प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना : खाते में मिलते हैं ₹5,000 से ₹6,000, जानें कौन उठा सकता है लाभ

सरकार की प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना (PMMVY) के तहत गर्भवती और स्तनपान कराने वाली महिलाओं को आर्थिक सहायता मिलती है. जानें योजना से ₹5,000 से ₹6,000 तक का लाभ कैसे उठाएं और इसके लिए आपकी क्या पात्रता होनी चाहिए.

PMMVY : अगर आप या आपके परिवार में कोई महिला गर्भवती है, तो सरकार की एक योजना उसके लिए काफी काम की हो सकती है. प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना (PMMVY) के तहत पात्र गर्भवती और स्तनपान कराने वाली महिलाओं को आर्थिक सहायता दी जाती है. योजना का मकसद गर्भावस्था के दौरान पोषण, स्वास्थ्य जांच और प्रसव के बाद मां-बच्चे की बेहतर देखभाल में मदद करना है.

पहले बच्चे पर ₹5,000, दूसरी बेटी पर ₹6,000

PMMVY के तहत पहले जीवित बच्चे के लिए पात्र महिला को कुल ₹5,000 की सहायता दो किस्तों में दी जाती है. वहीं, अगर दूसरा बच्चा बेटी है, तो पात्र महिला को ₹6,000 की राशि एक किस्त में दी जाती है. यह पैसा सीधे बैंक या पोस्ट ऑफिस खाते में DBT के जरिए भेजा जाता है.

पहली किस्त के लिए क्या करना होता है

पहले बच्चे के मामले में ₹3,000 की पहली किस्त पाने के लिए गर्भावस्था का पंजीकरण और कम से कम दो एंटी-नेटल चेकअप यानी ANC पूरा करना जरूरी है. दूसरी किस्त के लिए बच्चे का जन्म पंजीकृत होना और बच्चे को 14 सप्ताह तक का पहला टीकाकरण चक्र पूरा होना जरूरी है.

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दूसरी संतान बेटी होने पर ₹6,000

अगर महिला की दूसरी संतान बेटी है, तो PMMVY के तहत ₹6,000 की सहायता दी जाती है. इसके लिए गर्भावस्था का पंजीकरण, कम से कम दो ANC जांच, बच्चे का जन्म पंजीकरण और 14 सप्ताह तक का पहला टीकाकरण चक्र पूरा होना जरूरी है.

किन महिलाओं को मिल सकता है लाभ

यह योजना हर गर्भवती महिला के लिए बिना किसी शर्त के नहीं है. पात्रता के लिए सरकार ने कुछ श्रेणियां तय की हैं. इनमें SC और ST वर्ग की महिलाएं, 40 फीसदी या उससे अधिक दिव्यांगता वाली महिलाएं, BPL राशन कार्ड धारक महिलाएं, आयुष्मान भारत PM-JAY की लाभार्थी महिलाएं, ई-श्रम कार्ड धारक महिलाएं, PM-KISAN का लाभ लेने वाली महिला किसान, MGNREGA जॉब कार्ड धारक महिलाएं और NFSA राशन कार्ड धारक महिलाएं शामिल हैं. इसके अलावा जिन महिलाओं के परिवार की सालाना शुद्ध आय ₹8 लाख से कम है, वे भी निर्धारित शर्तों के तहत पात्र हो सकती हैं.

सरकारी कर्मचारी महिलाओं के लिए नियम अलग

योजना का लाभ लेने से पहले यह भी देखना जरूरी है कि महिला पहले से किसी समान मातृत्व लाभ का फायदा तो नहीं ले रही है. सरकार की जानकारी के अनुसार PMMVY में पात्रता निर्धारित श्रेणियों और शर्तों के आधार पर होती है. इसलिए केवल गर्भवती होना अपने आप में योजना का लाभ पाने की गारंटी नहीं है.

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कैसे करें आवेदन

पात्र महिला अपने नजदीकी आंगनवाड़ी कार्यकर्ता या ASHA कार्यकर्ता की मदद से ऑनलाइन आवेदन कर सकती है. सरकार के PMMVY पोर्टल के जरिए पात्र महिला खुद भी आवेदन कर सकती है. आवेदन और भुगतान के लिए बैंक या पोस्ट ऑफिस खाते का आधार से लिंक होना महत्वपूर्ण है, क्योंकि राशि DBT के जरिए भेजी जाती है.

अब तक करोड़ों महिलाओं को मिला फायदा

यह सिर्फ कागजों पर चलने वाली योजना नहीं है. सरकार के ताजा आंकड़ों के अनुसार 31 जुलाई 2026 तक PMMVY में 5.13 करोड़ लाभार्थी पंजीकृत हुए और 4.37 करोड़ लाभार्थियों को भुगतान किया जा चुका है. कुल ₹20,571 करोड़ की राशि दी जा चुकी है.

गर्भपात या मृत जन्म की स्थिति में भी नियम

सरकार ने ऐसी स्थिति के लिए भी प्रावधान रखा है. PMMVY के नियमों के अनुसार गर्भपात या मृत जन्म होने की स्थिति में महिला को भविष्य की गर्भावस्था में नए लाभार्थी के रूप में पात्र माना जा सकता है, बशर्ते वह उस समय योजना की निर्धारित शर्तों को पूरा करती हो.

ध्यान रखें, हर महिला को सीधे ₹6,000 नहीं मिलते

इस योजना को लेकर एक बात साफ समझना जरूरी है. PMMVY में ऐसा नहीं है कि हर महिला को हर महीने ₹5,000 या ₹6,000 मिलते हैं. यह मातृत्व लाभ योजना है, जिसमें पात्रता और स्वास्थ्य संबंधी शर्तें पूरी करने पर पहले बच्चे के लिए ₹5,000 और दूसरी संतान बेटी होने पर ₹6,000 की सहायता दी जाती है. इसलिए आवेदन करने से पहले अपनी पात्रता और जरूरी दस्तावेजों की जानकारी जरूर जांच लें.

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सरकार की योजना का मकसद क्या है

PMMVY का उद्देश्य सिर्फ आर्थिक सहायता देना नहीं है. सरकार के मुताबिक योजना गर्भवती महिलाओं को गर्भावस्था के दौरान जरूरी आराम और पोषण उपलब्ध कराने, स्वास्थ्य सेवाओं के इस्तेमाल को बढ़ावा देने और मां-बच्चे के स्वास्थ्य को बेहतर बनाने में मदद करती है. योजना को मिशन शक्ति के 'समर्थ्य' हिस्से के तहत लागू किया जा रहा है.


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By आलोक पाठक

आलोक पाठक वर्ष 2019 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अपने पत्रकारिता सफर के दौरान वे खबर मंत्र, गांडीव और नक्षत्र न्यूज़ जैसे संस्थानों के साथ जुड़े रहे हैं। वर्तमान में वे प्रभात खबर के डिजिटल विभाग में कंटेंट राइटर के रूप में कार्यरत हैं। हिंदी भाषा और लेखन के प्रति उनका विशेष लगाव है। उन्हें भू-राजनीति (Geopolitics) और राष्ट्रीय राजनीति से जुड़े विषयों पर लिखना पसंद है। निजी जीवन में कहानियां और कविताएं लिखना तथा कालजयी साहित्य का अध्ययन उनकी प्रमुख रुचियों में शामिल है। उनका प्रयास तथ्यों पर आधारित, सरल और प्रभावी लेखन के माध्यम से पाठकों तक सार्थक जानकारी पहुंचाना है।

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