Work From Home News : वर्क फ्रॉम होम होगा खत्म, इंफोसिस ने बनाया ये प्लान

Work From Home News : इंफोसिस में कार्यकारी उपाध्यक्ष और मानव संसाधन विकास के ग्रुप हेड कृष्णमूर्ति शंकर ने इस बाबत ईमेल जारी किया है जिसमें कहा गया है कि उनका दृष्टिकोण कर्मचारियों को फ्लेक्सिबिलिटी की अनुमति देगा.

यदि आप भारतीय आईटी प्रमुख इंफोसिस के कार्मचारी हैं तो ये खबर आपके लिए खास है. जी हां…कंपनी अपने कर्मचारियों के लिए वर्क फ्रॉम होम (Work From Home) का कल्चर खत्म करने जा रही है. कर्मचारियों को दफ्तर से वापस काम करने के लिए बुलाया जा रहा है. इससे पहले कंपनी के सीईओ सलिल पारेख का बयान सामने आया था जिसमें उन्होंने कहा था कि वर्क फ्रॉम ऑफिस पर बात चल रही है लेकिन ये फ्लेक्सिबल होगा.

यहां चर्चा कर दें कोरोना काल के दौरान कंपनियों ने वर्क फ्रॉम होम अपने कर्मचारियों को दिया था. अब कोरोना के केस देश में कम आ रहे हैं जिसे देखते हुए कंपनी अपने कर्मचारियों को दफ्तर बुलाने लगी है. मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, भारतीय आईटी कंपनी इंफोसिस के इंटरनल कम्युनिकेशन से ये बात सामने आयी है कि वह अपने कर्मचारियों को ऑफिस आने को कह रही है. नोट में लिखा गया है कि कंपनी “थ्री फेज़ वर्क फ्रॉम ऑफिस” प्लान के तहत चल रही है.

कैसे कर्मचारियों को सहूलियत के साथ बुलाया जाएगा ?

इंफोसिस में कार्यकारी उपाध्यक्ष और मानव संसाधन विकास के ग्रुप हेड कृष्णमूर्ति शंकर ने इस बाबत ईमेल जारी किया है जिसमें कहा गया है कि उनका दृष्टिकोण कर्मचारियों को फ्लेक्सिबिलिटी की अनुमति देगा और “सभी के लिए एक जैसा” नहीं है. इंफोसिस के इंटरनल कम्युनिकेशन पर नजर डालें तो इसमें कहा गया है कि योजना के पहले चरण में कंपनी के कर्मचारियों को “उनकी सुविधा के अनुसार सप्ताह में 2 बार ऑफिस आने” की अनुमति प्रदान की जाएगी.

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दूसरे और तीसरे चरण में क्या ?

दूसरे चरण की बात करें तो इसमें, कर्मचारियों को उनकी पसंद के ब्रांच ऑफिस में ट्रांसफर या री-लोकेट (Transfer or Relocate) की अनुमति कंपनी की ओर से दी जाएगी. इंफोसिस की वेबसाइट पर नजर डालें तो, कंपनी के 54 देशों में 247 लोकेशन्स पर मौजूद हैं. अंतिम चरण के तहत कंपनी को अपनी हाइब्रिड-वर्क पॉलिसी निर्धारित करने के लिए पिछले दोनों चरणों से फीडबैक लेने की जरूरत होगी. इतना करने बाद आगे का निर्णय लिया जाएगा.

कर्मचारियों को वापस लाने की योजना

यहां चर्चा कर दें कि कंपनी के सीईओ सलिल पारेख ने कहा था कि कंपनी सभी कर्मचारियों को कार्यालय में वापस लाने की योजना पर काम कर रही है. इंफोसिस कार्यालय से काम करने के लिए ट्रांजिशनिंग करते वक्त कर्मचारियों को फ्लेक्सिबिलिटी प्रदान करने का भी प्रयास करने पर ध्यान दे रही है.

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लेखक के बारे में

Author: Amitabh Kumar

अमिताभ कुमार झारखंड की राजधानी रांची के रहने वाले हैं और पिछले कई वर्षों से पत्रकारिता की दुनिया में सक्रिय हैं. डिजिटल न्यूज में अच्छी पकड़ है और तेजी के साथ सटीक व भरोसेमंद खबरें लिखने के लिए जाने जाते हैं. वर्तमान में अमिताभ प्रभात खबर डिजिटल में नेशनल और वर्ल्ड न्यूज पर फोकस करते हैं और तथ्यों पर आधारित खबरों को प्राथमिकता देते हैं. हरे-भरे झारखंड की मिट्टी से जुड़े अमिताभ ने अपनी शुरुआती पढ़ाई जिला स्कूल रांची से पूरी की और फिर Ranchi University से ग्रेजुएशन के साथ पत्रकारिता की पढ़ाई की. पढ़ाई के दौरान ही साल 2011 में रांची में आयोजित नेशनल गेम को कवर करने का मौका मिला, जिसने पत्रकारिता के प्रति जुनून को और मजबूत किया.1 अप्रैल 2011 से प्रभात खबर से जुड़े और शुरुआत से ही डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय रहे. खबरों को आसान, रोचक और आम लोगों की भाषा में पेश करना इनकी खासियत है. डिजिटल के साथ-साथ प्रिंट के लिए भी कई अहम रिपोर्ट कीं. खासकर ‘पंचायतनामा’ के लिए गांवों में जाकर की गई ग्रामीण रिपोर्टिंग करियर का यादगार अनुभव है. प्रभात खबर से जुड़ने के बाद कई बड़े चुनाव कवर करने का अनुभव मिला. 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव के साथ-साथ झारखंड विधानसभा चुनावों (2014, 2019 और 2024) की भी ग्राउंड रिपोर्टिंग की है. चुनावी माहौल, जनता के मुद्दे और राजनीतिक हलचल को करीब से समझना रिपोर्टिंग की खास पहचान रही है.

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