Ease of Doing Business: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण राज्यों की कारोबार सुगमता रैंकिंग जारी करेंगी

Ease of Doing Business: ईज ऑफ डूइंग बिजनेस की रैंकिंग जारी करने का उद्देश्य राज्यों के बीच व्यावसायिक माहौल को बेहतर बनाने की प्रतिस्पर्धा को बढ़ावा देना है, जिससे कि वे घरेलू और वैश्विक निवेशकों को आकर्षित कर सकें.

Ease of Doing Business: वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय ने बुधवार को कहा कि कारोबारी सुगमता (Ease of Doing Business) के मामले में राज्यों एवं केंद्रशासित प्रदेशों की रैकिंग 30 जून को जारी की जायेगी. मंत्रालय ने बताया कि वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण (FM Nirmala Sitharaman) कारोबार सुधार कार्रवाई योजना (बीआरएपी), 2020 के तहत राज्यों एवं केंद्रशासित प्रदेशों का आकलन बृहस्पतिवार को पेश करेंगी. इस अवसर पर वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल भी मौजूद रहेंगे.

प्रतिस्पर्धा को बढ़ावा देने के लिए जारी की जाती है रैंकिंग

इस कवायद का उद्देश्य राज्यों के बीच व्यावसायिक माहौल को बेहतर बनाने की प्रतिस्पर्धा को बढ़ावा देना है, जिससे कि वे घरेलू और वैश्विक निवेशकों को आकर्षित कर सकें. बीआरएपी-2020 में 301 सुधार बिंदु शामिल हैं, जिसके तहत 15 कारोबार नियामकीय क्षेत्र आते हैं. इनमें सूचना तक पहुंच, एकल खिड़की प्रणाली, श्रम, पर्यावरण और अन्य सुधार आदि.

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कारोबारी सुगमता में इन राज्यों को मिला था पहला स्थान

उद्योग संवर्द्धन एवं आंतरिक व्यापार विभाग (डीपीआईआईटी) बीआरएपी के तहत सभी राज्यों एवं केंद्रशासित प्रदेशों के लिए वर्ष 2014 से यह रैंकिंग तैयार करता आया है. पिछली रैंकिंग सितंबर, 2020 में जारी की गयी थी, जिसमें आंध्रप्रदेश को कारोबारी सुगमता के मामले में पहला स्थान मिला था. उसके बाद उत्तर प्रदेश, तेलंगाना, मध्यप्रदेश और झारखंड थे. यह रैंकिंग वर्ष 2015, 2016, 2017-18 और 2019 के लिए जारी की जा चुकी है.

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