Akshaya Tritiya Impact On Gold: कल रविवार, 19 अप्रैल को अक्षय तृतीया का पावन पर्व है. भारतीय परंपरा में इस दिन को सुख-समृद्धि का प्रतीक माना जाता है और सोना खरीदना बेहद शुभ माना जाता है. इस बार सोने की कीमतें सातवें आसमान पर हैं, लेकिन इसके बावजूद इन्वेस्टर्स और आम जनता के बीच सोने को लेकर भारी उत्साह देखा जा रहा है. पिछले एक साल में सोने ने 60% से ज्यादा का रिटर्न दिया है, जिसने इसे इनवेस्टमेंट का सबसे सुरक्षित और फायदेमंद जरिया बना दिया है.
क्या इस बार कम खरीदारी होगी?
ANI की रिपोर्ट के अनुसार, कीमतें बढ़ने की वजह से गहनों के वजन या मात्रा में थोड़ी कमी देखी जा सकती है, लेकिन बाजार के जानकारों का मानना है कि वैल्यू के मामले में मांग बहुत मजबूत रहेगी. वर्ल्ड गोल्ड काउंसिल के इंडिया सीईओ सचिन जैन के अनुसार, सोने की कीमतों में साल की शुरुआत से अब तक 14-16% की तेजी आई है. जियो-पॉलिटिकल तनाव और वैश्विक अनिश्चितता के कारण लोग सोने को सेफ हेवन यानी सबसे सुरक्षित संपत्ति मान रहे हैं. भले ही लोग भारी गहने कम खरीदें, लेकिन वे शुभ मुहूर्त पर सोना खरीदने की परंपरा को जरूर निभाएंगे.
युवा पीढ़ी को क्या पसंद आ रहा है?
आजकल के युवा खरीदारों की पसंद में बड़ा बदलाव आया है. अब लोग भारी-भरकम पारंपरिक गहनों के बजाय लाइटवेट और मॉडर्न डिजाइन वाली ज्वेलरी को ज्यादा पसंद कर रहे हैं. बाजार में 22 कैरेट के साथ-साथ 18 कैरेट के ऑप्शंस की मांग भी बढ़ी है. इसके अलावा, डिजिटल गोल्ड और गोल्ड ETF (Exchange Traded Funds) जैसे ऑप्शन युवाओं के लिए इनवेस्टमेंट का एक आसान और सस्ता रास्ता बन गए हैं. यह दिखाता है कि अब सोना सिर्फ दिखावे की वस्तु नहीं, बल्कि एक स्मार्ट इन्वेस्टमेंट बनता जा रहा है.
इनवेस्टमेंट के लिए क्या है बेस्ट ऑप्शन?
कोटक नियो रिसर्च की रिपोर्ट बताती है कि इस बार सिक्कों और छोटी ईंटों (Bars) की बिक्री में जबरदस्त उछाल आने की उम्मीद है. लोग अब गहनों के मुकाबले सिक्कों में इन्वेस्ट करना ज्यादा फायदेमंद मान रहे हैं क्योंकि इन्हें बेचना या नकदी में बदलना (Liquidity) आसान होता है. एक्सपर्ट्स की सलाह है कि पोर्टफोलियो को स्थिर रखने के लिए अपनी कुल जमा पूंजी का 8 से 15 प्रतिशत हिस्सा सोने में इन्वेस्ट करना एक समझदारी भरा कदम है. साथ ही, इस साल चांदी को भी एक बेहतर ऑप्शन के रूप में देखा जा रहा है.
बाजार का अगला रुख क्या होगा?
MCX पर सोने की कीमतें अपने निचले स्तर से करीब 30% तक सुधर चुकी हैं और फिलहाल यह 1,50,000 रुपये के ऊपर ट्रेड कर रहा है. हालांकि, तकनीकी तौर पर 1,60,000 से 1,75,000 रुपये के बीच कुछ रुकावटें आ सकती हैं, लेकिन लंबी अवधि के लिए सोने का रुझान सकारात्मक बना हुआ है. दुनिया भर के केंद्रीय बैंक भी अब डॉलर के मुकाबले सोने को तरजीह दे रहे हैं, जिससे इसकी कीमतों को लगातार सहारा मिल रहा है. इसलिए, अक्षय तृतीया पर सोने की चमक फीकी पड़ने की कोई गुंजाइश नहीं दिख रही है.
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