Adani Group Case: सेबी ने हिंडनबर्ग रिसर्च को भेजा कारण बताओ नोटिस

Adani Group Case: फरवरी 2023 में अमेरिकी शॉर्ट सेलर हिंडनबर्ग रिसर्च ने अदाणी ग्रुप को लेकर एक रिपोर्ट जारी की थी. इस रिपोर्ट में अदाणी ग्रुप पर शेयरों में हेराफेरी और वित्तीय अनियमितता का आरोप लगाया था.

Adani Group Case: अमेरिकी शॉर्ट सेलर हिंडनबर्ग रिसर्च की ओर से अदाणी ग्रुप पर शेयरों में हेराफेरी के आरोप मामले में बाजार विनियामक भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) ने कार्रवाई तेज कर दी है. इस मामले में बाजार विनियामक सेबी ने अमेरिकी शॉर्ट सेलर हिंडनबर्ग रिसर्च को कारण बताओ नोटिस जारी किया है.

भ्रष्टाचार उजागर करने वालों को चुप कराने का प्रयास : हिंडनबर्ग

सेबी की ओर से कारण बताओ नोटिस जारी किए जाने के बाद अमेरिकी शॉर्ट सेलर कंपनी हिंडनबर्ग ने कहा कि भारतीय बाजार विनियामक सेबी ने उसे कारण बताओ नोटिस जारी किया है. उसने इस नोटिस को ‘बेतुका’ और पूर्व-निर्धारित उद्देश्य की पूर्ति के लिए गढ़ा गया बताया है. हिंडनबर्ग रिसर्च ने कहा है कि यह भारत में सबसे शक्तिशाली व्यक्तियों की ओर से किए गए भ्रष्टाचार और धोखाधड़ी को उजागर करने वालों को चुप कराने और डराने का प्रयास है.

सेबी के नोटिस में हिंडनबर्ग और निवेशक के संबंध का खुलासा

सेबी की ओर से भेजे गए कारण बताओ नोटिस में हिंडेनबर्ग के उस निवेशक के साथ संबंधों पर भी प्रकाश डाला गया है, जिसने पहले ही अदाणी ग्रुप के शेयरों को शॉर्ट कर दिया था. हिंडेनबर्ग रिसर्च के अनुसार, नोटिस में कहा गया है कि इसकी रिपोर्ट में कुछ गलत बयानी या गलत बयान शामिल हैं.

क्या है हिंडनबर्ग का Adani Group पर आरोप

मीडिया की रिपोर्ट के अनुसार, फरवरी 2023 में अमेरिकी शॉर्ट सेलर हिंडनबर्ग रिसर्च ने अदाणी ग्रुप को लेकर एक रिपोर्ट जारी की थी. इस रिपोर्ट में अदाणी ग्रुप पर शेयरों में हेराफेरी और वित्तीय अनियमितता का आरोप लगाया था. हिंडनबर्ग की रिपोर्ट में कहा गया था कि अदाणी ग्रुप की कुछ सूचीबद्ध कंपनियों में 80 फीसदी तक की गिरावट का अनुमान लगाया गया था. इस रिपोर्ट ने इन शेयरों में भारी बिकवाली को बढ़ावा दिया था.

और पढ़ें: इतिहास रचने की तैयारी में शेयर बाजार, 80000 के करीब पहुंचकर खुला सेंसेक्स

Adani Group की कंपनियों ने कर ली नुकसान की भरपाई

अंग्रेजी की वेबसाइट सीएनबीसी की एक रिपोर्ट के अनुसार, हिंडनबर्ग की ओर से अदाणी ग्रुप पर शेयरों में हेराफेरी का आरोप लगाए जाने के बाद ग्रुप की अधिकांश कंपनियों खासकर अदाणी एंटरप्राइजेज और अडानी पोर्ट्स ने नुकसानों की भरपाई कर ली है. हाल ही में, अदाणी एंटरप्राइजेज ने क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल प्लेसमेंट (क्यूआईपी) रूट और अन्य तरीकों से 16,600 करोड़ रुपये जुटाने की योजना की घोषणा की है.

और पढ़ें: Gold Price: सोना खरीदने का बेहतरीन मौका, क्या है आज का ताजा भाव

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

By KumarVishwat Sen

कुमार विश्वत सेन प्रभात खबर डिजिटल में डेप्यूटी चीफ कंटेंट राइटर हैं. इनके पास हिंदी पत्रकारिता का 25 साल से अधिक का अनुभव है. इन्होंने 21वीं सदी की शुरुआत से ही हिंदी पत्रकारिता में कदम रखा. दिल्ली विश्वविद्यालय से हिंदी पत्रकारिता का कोर्स करने के बाद दिल्ली के दैनिक हिंदुस्तान से रिपोर्टिंग की शुरुआत की. इसके बाद वे दिल्ली में लगातार 12 सालों तक रिपोर्टिंग की. इस दौरान उन्होंने दिल्ली से प्रकाशित दैनिक हिंदुस्तान दैनिक जागरण, देशबंधु जैसे प्रतिष्ठित अखबारों के साथ कई साप्ताहिक अखबारों के लिए भी रिपोर्टिंग की. 2013 में वे प्रभात खबर आए. तब से वे प्रिंट मीडिया के साथ फिलहाल पिछले 10 सालों से प्रभात खबर डिजिटल में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. इन्होंने अपने करियर के शुरुआती दिनों में ही राजस्थान में होने वाली हिंदी पत्रकारिता के 300 साल के इतिहास पर एक पुस्तक 'नित नए आयाम की खोज: राजस्थानी पत्रकारिता' की रचना की. इनकी कई कहानियां देश के विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित हुई हैं.

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >