किराये का घर छोड़ते समय सबसे ज्यादा चिंता इस बात की रहती है कि मकान मालिक सिक्योरिटी डिपॉजिट में से कितने पैसे वापस करेगा. कई बार मकान मालिक दीवारों की पेंटिंग, सफाई या घर के पुराने दिखने के नाम पर डिपॉजिट से पैसे काट लेते हैं. लेकिन हर तरह की टूट-फूट या पुरानी हालत का खर्च किरायेदार के जिम्मे नहीं होता.
भारत में लागू किरायेदारी नियमों और कोर्ट से जुड़े सिद्धांतों के मुताबिक, घर के सामान्य इस्तेमाल से होने वाली टूट-फूट को नॉर्मल वियर एंड टियर माना जाता है. इसका खर्च आम तौर पर मकान मालिक को उठाना होता है.
क्या पुराने पेंट के पैसे डिपॉजिट से कट सकते हैं?
Transfer of Property Act, 1882 की Section 108(m) के तहत किरायेदार को किराए की अवधि के दौरान प्रॉपर्टी को अच्छी हालत में रखना होता है और लीज खत्म होने पर उसे मूल स्थिति में लौटाना होता है. हालांकि, इसका मतलब यह नहीं है कि घर छोड़ते समय हर फीके पेंट या मामूली निशान की कीमत किरायेदार से वसूली जा सकती है. रिपोर्ट्स में दिल्ली हाई कोर्ट के एक फैसले का हवाला देते हुए बताया गया है कि सामान्य इस्तेमाल से होने वाले नुकसान, जैसे नियमित सफेदी या पेंटिंग, का खर्च आम तौर पर मकान मालिक का होता है.
यानी इन वजहों से डिपॉजिट काटना उचित नहीं माना जाता:
- समय के साथ दीवारों का पेंट फीका पड़ना
- सामान्य इस्तेमाल से मामूली निशान पड़ना
- रोजमर्रा के इस्तेमाल से होने वाली सामान्य गंदगी
- घर का सामान्य रूप से पुराना होना
किन मामलों में मकान मालिक पैसे काट सकता है?
अगर नुकसान सामान्य इस्तेमाल से ज्यादा है और उसकी वजह किरायेदार की लापरवाही या गलत इस्तेमाल है, तो डिपॉजिट से रकम काटी जा सकती है. उदाहरण के लिए:
कोई फिक्सचर टूट जाना
- दीवार में गहरे या ज्यादा छेद होना
- दीवार को गंभीर नुकसान पहुंचना
- लापरवाही से ऐसा नुकसान होना, जिसकी मरम्मत में खर्च आया हो
लेकिन मकान मालिक को यह बताना होगा कि नुकसान क्या हुआ, वह किरायेदार की वजह से कैसे हुआ और मरम्मत में वास्तव में कितना खर्च आया.
सिक्योरिटी डिपॉजिट से कटौती के क्या नियम हैं?
किराए के एग्रीमेंट में सिक्योरिटी डिपॉजिट और कटौती से जुड़ी शर्तें लिखी हो सकती हैं. लेकिन ये शर्तें लागू कानून के दायरे में ही काम करती हैं. Model Tenancy Act के तहत डिपॉजिट से कटौती को उचित वजह से जोड़ना और उसका हिसाब देना जरूरी माना गया है. इसमें बकाया किराया, यूटिलिटी बिल या किरायेदार की वजह से हुए साबित नुकसान जैसी देनदारियां शामिल हो सकती हैं. सिर्फ घर की सामान्य पेंटिंग या सफाई के नाम पर मनमाने तरीके से पैसे काटना सही नहीं है.
घर छोड़ने से पहले किरायेदार क्या करें?
डिपॉजिट वापस लेने में परेशानी न हो, इसके लिए घर खाली करने से पहले उसकी हालत की फोटो और वीडियो बना लें. किराए के एग्रीमेंट की कॉपी भी अपने पास रखें. अगर मकान मालिक फीके पेंट, सामान्य सफाई या पुरानेपन के नाम पर पैसे काटता है, तो किरायेदार लिखित में कटौती का पूरा हिसाब और मरम्मत के खर्च का सबूत मांग सकता है. इससे यह साफ हो सकेगा कि काटी गई रकम वास्तव में हुए नुकसान के मुताबिक है या नहीं.
ये भी पढ़ें: ट्रेन में बेडशीट-कंबल नहीं मिला तो घबराइए नहीं, रेलवे देगा रिफंड
