Indian Stock Market: शेयर बाजार में सुबह-सुबह झटका, निफ्टी–सेंसेक्स फिसले

Indian Stock Market 7 January 2026: आज भारतीय शेयर बाजार की शुरुआत कमजोर रही है. निफ्टी और सेंसेक्स में गिरावट देखी गई है. एफपीआई की बिकवाली जारी है. रिलायंस के शेयरों में हल्की तेजी आई है. निवेशकों के लिए बाजार फिलहाल सतर्कता मांग रहा है.

By Soumya Shahdeo | January 7, 2026 10:34 AM

Indian Stock Market 7 January 2026: बुधवार को भारतीय शेयर बाजार ने कमजोर शुरुआत की है. वैश्विक संकेत मिले-जुले रहे हैं और विदेशी निवेशकों की लगातार बिकवाली का असर साफ दिखा है. निफ्टी 50 ने 26,143.10 के स्तर पर कारोबार शुरू किया है, जो 35.60 अंक नीचे था. वहीं बीएसई सेंसेक्स में ज्यादा दबाव दिखा और यह 442.94 अंक गिरकर 84,620.40 पर खुला है. हाल के दिनों में रिकॉर्ड स्तर छूने के बाद बाजार को आगे बढ़ने के लिए ठोस वजह नहीं मिल पा रही है, जिससे निवेशकों का भरोसा थोड़ा डगमगाया हुआ है.

एफपीआई और खबरों का असर कितना गहरा है?

बाजार जानकारों का मानना है कि विदेशी पोर्टफोलियो निवेशक (FPI) अब भी शॉर्ट पोजिशन में बने हुए हैं. बैंकिंग और मार्केट एक्सपर्ट अजय बग्गा के मुताबिक, 2026 की शुरुआत 2025 जैसी ही दिख रही है. अमेरिका के बाजार नई ऊंचाइयों पर हैं, लेकिन भारत में रिकॉर्ड के बाद टिकाव नहीं बन पा रहा है. हाल ही में निफ्टी की 400–500 अंकों की तेजी को सहारा देने वाले बड़े शेयरों में कमजोरी आई, जिससे बाजार फिर फिसल गया है. अमेरिका-भारत ट्रेड डील से जुड़ी नकारात्मक खबरें भी माहौल को भारी बना रही हैं.

रिलायंस में तेजी लेकिन क्यों?

कमजोर बाजार के बीच रिलायंस इंडस्ट्रीज ने राहत दी है. शेयर शुरुआती कारोबार में 0.7 फीसदी चढ़कर 1,518 रुपये पर पहुंचा है. कंपनी ने उन खबरों को सिरे से खारिज किया है, जिनमें कहा गया था कि उसके जामनगर रिफाइनरी में रूसी तेल पहुंच रहा है. रिलायंस ने साफ कहा कि पिछले तीन हफ्तों में उसे कोई रूसी तेल नहीं मिला है और जनवरी में भी ऐसी कोई डिलीवरी तय नहीं है.

आगे निवेशकों को क्या देखना चाहिए?

ब्रॉडर मार्केट की बात करें तो मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में हल्की मजबूती दिखी है, जबकि कुछ सेक्टर्स जैसे ऑटो, पीएसयू बैंक और रियल्टी दबाव में रहे हैं. Geojit के डॉ. वीके विजयकुमार का कहना है कि बाजार फिलहाल बिना किसी साफ दिशा के चल रहा है. रिलायंस और HDFC बैंक जैसे बड़े शेयरों में गिरावट तकनीकी कारणों से जुड़ी हो सकती है. आगे चलकर ट्रंप से जुड़ी खबरें और टैरिफ पर सुप्रीम कोर्ट का संभावित फैसला बाजार में तेज उतार-चढ़ाव ला सकता है. ऐसे में युवा निवेशकों के लिए धैर्य और सतर्कता सबसे बड़ी रणनीति रहेगी.

ये भी पढ़ें: वैश्विक तनाव का असर, सोना चमका, चांदी ने लगाई लंबी छलांग, जानें क्या हैं आज के ताजा भाव

Disclaimer: शेयर बाजार से संबंधित किसी भी खरीद-बिक्री के लिए प्रभात खबर कोई सुझाव नहीं देता. हम बाजार से जुड़े विश्लेषण मार्केट एक्सपर्ट्स और ब्रोकिंग कंपनियों के हवाले से प्रकाशित करते हैं. लेकिन प्रमाणित विशेषज्ञों से परामर्श के बाद ही बाजार से जुड़े निर्णय करें.