Oil Price Surge: दुनिया भर में कच्चे तेल की कीमतों में अचानक उछाल आ गया है. रविवार को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की चेतावनी के बाद तेल के दाम आसमान छूने लगे हैं. ब्रेंट क्रूड 1.4% बढ़कर 110.60 डॉलर पर पहुंच गया, वहीं अमेरिकी क्रूड भी 1.8% की बढ़त के साथ 113.60 डॉलर पर बंद हुआ. मामला ईरान द्वारा ‘स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज’ (Strait of Hormuz) को बंद करने से जुड़ा है, जो दुनिया के तेल व्यापार का सबसे अहम रास्ता है.
क्या ट्रंप की धमकी से छिड़ेगी जंग?
ANI की रिपोर्ट के अनुसार, राष्ट्रपति ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘ट्रुथ सोशल’ पर बेहद आक्रामक पोस्ट लिखी है. उन्होंने ईरान को चेतावनी दी कि अगर उसने यह समुद्री रास्ता नहीं खोला, तो अमेरिका ईरान के पावर प्लांट्स और पुलों को निशाना बनाएगा. ट्रंप ने कहा कि अगर रास्ता नहीं खुला, तो अंजाम बहुत बुरा होगा. जवाब में ईरान ने भी साफ कर दिया है कि जब तक उसे युद्ध के नुकसान का पूरा मुआवजा नहीं मिलता, वह रास्ता नहीं खोलेगा.
क्या ओमान सुलझा पाएगा यह विवाद?
इस तनाव के बीच शांति की उम्मीद ओमान से जगी है. ओमान के विदेश मंत्रालय ने रविवार को ईरानी अधिकारियों से मुलाकात की. इस बैठक का मुख्य उद्देश्य यह था कि किसी भी तरह व्यापारिक जहाजों के लिए रास्ता फिर से खोला जा सके. फिलहाल पूरी दुनिया की नजरें इस बातचीत पर टिकी हैं, क्योंकि यह रास्ता बंद रहने का मतलब है वैश्विक अर्थव्यवस्था पर सीधा प्रहार है.
तेल की कमी दूर करने के लिए OPEC ने क्या किया?
बढ़ती कीमतों और सप्लाई की कमी को देखते हुए सऊदी अरब और रूस समेत 8 देशों (OPEC) ने एक वर्चुअल मीटिंग की. उन्होंने फैसला लिया है कि मई 2026 से तेल उत्पादन में 206,000 बैरल प्रतिदिन की बढ़ोतरी की जाएगी.
देशों का नया उत्पादन कोटा (मई 2026):
- सऊदी अरब: 10,228 kbd (62 kbd की बढ़ोतरी)
- रूस: 9,699 kbd (62 kbd की बढ़ोतरी)
- इराक: 4,326 kbd
- UAE: 3,447 kbd
अब आगे क्या होगा?
OPEC देशों ने तय किया है कि वे हर महीने बाजार की स्थिति की समीक्षा करेंगे. अगली बड़ी मीटिंग 3 मई 2026 को होगी. अगर ईरान और अमेरिका के बीच तनाव कम नहीं हुआ, तो आने वाले दिनों में तेल की कीमतें और अधिक बढ़ सकती हैं, जिसका सीधा असर आम आदमी की जेब पर पड़ेगा.
ये भी पढ़ें: ईरान-अमेरिका तनाव से दहला शेयर बाजार, सेंसेक्स और निफ्टी में गिरावट
