Oil Price Today: गुरुवार को ब्रेंट क्रूड की कीमत तेजी से बढ़कर 78.68 डॉलर प्रति बैरल पहुंच गई. कारोबार के दौरान इसने 79.15 डॉलर प्रति बैरल का उच्च स्तर भी छुआ. वहीं WTI क्रूड भी बढ़कर 74.22 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया. बाजार में यह तेजी अमेरिका के ताजा सैन्य हमलों और मिडिल ईस्ट से तेल सप्लाई प्रभावित होने की आशंका के बाद देखने को मिली.
| ऑयल बेंचमार्क | कीमत | बढ़त |
| ब्रेंट क्रूड | 78.68 डॉलर प्रति बैरल | +0.95% (+0.74 डॉलर) |
| WTI क्रूड | 74.22 डॉलर प्रति बैरल | +0.92% (+0.68 डॉलर) |
अमेरिका ने आखिर किया क्या?
बुधवार रात अमेरिकी सेना ने ईरान पर एक और सैन्य हमला किया. अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने इसकी पुष्टि की. यह हमला ऐसे समय हुआ जब कुछ ही घंटे पहले अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा था कि आठ सप्ताह से चला आ रहा युद्धविराम अब खत्म हो चुका है. इसी खबर के बाद बाजार में हलचल तेज हो गई. इन्वेस्टर्स को डर है कि अगर मिडिल ईस्ट में तनाव और बढ़ा तो तेल की सप्लाई प्रभावित हो सकती है. यही वजह है कि बुधवार देर रात के आफ्टर-आवर्स ट्रेडिंग में ही ब्रेंट और WTI दोनों के फ्यूचर्स 1 डॉलर से ज्यादा उछल गए थे, जिसका असर गुरुवार के कारोबार में भी साफ दिखाई दिया.
शेयर बाजार में क्या हुआ?
तेल की कीमतों में आई तेजी का असर अमेरिकी शेयर बाजार पर भी देखने को मिला. बुधवार को कारोबार खत्म होने तक बाजार का प्रदर्शन मिला-जुला रहा.
- डाउ जोन्स 576.76 अंक यानी 1.09% गिरकर 52,348.39 पर बंद हुआ.
- S&P 500 0.28% फिसलकर 7,482.71 पर पहुंच गया.
- नैस्डैक कम्पोजिट ने हालांकि 0.20% की बढ़त के साथ 25,870.65 पर कारोबार खत्म किया.
वहीं तेल बाजार में बुधवार को ही बड़ी छलांग देखने को मिली थी. ब्रेंट क्रूड 5.43% बढ़कर 78.19 डॉलर प्रति बैरल पर बंद हुआ, जबकि WTI क्रूड 4.37% चढ़कर 73.52 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया.
राष्ट्रपति ट्रंप ने क्या कहा?
नाटो सम्मेलन के दौरान राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने साफ कहा कि ईरान के साथ चला आ रहा आठ सप्ताह का युद्धविराम अब समाप्त हो चुका है. उन्होंने यह भी संकेत दिए कि अमेरिका जरूरत पड़ने पर ईरान पर फिर से सैन्य कार्रवाई कर सकता है. ट्रंप ने ईरानी नेतृत्व पर बातचीत के दौरान अपना रुख बदलने का आरोप लगाया. उनका कहना था कि ईरान निजी बातचीत में समझौते की बात करता है, लेकिन बाद में सार्वजनिक रूप से इससे इनकार कर देता है. ट्रंप ने यह भी कहा कि अमेरिका पहले ही तेहरान पर बहुत कड़ा हमला कर चुका है और आगे भी कार्रवाई की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता.
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