महाराष्ट्र की महिलाओं के लिए लाडकी बहिन योजना की अगली किस्त को लेकर अहम अपडेट सामने आया है. राज्य सरकार जुलाई और अगस्त की किस्त एक साथ जारी करने पर विचार कर रही है. ऐसा हुआ तो पात्र लाभार्थियों के बैंक खाते में सीधे ₹3,000 आ सकते हैं. इसमें जुलाई की लंबित ₹1,500 की किस्त और अगस्त की ₹1,500 की किस्त शामिल होगी.
मिंट की रिपोर्ट के मुताबिक, महिला एवं बाल विकास विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने डबल किस्त को लेकर जानकारी दी है. हालांकि, महाराष्ट्र सरकार ने अभी इस प्रस्ताव की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है. ऐसे में लाभार्थियों को सरकार की घोषणा का इंतजार करना होगा.
₹3,000 की किस्त में क्या मिलेगा?
अगर सरकार प्रस्ताव को मंजूरी देती है, तो भुगतान इस तरह हो सकता है:
| किस्त | राशि |
| जुलाई की लंबित किस्त | ₹1,500 |
| अगस्त की किस्त | ₹1,500 |
| कुल भुगतान | ₹3,000 |
लाडकी बहिन योजना के तहत पात्र महिलाओं को हर महीने ₹1,500 की आर्थिक मदद दी जाती है. यह पैसा सीधे उनके बैंक खाते में भेजा जाता है.
अगस्त की किस्त कब आएगी?
योजना की मासिक किस्त आमतौर पर हर महीने की 15 तारीख तक आने की उम्मीद रहती है. 15 अगस्त को स्वतंत्रता दिवस होने के कारण इस बार भी जल्द भुगतान को लेकर चर्चा है. हालांकि, मीडिया रिपोर्ट्स में कहा गया है कि लाभार्थियों को 20 अगस्त तक इंतजार करना पड़ सकता है. फिलहाल जुलाई की किस्त भी लंबित है और अगस्त का आधा महीना बीत चुका है. इसलिए दोनों किस्तें साथ मिलने की संभावना से लाभार्थियों को राहत मिल सकती है. लेकिन अभी भुगतान की तारीख तय नहीं हुई है.
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लाडकी बहिन योजना में कौन ले सकता है लाभ?
मुख्यमंत्री माझी लाडकी बहिन योजना जुलाई 2024 में शुरू की गई थी. इसके तहत 21 से 65 साल की पात्र महिलाओं को हर महीने ₹1,500 की मदद दी जाती है. इसके लिए परिवार की सालाना आय ₹2.5 लाख से कम होनी चाहिए. सरकार का मकसद महिलाओं को आर्थिक मदद देना और उन्हें आर्थिक रूप से मजबूत बनाना है.
क्या लाखों महिलाओं के नाम लिस्ट से हटे हैं?
योजना में लाभार्थियों की पात्रता जांच के लिए ई-केवाईसी प्रक्रिया भी शुरू की गई है. इसी जांच के बाद कई नाम हटाए जाने की बात सामने आई है. एनसीपी (एसपी) विधायक रोहित पवार ने दावा किया था कि योजना शुरू होने के समय करीब 2.47 करोड़ महिलाएं रजिस्टर्ड थीं. उनके मुताबिक, जांच के बाद करीब 81 लाख नाम हटाए गए. उनके दावे के अनुसार, अब लाभार्थियों की संख्या करीब 1.66 करोड़ से 1.77 करोड़ के बीच रह गई है.
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