Kisan Credit Card: देश के करोड़ों किसानों की आर्थिक स्थिति को मजबूत करने के लिए सरकार ने किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) योजना में कई बड़े और महत्वपूर्ण बदलाव किए हैं. बुधवार को जारी PIB की एक रिपोर्ट के अनुसार, वर्तमान में पूरे भारत में 7.72 करोड़ से अधिक किसान केसीसी का लाभ उठा रहे हैं. तो आइये जानतें की क्या बदलाव हुए है.
किसे और कितना मिलेगा फायदा?
सरकार ने अब केसीसी के तहत बिना किसी गारंटी (Collateral-free) के मिलने वाले लोन की सीमा को 1.6 लाख रुपये से बढ़ाकर 2 लाख रुपये कर दिया है. यह नियम 1 जनवरी, 2025 से लागू हो चुका है. इसके अलावा, खेती के लिए कुल लोन की सीमा को भी बढ़ाकर 5 लाख रुपये कर दिया गया है. खास बात यह है कि अब मछली पालन, डेयरी और मुर्गी पालन जैसे क्षेत्रों से जुड़े लोग भी 5 लाख रुपये तक का कर्ज ले सकेंगे.
लोन पर ब्याज कितना लगेगा?
किसानों को 3 लाख रुपये तक का शॉर्ट-टर्म लोन मात्र 7% ब्याज पर मिलता है. लेकिन अगर किसान अपने लोन की किस्तें समय पर चुकाते हैं, तो उन्हें 3% की अतिरिक्त छूट दी जाती है. यानी समय पर पैसा लौटाने वाले किसानों को प्रभावी रूप से केवल 4% ब्याज ही देना होगा.
यहां देखें PIB की नोटिस
आवेदन करना कितना आसान है?
अब किसानों को लंबी कागजी कार्यवाही से नहीं गुजरना पड़ेगा. सरकार ने ‘वन-पेज’ (एक पन्ने का) आवेदन फॉर्म शुरू किया है. इसमें पीएम-किसान पोर्टल से किसानों की जानकारी अपने आप भर जाती है. किसान अपने नजदीकी बैंक या कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) पर जाकर आसानी से आवेदन कर सकते हैं.
क्या है किसान ऋण पोर्टल (KRP)?
सिस्टम में ट्रांसपेरेंसी लाने के लिए सरकार ने सितंबर 2023 में ‘किसान ऋण पोर्टल’ शुरू किया था. इसके जरिए लोन पास होने में तेजी आई है और किसान अपनी लोन प्रोफाइल और सब्सिडी की जानकारी घर बैठे देख सकते हैं. देशभर के 457 बैंक इस नेटवर्क से जुड़े हैं, जिनमें सहकारी बैंकों की भूमिका सबसे अहम है.
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