PM Jan Dhan Yojana: जनधन खातों पर RTI का खुलासा, हर चौथा खाता पड़ा है बंद, 5.72 करोड़ खाली

RTI से जनधन खातों की चौंकाने वाली तस्वीर सामने आई है. हर चौथा खाता बंद पड़ा है, जबकि 5.72 करोड़ खातों में एक भी रुपया नहीं है.

प्रधानमंत्री जनधन योजना (PMJDY) को लेकर एक RTI जवाब में बड़ा आंकड़ा सामने आया है. देश में खुले जनधन खातों में करीब हर चौथा खाता निष्क्रिय (Inoperative) है, जबकि 5.72 करोड़ से ज्यादा खातों में जीरो बैलेंस है. 12 अगस्त 2026 तक देशभर में 59.03 करोड़ जनधन खातों में कुल मिलाकर 3.15 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा जमा थे.

वित्त मंत्रालय के तहत आने वाले वित्तीय सेवा विभाग (Department of Financial Services) ने एक्टिविस्ट चंद्रशेखर गौर की RTI अर्जी के जवाब में ये जानकारी दी है. RTI का जवाब 1 सितंबर 2026 को दिया गया.

कितने खाते निष्क्रिय और कितने जीरो बैलेंस वाले हैं?

RTI के मुताबिक, देश में कुल 59,03,74,907 जनधन खाते हैं. इनमें से 15,36,77,009 खाते निष्क्रिय बताए गए हैं. यानी कुल खातों का करीब एक चौथाई हिस्सा फिलहाल इस्तेमाल में नहीं है.

वहीं, 5,72,35,490 खातों में एक भी रुपया जमा नहीं था.

जनधन खातों की स्थितिसंख्या
कुल खाते59.03 करोड़
कुल जमा राशि₹3.15 लाख करोड़ से ज्यादा
निष्क्रिय खाते15.36 करोड़
जीरो बैलेंस खाते5.72 करोड़
महिला और ट्रांसजेंडर खाताधारक32.89 करोड़
पुरुष खाताधारक26.14 करोड़

किन राज्यों में सबसे ज्यादा जीरो बैलेंस खाते हैं?

राज्यों के आंकड़ों में उत्तर प्रदेश सबसे आगे है. यहां 95.92 लाख जनधन खातों में जीरो बैलेंस मिला. इसके बाद बिहार, पश्चिम बंगाल, असम और महाराष्ट्र का नंबर है. निष्क्रिय खातों के मामले में भी उत्तर प्रदेश सबसे ऊपर है. इसके बाद बिहार, मध्य प्रदेश, पश्चिम बंगाल और महाराष्ट्र शामिल हैं.

कुल जनधन खातों की संख्या के लिहाज से भी उत्तर प्रदेश पहले नंबर पर है, जहां 10.51 करोड़ खाते हैं. इसके बाद बिहार में 7.01 करोड़, पश्चिम बंगाल में 5.73 करोड़, राजस्थान में 3.87 करोड़ और महाराष्ट्र में 3.85 करोड़ खाते हैं.

सरकार के पास किन जानकारियों का रिकॉर्ड नहीं है?

RTI जवाब में यह भी कहा गया कि केंद्र सरकार के पास जनधन खातों के बैलेंस, जीरो बैलेंस और निष्क्रिय खातों का जेंडर के हिसाब से अलग-अलग केंद्रीय रिकॉर्ड नहीं रखा जाता.

इसके अलावा, ₹100 से कम बैलेंस वाले खाते, पिछले पांच साल में बंद हुए खाते और संदिग्ध लेनदेन या साइबर फ्रॉड की वजह से ब्लॉक या फ्रीज किए गए खातों की जानकारी भी केंद्र के पास केंद्रीय स्तर पर उपलब्ध नहीं है. RTI में 36 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों का राज्यवार डेटा दिया गया.

जनधन योजना शुरू क्यों की गई थी?

प्रधानमंत्री जनधन योजना की शुरुआत अगस्त 2014 में राष्ट्रीय वित्तीय समावेशन मिशन के तौर पर की गई थी. इसका मकसद हर परिवार तक बैंकिंग सुविधाएं पहुंचाना, कम से कम एक बेसिक बैंक खाता उपलब्ध कराना, लोगों को वित्तीय जानकारी देना और सामाजिक सुरक्षा से जोड़ना था.

अब RTI के ताजा आंकड़े बताते हैं कि योजना के तहत खातों की संख्या और जमा रकम काफी बड़ी है, लेकिन बड़ी संख्या में खाते जीरो बैलेंस या निष्क्रिय होने की तस्वीर भी सामने आई है. ऐसे में यह आंकड़ा उन खाताधारकों के लिए भी अहम है, जो लंबे समय से अपने जनधन खाते का इस्तेमाल नहीं कर रहे हैं.

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लेखक के बारे में

By सौम्या शाहदेव

सौम्या शाहदेव प्रभात खबर डिजिटल में बिजनेस कंटेंट राइटर हैं. वह शेयर बाजार, पर्सनल फाइनेंस, टैक्स, सरकारी योजनाओं, बैंकिंग और रोजमर्रा की आर्थिक खबरों को सरल और सटीक भाषा में पाठकों तक पहुंचाती हैं. उनका फोकस ऐसी खबरें लिखने पर रहता है जो सीधे आम लोगों की जिंदगी और जेब पर असर डालती हैं.

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