Simone Tata Death: नहीं रहीं रतन टाटा की मां, Lakme से Trent तक, सिमोन टाटा ने गढ़ी बिजनेस दुनिया में अपनी पहचान

Simone Tata Death: रतन टाटा की सौतेली मां और मशहूर बिजनेस लीडर सिमोन टाटा का 95 वर्ष की उम्र में निधन हो गया. उन्होंने लैक्मे को देश का शीर्ष कॉस्मेटिक ब्रांड बनाया और बाद में ट्रेंट व वेस्टसाइड की नींव रखी. उनका योगदान भारतीय उद्योग जगत में अमिट है.

Simone Tata Death: टाटा समूह की वरिष्ठ हस्ती और प्रसिद्ध व्यवसायी सिमोन टाटा का शुक्रवार सुबह मुंबई में 95 वर्ष की आयु में निधन हो गया. वह पिछले कुछ महीनों से अस्वस्थ थीं और अगस्त में उन्हें मुंबई के ब्रीच कैंडी अस्पताल में भर्ती कराया गया था. उनके निधन से भारतीय उद्योग जगत में गहरा शोक फैल गया है.सिमोन टाटा, रतन टाटा की सौतेली मां थीं.

उन्होंने 1955 में रतन टाटा के पिता, नेवल एच. टाटा से विवाह किया था. उस समय रतन टाटा और उनके भाई जमशेद टाटा अपनी किशोरावस्था में थे. विवाह के बाद सिमोन टाटा न सिर्फ टाटा परिवार का अहम हिस्सा बनीं, बल्कि अपने शांत स्वभाव, सरल जीवनशैली और मजबूत निर्णय क्षमता के कारण रतन टाटा के जीवन पर भी सकारात्मक प्रभाव डालने वाली महत्वपूर्ण शख्सियत रहीं.

टाटा समूह ने एक आधिकारिक बयान जारी कर कहा “श्रीमती सिमोन टाटा, 95, का आज सुबह ब्रीच कैंडी अस्पताल, मुंबई में संक्षिप्त बीमारी के बाद निधन हो गया. उन्हेंलैक्मे को भारत का प्रमुख कॉस्मेटिक ब्रांड बनाने और वेस्टसाइड की नींव रखने के लिए हमेशा याद किया जाएगा. उन्होंने सर रतन टाटा इंस्टिट्यूट सहित कई सामाजिक संस्थाओं के काम को दिशा दी. उनकी सकारात्मक सोच और दृढ़ निश्चय ने अनेक लोगों को गहराई से प्रभावित किया.”

सिमोन टाटा कौन थीं?

सिमोन टाटा का जन्म 1930 में जिनेवा, स्विट्ज़रलैंड में हुआ. उन्होंने जिनेवा विश्वविद्यालय से शिक्षा पूरी की और वर्ष 1953 में पहली बार भारत आईं. दो साल बाद 1955 में उन्होंने नेवल एच. टाटा से विवाह किया और इसी के साथ भारत में उनका नया जीवन और करियर शुरू हुआ. उन्होंने 1960 के दशक की शुरुआत में टाटा समूह से जुड़कर अपने कॉर्पोरेट सफर की नींव रखी. 1962 में उन्हेंलैक्मे के बोर्ड में शामिल किया गया, जो उस समय टाटा ऑयल मिल्स की सहायक कंपनी थी. उन्हें लैक्मे (Lakme) को भारत के शीर्ष कॉस्मेटिक्स ब्रांड में बदलने का श्रेय दिया जाता है. उनकी रणनीति और नेतृत्व ने भारतीय ब्यूटी उद्योग में बड़ा बदलाव लाया.

Lakme की बिक्री और ट्रेंट की स्थापना

1996 में लैक्समी को हिंदुस्तान लीवर लिमिटेड (अब HUL) को बेच दिया गया. इस बिक्री से मिली राशि का उपयोग टाटा समूह ने नए रिटेल उपक्रम ट्रेंट की स्थापना में किया. यही ट्रेंट आगे चलकर वेस्टसाइड जैसे प्रमुख फैशन रिटेल ब्रांड का आधार बना. सिमोन टाटा कई वर्षों तक ट्रेंट की नॉन-एग्जीक्यूटिव चेयरपर्सन रहीं और 2006 तक इस पद पर बनी रहीं.

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By Abhishek pandey

अभिषेक पाण्डेय पिछले तीन वर्षों से प्रभात खबर में डिजिटल जर्नलिस्ट के तौर पर काम कर रहे हैं। वे बिजनेस और अर्थव्यवस्था से जुड़ी खबरों को आसान भाषा में पाठकों तक पहुंचाने का काम करते हैं। शेयर बाजार, पर्सनल फाइनेंस, बैंकिंग, बजट, सरकारी योजनाएं, MSME, कृषि और इंडस्ट्री जैसे विषयों पर उनकी अच्छी पकड़ है। वे रिसर्च के साथ ऐसी खबरें और एक्सप्लेनर तैयार करते हैं, जिन्हें आम लोग भी आसानी से समझ सकें। इसके अलावा यूटिलिटी न्यूज और सक्सेस स्टोरीज लिखने में भी उनकी खास रुचि है।

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अभिषेक ने पत्रकारिता की पढ़ाई माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय (MCU), भोपाल से की है, जिसे पत्रकारिता की दुनिया में 'दादा माखनलाल की बगिया' भी कहा जाता है।

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अभिषेक पाण्डेय ने माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय (MCU), भोपाल से पत्रकारिता एवं जनसंचार की पढ़ाई की है। यहां उन्होंने रिपोर्टिंग, डिजिटल मीडिया, न्यूज़ राइटिंग, वीडियो प्रोडक्शन और मल्टीमीडिया जर्नलिज्म की बारीकियां सीखीं, जिनका इस्तेमाल वे आज अपनी पत्रकारिता में कर रहे हैं।

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