर पर ही तैयार होती है – सिर्फ नमक को छोड़कर. इस आत्मनिर्भरता और क्वालिटी कंट्रोल की वजह से शर्मा जी के चाट का स्वाद हमेशा एक जैसा रहता है.

2:30 बजे उठकर लगाते हैं दुकान

मुकेश शर्मा रोज़ाना सुबह 2:30 बजे उठते हैं ताकि भल्ला बनाने की सारी तैयारी समय पर हो सके. उनकी दुकान आमतौर पर सुबह 9 से 10 बजे के बीच खुलती है और शाम 7 बजे तक चलती है. मुकेश शर्मा की ये विरासत तीन पीढ़ियों पुरानी है. पहले उनका परिवार कोलकाता में दही भल्ले की दुकान चलाता था. बाद में दिल्ली शिफ्ट होकर उन्होंने इस काम को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया.

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Published by: Abhishek pandey

अभिषेक पाण्डेय पिछले तीन वर्षों से प्रभात खबर में डिजिटल जर्नलिस्ट के तौर पर काम कर रहे हैं। वे बिजनेस और अर्थव्यवस्था से जुड़ी खबरों को आसान भाषा में पाठकों तक पहुंचाने का काम करते हैं। शेयर बाजार, पर्सनल फाइनेंस, बैंकिंग, बजट, सरकारी योजनाएं, MSME, कृषि और इंडस्ट्री जैसे विषयों पर उनकी अच्छी पकड़ है। वे रिसर्च के साथ ऐसी खबरें और एक्सप्लेनर तैयार करते हैं, जिन्हें आम लोग भी आसानी से समझ सकें। इसके अलावा यूटिलिटी न्यूज और सक्सेस स्टोरीज लिखने में भी उनकी खास रुचि है।

पत्रकारिता अनुभव

अभिषेक ने पत्रकारिता की पढ़ाई माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय (MCU), भोपाल से की है, जिसे पत्रकारिता की दुनिया में 'दादा माखनलाल की बगिया' भी कहा जाता है।

करियर की शुरुआत उन्होंने राजस्थान पत्रिका के साथ की, जहां उन्होंने डिजिटल पत्रकारिता की बारीकियों को करीब से समझा। इसके बाद वे प्रभात खबर से जुड़े और पिछले तीन वर्षों से डिजिटल जर्नलिस्ट के रूप में काम कर रहे हैं।

इस दौरान उन्होंने बिजनेस, शेयर बाजार, पर्सनल फाइनेंस, बैंकिंग, बजट, सरकारी योजनाएं, कृषि, MSME और अर्थव्यवस्था से जुड़े कई अहम विषयों पर रिपोर्टिंग और रिसर्च आधारित लेख लिखे हैं। इसके अलावा वे वीडियो स्क्रिप्टिंग, एक्सप्लेनर स्टोरी, डेटा स्टोरी और डिजिटल कंटेंट पर भी लगातार काम करते हैं। उनकी कोशिश रहती है कि जटिल आर्थिक और वित्तीय विषयों को आसान और भरोसेमंद भाषा में पाठकों और दर्शकों तक पहुंचाया जाए।

शिक्षा

अभिषेक पाण्डेय ने माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय (MCU), भोपाल से पत्रकारिता एवं जनसंचार की पढ़ाई की है। यहां उन्होंने रिपोर्टिंग, डिजिटल मीडिया, न्यूज़ राइटिंग, वीडियो प्रोडक्शन और मल्टीमीडिया जर्नलिज्म की बारीकियां सीखीं, जिनका इस्तेमाल वे आज अपनी पत्रकारिता में कर रहे हैं।

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