प्याज (Onion Price hike) ने किचन का स्वाद बिगाड दिया है. देश में कुछ जगहों पर तो यह सौ रुपये किलो तक बिक रहा है. इसी बीच एक अच्छी खबर ये आ रही है कि महाराष्ट्र के कई क्षेत्रों से प्याज की खेप निकलकर सब्जी मंडियों में पहुंच रही है. नासिक की मंडी की तस्वीर सामने आई है जहां प्याज की ट्रकों का रेला लगा हुआ है. थोक मंडी के विक्रेता ने बताया कि प्याज की जो कीमत है जल्द ही कम होगी. यह टेम्परोरी है. इस साल सूबे में बहुत बारिश हुई जिसके परिणाम स्वरूप प्याज की फसल को नुकसान पहुंचा और इसकी कीमत आसमान छू गई.
प्याज व्यापारियों पर स्टॉक सीमा: इधर प्याज की कीमतों को नियंत्रण में रखने के लिए केंद्र ने शुक्रवार को खुदरा और थोक व्यापारियों पर 31 दिसंबर तक के लिये स्टॉक सीमा लागू कर दी, ताकि प्याज की घरेलू उपलब्धता की स्थिति में सुधार लाया जा सके और घरेलू उपभोक्ताओं को राहत मिल सके. उपभोक्ता मामलों की सचिव लीना नंदन ने एक संवाददाता सम्मेलन में कहा कि खुदरा व्यापारी केवल दो टन तक प्याज का स्टॉक रख सकते हैं, जबकि थोक व्यापारियों को 25 टन तक रखने की अनुमति है. उन्होंने कहा कि सरकार को आवश्यक वस्तु (संशोधन) कानून लागू करना पड़ा – जिसे पिछले महीने ही संसद में पारित किया गया. यह कानून, सरकार को असाधारण मूल्य वृद्धि की स्थिति में खराब होने वाली वस्तुओं को विनियमित करने की अनुमति देता है.
पीयूष गोयल ने ट्वीट किया : उपभोक्ता मामलों के मंत्री पीयूष गोयल ने ट्वीट किया कि बढ़ती प्याज की कीमतों को नियंत्रित करने और जमाखोरी पर अंकुश लगाने के लिए, प्रधानमंत्री नरेंद्रमोदी सरकार ने यह कदम उठाया है. खुदरा विक्रेताओं को दो टन और थोक विक्रेताओं को 25 टन तक स्टॉक रखने की सीमा तय की गई है. भारी बारिश के कारण उत्पादक क्षेत्रों में खड़ी खरीफ फसल को नुकसान के मद्देनजर पिछले कुछ हफ्ते में प्याज की कीमतों में 75 रुपये प्रति किलोग्राम से भी कहीं अधिक की तेजी आई है.
37 लाख टन खरीफ प्याज का आगमन : केंद्र सरकार की ओरसे जानकारी दी गई है कि खरीफ की फसल अगले महीने से मंडियों में आ सकती है. उम्मीद के मुताबिक 37 लाख टन खरीफ प्याज के आगमन से इसकी उपलब्धता में सुधार होगा.
Posted By : Amitabh Kumar
