Salary in Saudi Arabia: सऊदी में 10 हजार की कमाई मतलब इंडिया में कितने? हिसाब जानकर होश उड़ जाएंगे

Salary in Saudi Arabia: भारत में बेरोजगारी के चलते लोग विदेश में काम करने जाते हैं, जहां कमाई ज्यादा होती है. सऊदी में 10,000 रियाल की सैलरी भारत में ₹2.95 लाख के बराबर है. मेहनत ज्यादा है, दूरियां भी हैं, लेकिन सपनों के लिए लोग सब सहते हैं.

Salary in Saudi Arabia: भारत में पढ़ाई तो हर कोई कर लेता है, लेकिन नौकरी? वो भगवान भरोसे है. शहरों में प्राइवेट जॉब वाले लोग जैसे-तैसे टिके हुए हैं और गांवों में तो हाल ही ऐसा है कि डिग्री हो या ना हो, काम मिलना मुश्किल है. ऐसे में लोग कहते हैं – भाई कुछ साल विदेश में जाकर पैसे कमा लो, ज़िंदगी पटरी पर आ जाएगी.

मोहल्ले वाला शमीम जब दुबई से लौटा

अब मान लो किसी के मोहल्ले में शमीम नाम का लड़का दुबई से नया-नया आया हो. उसके कपड़े ब्रांडेड, फोन नया और जेब में गाड़ी की चाबी हो, तो बाकी के लड़के यही सोचते हैं – “बस! हमें भी बाहर जाना है.” और यहीं से शुरू होती है विदेश कमाने की जर्नी.

सऊदी में 10 हज़ार रियाल की कमाई = इंडिया में ₹2.95 लाख

अब असली सवाल – बाहर कमाकर आता क्या है? तो सुनिए – 1 सऊदी रियाल की कीमत अभी करीब ₹22.96 है. अगर कोई बंदा सऊदी में 10,000 रियाल कमा रहा है, तो इंडिया में वो करीब ₹229567.82 के बराबर होता है यानी उतना ही काम, लेकिन तगड़ी कमाई.

गूगल से स्क्रीनशॉट

कौन-कौन से काम करते हैं हमारे लोग?

सब समझते हैं कि विदेश में सिर्फ पढ़े-लिखे लोग जाते हैं, पर ऐसा नहीं है. सऊदी, कुवैत, दुबई जैसे देशों में भारत से मिस्त्री, प्लंबर, वेल्डर, ड्राइवर, सिक्योरिटी गार्ड, वेटर, होटल स्टाफ – सब जाते हैं. और पढ़े-लिखे तो डॉक्टर, इंजीनियर, नर्स, IT वाले जैसे हाई-फाई काम करते ही हैं.

आसान नहीं होती विदेश की जिंदगी

हां, पैसा ज्यादा है लेकिन दिक्कतें भी हैं. गर्मी जबरदस्त होती है, कई बार 12-14 घंटे काम करना पड़ता है और सबसे बड़ी बात – परिवार से सालों तक दूर रहना पड़ता है. लेकिन फिर भी लोग जाते हैं, क्योंकि घर के सपनों को पूरा करने का यही रास्ता दिखता है.

आखिर में बात दिल की. विदेश जाना सिर्फ कमाने की कहानी नहीं है, ये उम्मीद, मेहनत और कुर्बानी की कहानी है. लोग वहां रहते हैं ताकि इंडिया में उनके लोग चैन से रह सकें और यही सोच उन्हें हर दर्द सहने की ताकत देती है.

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लेखक के बारे में

By Abhishek pandey

अभिषेक पाण्डेय पिछले तीन वर्षों से प्रभात खबर में डिजिटल जर्नलिस्ट के तौर पर काम कर रहे हैं। वे बिजनेस और अर्थव्यवस्था से जुड़ी खबरों को आसान भाषा में पाठकों तक पहुंचाने का काम करते हैं। शेयर बाजार, पर्सनल फाइनेंस, बैंकिंग, बजट, सरकारी योजनाएं, MSME, कृषि और इंडस्ट्री जैसे विषयों पर उनकी अच्छी पकड़ है। वे रिसर्च के साथ ऐसी खबरें और एक्सप्लेनर तैयार करते हैं, जिन्हें आम लोग भी आसानी से समझ सकें। इसके अलावा यूटिलिटी न्यूज और सक्सेस स्टोरीज लिखने में भी उनकी खास रुचि है।

पत्रकारिता अनुभव

अभिषेक ने पत्रकारिता की पढ़ाई माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय (MCU), भोपाल से की है, जिसे पत्रकारिता की दुनिया में 'दादा माखनलाल की बगिया' भी कहा जाता है।

करियर की शुरुआत उन्होंने राजस्थान पत्रिका के साथ की, जहां उन्होंने डिजिटल पत्रकारिता की बारीकियों को करीब से समझा। इसके बाद वे प्रभात खबर से जुड़े और पिछले तीन वर्षों से डिजिटल जर्नलिस्ट के रूप में काम कर रहे हैं।

इस दौरान उन्होंने बिजनेस, शेयर बाजार, पर्सनल फाइनेंस, बैंकिंग, बजट, सरकारी योजनाएं, कृषि, MSME और अर्थव्यवस्था से जुड़े कई अहम विषयों पर रिपोर्टिंग और रिसर्च आधारित लेख लिखे हैं। इसके अलावा वे वीडियो स्क्रिप्टिंग, एक्सप्लेनर स्टोरी, डेटा स्टोरी और डिजिटल कंटेंट पर भी लगातार काम करते हैं। उनकी कोशिश रहती है कि जटिल आर्थिक और वित्तीय विषयों को आसान और भरोसेमंद भाषा में पाठकों और दर्शकों तक पहुंचाया जाए।

शिक्षा

अभिषेक पाण्डेय ने माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय (MCU), भोपाल से पत्रकारिता एवं जनसंचार की पढ़ाई की है। यहां उन्होंने रिपोर्टिंग, डिजिटल मीडिया, न्यूज़ राइटिंग, वीडियो प्रोडक्शन और मल्टीमीडिया जर्नलिज्म की बारीकियां सीखीं, जिनका इस्तेमाल वे आज अपनी पत्रकारिता में कर रहे हैं।

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