पिता के निवेश पर नजर नहीं रख पाए सपूत, अब शेयर खोजने के लिए कर रहे संघर्ष

Retail Investors News: सेबी की चेयरपर्सन माधवी पुरी बुच ने बताया कि शुरुआती रिटेल इन्वेस्टर्स के वारिस अपने पिता के निवेश पर नजर नहीं रख पा रहे हैं. इस समस्या को हल करने के लिए NSDL और CDSL ने Integrated Investor App लॉन्च किया है, जिससे सभी इन्वेस्टमेंट एक ही प्लेटफॉर्म पर दिखेंगे.

Retail Investors News: भारत के शुरुआती रिटेल इन्वेस्टर्स (Retail Investors) के वारिस अब अपने पिता और पूर्वजों के निवेश से जुड़ी जानकारी हासिल करने के लिए संघर्ष कर रहे हैं. बाजार विनियामक भारतीय प्रतिभूति एवं विनियामक बोर्ड (SEBI) की चेयरपर्सन माधवी पुरी बुच ने गुरुवार को कहा कि पूंजी बाजार नियामक उत्तराधिकार से जुड़ी प्रक्रिया को आसान बनाने के लिए काम कर रहा है.

20 साल पहले नहीं थी यह समस्या

माधवी पुरी बुच ने बताया कि पहले यह समस्या देखने को नहीं मिलती थी. उन्होंने कहा कि अब जैसे-जैसे पुरानी पीढ़ी गुजर रही है, वैसे-वैसे उनके उत्तराधिकारियों को अपने पारिवारिक निवेश की सही जानकारी नहीं मिल पा रही. उन्हें नहीं पता कि शेयर कहां रखे गए हैं और वे इन तक कैसे पहुंच सकते हैं.

SEBI का नया समाधान

भारतीय डिपॉजिटरीज NSDL और CDSL ने इस समस्या को हल करने के लिए एक Integrated Investor App लॉन्च किया है, जिससे सभी शेयरधारिता को एक ही प्लेटफॉर्म पर देखा जा सकता है. इससे उत्तराधिकारियों को अपने विरासत में मिले निवेश की सही जानकारी मिलेगी और वे आसानी से अपने इन्वेस्टमेंट को मैनेज कर सकेंगे.

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अब तक सिर्फ बड़े निवेशकों को थी सुविधा

अब तक यह सुविधा सिर्फ बड़े निवेशकों के लिए उपलब्ध थी, लेकिन सेबी और डिपॉजिटरी कंपनियों ने इसे छोटे निवेशकों के लिए भी आसान बना दिया है. इस नए ऐप से लाखों खुदरा निवेशकों को फायदा होगा और उत्तराधिकारियों को अपने निवेश की स्पष्ट जानकारी मिलेगी.

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लेखक के बारे में

By KumarVishwat Sen

कुमार विश्वत सेन प्रभात खबर डिजिटल में डेप्यूटी चीफ कंटेंट राइटर हैं. इनके पास हिंदी पत्रकारिता का 25 साल से अधिक का अनुभव है. इन्होंने 21वीं सदी की शुरुआत से ही हिंदी पत्रकारिता में कदम रखा. दिल्ली विश्वविद्यालय से हिंदी पत्रकारिता का कोर्स करने के बाद दिल्ली के दैनिक हिंदुस्तान से रिपोर्टिंग की शुरुआत की. इसके बाद वे दिल्ली में लगातार 12 सालों तक रिपोर्टिंग की. इस दौरान उन्होंने दिल्ली से प्रकाशित दैनिक हिंदुस्तान दैनिक जागरण, देशबंधु जैसे प्रतिष्ठित अखबारों के साथ कई साप्ताहिक अखबारों के लिए भी रिपोर्टिंग की. 2013 में वे प्रभात खबर आए. तब से वे प्रिंट मीडिया के साथ फिलहाल पिछले 10 सालों से प्रभात खबर डिजिटल में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. इन्होंने अपने करियर के शुरुआती दिनों में ही राजस्थान में होने वाली हिंदी पत्रकारिता के 300 साल के इतिहास पर एक पुस्तक 'नित नए आयाम की खोज: राजस्थानी पत्रकारिता' की रचना की. इनकी कई कहानियां देश के विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित हुई हैं.

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