Indian Stock Market 20 April 2026: सोमवार, 20 अप्रैल को भारतीय शेयर बाजार की शुरुआत काफी सुस्त रही. मिडिल ईस्ट (खासकर अमेरिका और ईरान) में बढ़ते तनाव और बातचीत को लेकर अनिश्चितता की वजह से बाजार खुलते ही लाल निशान में चला गया था. हालांकि, शुरुआती गिरावट के बाद सेंसेक्स और निफ्टी ने वापसी की कोशिश की है. सुबह 9:23 बजे तक सेंसेक्स करीब 124 अंक बढ़कर 78,618 के स्तर पर और निफ्टी 24 अंक की बढ़त के साथ 24,377 पर कारोबार कर रहा था.
बाजार में डर क्यों बना हुआ है?
बाजार की इस सुस्ती के पीछे सबसे बड़ी वजह अनिश्चितता है. अमेरिका और ईरान के बीच होने वाली शांति वार्ता को लेकर विरोधाभासी बयान आ रहे हैं. जहां शुक्रवार को इन्वेस्टर्स को लगा था कि समझौता हो जाएगा, वहीं अब अमेरिका की ओर से ईरान पर उल्लंघन के आरोपों ने डर पैदा कर दिया है. इसी डर के कारण बाजार में उतार-चढ़ाव (Volatility) बढ़ गया है और ‘इंडिया VIX’ इंडेक्स में 5.82% की उछाल देखी गई.
कच्चे तेल की कीमतों का क्या असर हुआ?
मिडिल ईस्ट में तनाव का सीधा असर कच्चे तेल (Crude Oil) पर पड़ा है. ब्रेंट क्रूड की कीमतें उछलकर 95 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गई हैं. तेल महंगा होने से भारत जैसे देश में महंगाई बढ़ने का खतरा रहता है, जिससे इन्वेस्टर्स का भरोसा डगमगाया है. कमोडिटी मार्केट की इस हलचल ने शेयर बाजार के लिए खतरे की घंटी बजा दी है.
कौन से सेक्टर और शेयर चमके?
बाजार में गिरावट के बावजूद कुछ सेक्टर हरे निशान में रहे. सरकारी बैंक (PSU Bank), मीडिया और कंज्यूमर ड्यूरेबल्स सेक्टर में अच्छी खरीदारी दिखी. इंडिविजुअल शेयर्स की बात करें तो Trent (2.3%), SBI, और ICICI Bank ने बाजार को सहारा दिया. वहीं दूसरी तरफ Jio Financial, Hindalco और Tata Motors जैसे शेयरों में गिरावट दर्ज की गई.
क्या कहते हैं एक्सपर्ट्स?
जानकारों का मानना है कि जब तक बुधवार की सीजफायर डेडलाइन खत्म नहीं होती, बाजार इसी तरह सतर्क रहेगा. निफ्टी के लिए 24,100 एक अहम सपोर्ट लेवल है, जबकि ऊपर की तरफ 24,700 की बाधा पार करना जरूरी है. फिलहाल, विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) ने खरीदारी की है, लेकिन घरेलू निवेशकों (DIIs) ने बिकवाली कर बाजार को थोड़ा दबाया है.
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