Share Market News|Budget 2022|आम बजट से पहले शेयर बाजार (Share Market News) में तेजी का रुख रहा. आर्थिक सर्वे पेश किये जाने के बाद मुंबई शेयर बाजार का सेंसेक्स 814 अंक उछला, जबकि निफ्टी में 238 अंक की तेजी देखी गयी. शेयर बाजारों के मानक सूचकांक सेंसेक्स (Sensex) और निफ्टी (Nifty) सोमवार को संसद में पेश आर्थिक सर्वे में वर्ष 2021-22 की आर्थिक वृद्धि दर 9.2 प्रतिशत रहने का अनुमान जताये जाने के बाद बाजार में दोपहर के सत्र में 1.5 प्रतिशत से भी ज्यादा उछल गये.
सकारात्मक अनुमान से शेयर बाजार में आयी तेजी
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने वर्ष 2021-22 का आर्थिक सर्वे पेश किया, जिसमें चालू वित्त वर्ष के लिए वृद्धि दर 9.2 प्रतिशत रहने का अनुमान जताया गया है. इतना ही नहीं, आर्थिक गतिविधियों के भी अब कोविड महामारी-पूर्व स्तर तक पहुंच जाने का दावा किया गया है. इस सकारात्मक अनुमान ने शेयर बाजारों को तेजी दी और दोपहर के सत्र में सेंसेक्स एवं निफ्टी दोनों ही उछल गये.
अधिकतर कंपनियां रहीं लाभ में
मुंबई शेयर बाजार के तीस शेयरों वाला सेंसेक्स 813.94 अंक यानी 1.42 प्रतिशत तक बढ़कर 58,014.17 अंक पर बंद हुआ. इसी तरह एनएसई का निफ्टी भी 237.90 अंक यानी 1.39 फीसदी की बढ़त के साथ 17,339.85 अंक पर पहुंच गया. सेंसेक्स में शामिल कंपनियों में से एचयूएल, कोटक महिंद्रा बैंक और इंडसइंड बैंक को छोड़कर सभी कंपनियां दोपहर तक लाभ में कारोबार कर रहीं थीं.
Also Read: Economic Survey: कृषि से जुड़े क्षेत्रों को प्राथमिकता देने, वैकल्पिक उर्वरकों को बढ़ावा देने की जरूरत
शेयर बाजार में खुदरा निवेशकों की भागीदारी बढ़ी
आर्थिक सर्वे में कहा गया है कि भारतीय प्रतिभूति बाजार में खुदरा निवेशकों की दिलचस्पी बढ़ी है. शेयर बाजार में उछाल के कारण अप्रैल-नवंबर 2021 में 2.21 करोड़ व्यक्तिगत डीमैट अकाउंट खोले गये. भारतीय शेयर बाजारों में तेजी का रुख बने रहने से इक्विटी क्षेत्र में व्यक्तिगत निवेशकों की भागीदारी बढ़ी है और एनएसई में कुल कारोबार में व्यक्तिगत निवेशकों की हिस्सेदारी 2019-20 के 38.8 प्रतिशत से बढ़कर अप्रैल-अक्टूबर 2021 में 44.7 प्रतिशत हो गयी.
हर महीने औसतन 26 लाख डीमैट अकाउंट खोले गये
बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि वर्ष 2019-20 में प्रत्येक महीने औसतन 4 लाख नये डीमैट अकाउंट खोले गये, जो चालू वित्त वर्ष में बढ़कर 26 लाख प्रतिमाह से अधिक हो गया. अधिक भागीदारी के पीछे वजह है शेयर बाजारों में उछाल. वर्ष 2021 में अप्रैल से दिसंबर के बीच सेंसेक्स और निफ्टी क्रमश: 17.7 फीसदी और 18.1 फीसदी चढ़ गये.
Also Read: Economic Survey: सामाजिक क्षेत्र पर 2021-22 में 71.61 लाख करोड़ रुपये खर्च हुए
म्यूचुअल फंड की पूंजी में बंपर इजाफा
म्यूचुअल फंड उद्योग की प्रबंधन के तहत परिसंपत्तियां (एयूएम) नवंबर 2021 के अंत में 24.4 फीसदी बढ़कर 37.3 लाख करोड़ रुपये हो गयी, जो नंवबर 2020 के अंत में 30 लाख करोड़ रुपये थी. नवंबर 2021 की स्थिति के अनुसार, विदेशी पोर्टफोलियो निवेशक (एफपीआई) का शुद्ध निवेश 9.2 फीसदी बढ़कर 288.4 अरब डॉलर हो गया, जो नवंबर 2020 के अंत में 264 अरब डॉलर था.
Posted By: Mithilesh Jha
