NSE Report 2025 India: आजकल के युवा सिर्फ रील बनाने या घूमने-फिरने में ही नहीं, बल्कि अपने पैसे को सही से निवेश करने में भी काफी आगे निकल गए हैं. नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) की ताजा रिपोर्ट बताती है कि 2025 में भारतीय शेयर बाजार में युवाओं का पार्टिसिपेशन बढ़-चढ़ कर रहा है. हालांकि, कोरोना काल के बाद जिस रफ्तार से नए लोग जुड़ रहे थे, उसमें थोड़ी कमी जरूर आई है.
क्या अब भी युवा ही हैं मार्केट के असली खिलाड़ी?
आंकड़े बताते हैं कि 2025 में जितने भी नए लोगों ने शेयर बाजार में कदम रखा, उनमें से हर 100 में से करीब 56 लोग 30 साल से कम उम्र के थे. आसान भाषा में कहें तो 55.9% नए रजिस्ट्रेशन इसी उम्र के लड़के-लड़कियों ने कराए हैं. दिलचस्प बात यह है कि 2024 में यह आंकड़ा 54.2% था, जिसका मतलब है कि युवाओं की दिलचस्पी घटने के बजाय और बढ़ी है. अगर हम 2018 से तुलना करें, तो तब कुल निवेशकों में युवाओं की हिस्सेदारी सिर्फ 22.7% थी, जो अब 2025 के अंत तक बढ़कर 38.7% हो गई है.
बाजार की उम्र और लड़कियों की भागीदारी में क्या बदला?
रिपोर्ट के मुताबिक, अब मार्केट में नए आने वाले निवेशकों की औसत उम्र 28 साल के आसपास बनी हुई है. इसका मतलब है कि करियर की शुरुआत करते ही युवा अब बचत और निवेश को अपनी प्राथमिकता बना रहे हैं. इसके साथ ही, एक बहुत ही पॉजिटिव बदलाव महिला निवेशकों की संख्या में भी दिखा है. 2022 से लगातार बढ़ते हुए अब कुल निवेशकों में महिलाओं की हिस्सेदारी बढ़कर 24.8% तक पहुंच गई है. यह दिखाता है कि अब महिलाएं भी फाइनेंशियल फ्रीडम की दिशा में तेजी से कदम बढ़ा रही हैं.
क्या मार्केट अब धीरे-धीरे मैच्योर हो रहा है?
भले ही नए रजिस्ट्रेशन की रफ्तार थोड़ी धीमी हुई है, लेकिन इसे एक अच्छी शुरुआत माना जा रहा है. इसका मतलब है कि मार्केट अब नॉर्मल हो रहा है और इसमें हर उम्र के लोग जुड़ रहे हैं. जो लोग कोरोना के समय यंग थे, अब वे उम्र के अगले पड़ाव में पहुंच गए हैं, जिससे इन्वेस्टर बेस और भी मजबूत हो रहा है. भारत का शेयर बाजार अब ज्यादा डाइवर्स और यंग हो गया है, जो देश की अर्थव्यवस्था के लिए एक बेहतरीन संकेत है.
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