PM किसान सम्मान निधि की 12वीं किस्‍त इस दिन आ सकती है, अगर नहीं किया यह काम, तो अटक सकते हैं पैसे

PM Kisan Samman Nidhi: पीएम किसान सम्मान निधि की 12वीं किस्त जारी करने से पहले सरकार ने सख्ती दिखायी है और इसकी वजह से लाखों फर्जी लाभार्थियों के नाम सरकारी सूची से कट चुके हैं.

PM Kisan Samman Nidhi Latest Update: देशभर में त्योहारों का मौसम नजदीक आ रहा है. इसी हफ्ते नवरात्रि की शुरुआत हो जाएगी. इस मौके पर किसानों को पीएम किसान सम्मान निधि (PM Kisan Samman Nidhi) की 12वीं किस्त (12th Installment) का इंतजार है. 12 करोड़ से अधिक किसान 12वीं किस्‍त का इंतजार कर रहे हैं. पिछले साल राशि 9 अगस्त को ही जारी कर दी गई थी, लेकिन इस बार ऐसा लगता है कि सरकार देर लगा रही है.

पीएम किसान सम्मान निधि (PM Kisan Samman Nidhi) की 12वीं किस्त (12th Installment) जारी करने से पहले सरकार ने सख्ती दिखायी है और इसकी वजह से लाखों फर्जी लाभार्थियों के नाम सरकारी सूची से कट चुके हैं. खबरों की मानें, तो केंद्र की मोदी सरकार नवरात्रि में किसानों के खातों में 12वीं किस्‍त डाल सकती है. इस बीच हम आपको बताने जा रहे हैं उन बातों के बारे में, जिनकी वजह से किसानों के खाते में आनेवाले पैसे अटक सकते हैं.

ई-केवाईसी नहीं करवाई, तो…

पीएम किसान योजना से जुड़े हुए लाभार्थियों ने अगर ई-केवाईसी नहीं करायी हो, तो उनकी 12वीं किस्त के पैसे अटक सकते हैं. आपको बता दें कि ई-केवाईसी की आखिरी तारीख 31 अगस्त 2022 थी. हालांकि आप यह जरूरी काम अगर नहीं करा पाये हैं, तो अपने नजदीकी सीएससी केंद्र पर ओटीपी बेस्ड केवाईसी जाकर जरूर करा लें.

ऐसे किसानों को सरकार जारी कर रही रिकवरी नोटिस

पीएम किसान योजना का लाभ केवल उन्हीं किसानों को मिलता है, जो इस योजना के लिए पात्र हैं. लेकिन ऐसी कई रिपोर्ट्स सामने आयी हैं कि कई किसान अपात्र होते हुए भी गलत तरीके से इस योजना का लाभ ले जा रहे हैं. ऐसे जिन किसानों के नाम इस लिस्ट में शामिल हैं, तो उनके किस्त के पैसे अटकने की संभावना है. यही नहीं, सरकार ऐसे किसानों के नाम पर रिकवरी नोटिस भी जारी कर रही है.

आवेदन फॉर्म भरते समय कोई गलती हो गई, तो…

अगर किसी किसान ने अपना आवेदन फॉर्म भरते समय कोई गलती कर दी है, तो इस स्थिति में भी उसके खाते में पैसे नहीं आ सकते हैं. अगर मान लीजिए कि आवेदक ने आपने अपना नाम अंग्रेजी की जगह पर हिंदी में लिख दिया है या फिर फॉर्म में अपने जेंडर यानी लिंग का जिक्र करना भूल गया है, तो ऐसी स्थिति में भी पीएम किसान सम्मान निधि की किस्त के पैसे अटक सकते हैं. इसके अलावा और भी कई छोटी-बड़ी गलतियां इसके तहत आती हैं.

पीएम किसान सम्मान की किस्‍त की राशि कब आती है?

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि पीएम किसान योजना के लाभार्थियों के खाते में अब तक 11 किस्त के पैसे सरकार की ओर से भेजे जा चुके हैं. ऐसे में अब किसानों को 12वीं किस्त का इंतजार है. मीडिया रिपोर्ट्स की मानें, तो सितंबर महीने में किसी भी दिन 12वीं किस्त के पैसे किसानों के खाते में पहुंच सकते हैं.

