R‍BI का बड़ा एक्शन एसबीआई, इंडियन बैंक, पंजाब एंड सिंध बैंक पर लगाया जुर्माना, इस बैंक को किया बंद, जानें कारण

रिजर्व बैंक ने कहा कि एसबीआई पर 1.3 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया गया है. बैंकों पर आरबीआई के द्वारा आर्थिक दंड ‘ऋण और अग्रिम - वैधानिक और अन्य प्रतिबंध’ और समूह के भीतर लेन-देन तथा कर्ज के प्रबंधन पर जारी निर्देशों के कुछ प्रावधानों का पालन नहीं करने को लेकर लगाया गया है

भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने देश के सबसे बड़े सार्वजिनक बैंक स्टेट बैंक ऑफ इंडिया, इंडियन बैंक और पंजाब एंड सिंध बैंक पर बड़ी करवाई है. शीर्ष बैंक ने तीनों पर जुर्माना लगाया है. केंद्रीय बैंक ने एक बयान में कहा कि एसबीआई पर 1.3 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया गया है. बैंकों पर आरबीआई के द्वारा आर्थिक दंड ‘ऋण और अग्रिम – वैधानिक और अन्य प्रतिबंध’ और समूह के भीतर लेन-देन तथा कर्ज के प्रबंधन पर जारी निर्देशों के कुछ प्रावधानों का पालन नहीं करने को लेकर लगाया गया है. आरबीआई ने एक अन्य बयान में कहा कि ऋण और अग्रिम – वैधानिक और अन्य प्रतिबंध, केवाईसी (अपने ग्राहक को जानो) और भारतीय रिजर्व बैंक (जमा पर ब्याज दर) निर्देश, 2016 के कुछ प्रावधानों का पालन नहीं करने को लेकर इंडियन बैंक पर 1.62 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया गया है. इसके अलावा, पंजाब एंड सिंध बैंक पर एक करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया गया है. यह जुर्माना जमाकर्ता शिक्षा और जागरूकता कोष योजना के कुछ प्रावधानों का पालन नहीं करने को लेकर लगाया गया है. केंद्रीय बैंक ने फेडबैंक फाइनेंशियल सर्विसेज लि. पर भी 8.80 लाख रुपये का जुर्माना लगाया है. गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियों (एनबीएफसी) में धोखाधड़ी रोकने से जुड़े कुछ प्रावधानों का अनुपालन नहीं करने को लेकर जुर्माना लगाया गया है.

‘द कपोल को-ऑपरेटिव बैंक’ का लाइसेंस रद्द

आरबीआई ने मुंबई के ‘द कपोल को-ऑपरेटिव बैंक लिमिटेड’ का लाइसेंस रद्द कर दिया है. केंद्रीय बैंक ने कहा कि बैंक के पास पर्याप्त पूंजी नहीं है और कमाई की संभावनाएं भी नहीं हैं. रिजर्व बैंक ने बयान में कहा कि लाइसेंस रद्द करने के साथ ही सहकारी बैंक को बैंकिंग कारोबार से तत्काल प्रतिबंधित कर दिया गया है, जिसमें जमा स्वीकार करना और जमा वापस करना शामिल है. बयान के मुताबिक, सहकारिता मंत्रालय के अतिरिक्त सचिव और सहकारी समितियों के केंद्रीय पंजीयक से भी बैंक को बंद करने और बैंक के लिए एक परिसमापक नियुक्त करने का आदेश जारी करने का अनुरोध किया गया है. रिजर्व बैंक ने कहा कि प्रत्येक जमाकर्ता जमा बीमा और ऋण गारंटी निगम (डीआईसीजीसी) से पांच लाख रुपये तक की जमा बीमा दावा राशि पाने का हकदार होगा. इस तरह बैंक के लगभग 96.09 प्रतिशत जमाकर्ताओं को डीआईसीजीसी से अपनी पूरी जमा राशि पाने का हक होगा.

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By Madhuresh Narayan

Madhuresh Narayan is a contributor at Prabhat Khabar.

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