Meta Layoffs: अगले महीने 8,000 कर्मचारियों की जाएगी नौकरी, AI बना बड़ी वजह

Meta Layoffs: फेसबुक की पैरेंट कंपनी मेटा अगले महीने करीब 8,000 कर्मचारियों की छंटनी करने जा रही है. मार्क जुकरबर्ग अब AI पर दांव लगा रहे हैं और कंपनी को 'छोटा और तेज' बनाने की तैयारी में हैं.

Meta Layoffs: फेसबुक, इंस्टाग्राम और व्हाट्सएप की मालिकाना हक वाली कंपनी मेटा (Meta) एक बार फिर बड़े स्तर पर छंटनी की तैयारी कर रही है. रिपोर्ट्स के मुताबिक, कंपनी अगले महीने अपने ग्लोबल वर्कफोर्स के लगभग 10% हिस्से, यानी करीब 8,000 कर्मचारियों को बाहर का रास्ता दिखा सकती है.

छंटनी का पूरा प्लान क्या है?

रॉयटर्स की रिपोर्ट के अनुसार, मेटा इस साल छंटनी के कई दौर चलाने वाली है:

  • पहला दौर (20 मई): शुरुआती दौर में करीब 8,000 कर्मचारियों की छंटनी होगी.
  • दूसरा दौर: साल की दूसरी छमाही (Second Half) में और भी कटौती की योजना है, जिसकी संख्या अभी तय नहीं हुई है.

क्यों हो रही है छंटनी?

  • AI पर बड़ा दांव: मार्क जुकरबर्ग AI तकनीक पर अरबों डॉलर खर्च कर रहे हैं. उनका मानना है कि AI की मदद से कम लोग ज्यादा काम कर पाएंगे.
  • मैनेजमेंट की परतों में कमी: कंपनी मैनेजमेंट के लेयर्स को कम कर रही है ताकि फैसले तेजी से लिए जा सकें.
  • टीमों का पुनर्गठन: मेटा ने अपने ‘रियलिटी लैब्स’ डिवीजन को बदल दिया है और इंजीनियर्स को नई ‘Applied AI’ टीम में शिफ्ट कर दिया है, जो खुद से कोड लिखने वाले AI एजेंट बना रही है.

सिर्फ मेटा ही नहीं, पूरी टेक इंडस्ट्री में खलबली

साल 2026 में छंटनी का सिलसिला सिर्फ मेटा तक सीमित नहीं है. बड़ी टेक कंपनियां AI के कारण अपनी वर्कफोर्स को ‘ट्रिम’ (छोटा) कर रही हैं:

  • Amazon: हाल के महीनों में 30,000 कॉर्पोरेट कर्मचारियों की छंटनी की.
  • Block (Fintech): अपने लगभग आधे स्टाफ को कम कर दिया.
  • आंकड़े: Layoffs.fyi के अनुसार, इस साल अब तक 73,212 टेक कर्मचारी अपनी नौकरी गंवा चुके हैं.

मेटा की मौजूदा स्थिति

मेटा ने पिछले साल $200 बिलियन से ज्यादा का रेवेन्यू कमाया और $60 बिलियन का मुनाफा दर्ज किया. कंपनी की आर्थिक स्थिति मजबूत है, लेकिन जुकरबर्ग इसे भविष्य के लिए और अधिक ‘एफिशिएंट’ बनाना चाहते हैं. इससे पहले 2022-23 में भी मेटा ने लगभग 21,000 नौकरियां खत्म की थीं.

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By Abhishek Pandey

अभिषेक पाण्डेय पिछले 2 वर्षों से प्रभात खबर (Prabhat Khabar) में डिजिटल जर्नलिस्ट के रूप में कार्यरत हैं। उन्होंने पत्रकारिता के प्रतिष्ठित संस्थान 'दादा माखनलाल की बगिया' यानी माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय, भोपाल (MCU) से मीडिया की बारीकियां सीखीं और अपनी शैक्षणिक योग्यता पूरी की है। अभिषेक को वित्तीय जगत (Financial Sector) और बाजार की गहरी समझ है। वे नियमित रूप से स्टॉक मार्केट (Stock Market), पर्सनल फाइनेंस, बजट और बैंकिंग जैसे जटिल विषयों पर गहन शोध के साथ विश्लेषणात्मक लेख लिखते हैं। इसके अतिरिक्त, इंडस्ट्री न्यूज, MSME सेक्टर, एग्रीकल्चर (कृषि) और केंद्र व राज्य सरकार की सरकारी योजनाओं (Sarkari Yojana) का प्रभावी विश्लेषण उनके लेखन के मुख्य क्षेत्र हैं। आम जनमानस से जुड़ी यूटिलिटी (Utility) खबरों और प्रेरणादायक सक्सेस स्टोरीज को पाठकों तक पहुँचाने में उनकी विशेष रुचि है। तथ्यों की सटीकता और सरल भाषा अभिषेक के लेखन की पहचान है, जिसका उद्देश्य पाठकों को हर महत्वपूर्ण बदलाव के प्रति जागरूक और सशक्त बनाना है।

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