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लेखक के बारे में

Author: Rajeev Kumar

राजीव कुमार हिंदी डिजिटल मीडिया के अनुभवी पत्रकार हैं और वर्तमान में प्रभातखबर.कॉम में सीनियर कंटेंट राइटर के तौर पर कार्यरत हैं. 15 वर्षों से अधिक के पत्रकारिता अनुभव के दौरान उन्होंने टेक्नोलॉजी और ऑटोमोबाइल सेक्टर की हजारों खबरों, एक्सप्लेनर, एनालिसिस और फीचर स्टोरीज पर काम किया है. सरल भाषा, गहरी रिसर्च और यूजर-फर्स्ट अप्रोच उनकी लेखन शैली की सबसे बड़ी पहचान है. राजीव की विशेषज्ञता स्मार्टफोन, गैजेट्स, एआई, मशीन लर्निंग, इंटरनेट ऑफ थिंग्स (IoT), साइबर सिक्योरिटी, टेलीकॉम, इलेक्ट्रिक व्हीकल्स, ICE और हाइब्रिड कारों, ऑटोनोमस ड्राइविंग तथा डिजिटल ट्रेंड्स जैसे विषयों में रही है. वे लगातार बदलती टेक और ऑटो इंडस्ट्री पर नजर रखते हैं और रिपोर्ट्स, आधिकारिक डेटा, कंपनी अपडेट्स तथा एक्सपर्ट इनसाइट्स के आधार पर सटीक और भरोसेमंद जानकारी पाठकों तक पहुंचाते हैं. डिजिटल मीडिया में राजीव की खास पहचान SEO-ऑप्टिमाइज्ड और डेटा-ड्रिवेन कंटेंट के लिए भी रही है. गूगल डिस्कवर और यूजर एंगेजमेंट को ध्यान में रखते हुए वे ऐसे आर्टिकल्स तैयार करते हैं, जो न केवल जानकारीपूर्ण होते हैं, बल्कि पाठकों की जरूरत और सर्च ट्रेंड्स से भी मेल खाते हैं. टेक और ऑटो सेक्टर पर उनके रिव्यू, एक्सपर्ट इंटरव्यू, तुलना आधारित लेख और एक्सप्लेनर स्टोरीज को पाठकों द्वारा काफी पसंद किया जाता है. राजीव ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत वर्ष 2011 में प्रभात खबर दैनिक से की थी. शुरुआती दौर में उन्होंने देश-विदेश, कारोबार, संपादकीय, साहित्य, मनोरंजन और फीचर लेखन जैसे विभिन्न बीट्स पर काम किया. इसके बाद डिजिटल प्लैटफॉर्म पर उन्होंने ग्राउंड रिपोर्टिंग, वैल्यू-ऐडेड स्टोरीज और ट्रेंड आधारित कंटेंट के जरिए अपनी अलग पहचान बनाई. जमशेदपुर में जन्मे राजीव ने प्रारंभिक शिक्षा सीबीएसई स्कूल से प्राप्त की. इसके बाद उन्होंने रांची यूनिवर्सिटी से बॉटनी ऑनर्स और भारतीय विद्या भवन, पुणे से हिंदी पत्रकारिता एवं जनसंचार में डिप्लोमा किया. पत्रकारिता के मूल सिद्धांत 5Ws+1H पर उनकी मजबूत पकड़ उन्हें खबरों की गहराई समझने और उन्हें आसान, स्पष्ट और प्रभावी भाषा में पाठकों तक पहुंचाने में मदद करती है. राजीव की सबसे बड़ी पहचान है, क्रेडिब्लिटी, क्लैरिटी और ऑडियंस-फर्स्ट अप्रोच. वे सिर्फ टेक ऐंड ऑटो को कवर नहीं करते, बल्कि उसे ऐसे पेश करते हैं कि हर व्यक्ति उसे समझ सके, उससे जुड़ सके और उससे फायदा उठा सके. जुड़िए rajeev.kumar@prabhatkhabar.in पर

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