मार्केट में लगातार दूसरे सत्र में नुकसान, आईटी ने डुबोया तो मेटल्स ने बचाया, जानिए अब आगे होगा क्या?

Indian Stock Market Update: शेयर बाजार में आज फिर गिरावट रही थी, लेकिन मेटल और सरकारी बैंकों ने जबरदस्त रैली दिखाई है. जानिए निफ्टी के गिरने के पीछे की असली वजह और एक्सपर्ट्स की खास राय क्या है.

By Soumya Shahdeo | January 14, 2026 6:29 PM

Indian Stock Market Update: भारतीय शेयर बाजार में आज लगातार दूसरे दिन थोड़ी हलचल और सुस्ती देखने को मिली थी. सेंसेक्स और निफ्टी दोनों ही आज गिरकर बंद हुए है. सेंसेक्स करीब 245 पॉइंट्स फिसलकर 83,382 पर आकर थमा, वहीं निफ्टी में भी 67 पॉइंट्स की गिरावट रही और यह 25,665 के लेवल पर बंद हुआ. आज सुबह से ही बाजार पर दबाव दिख रहा था, जिसकी बड़ी वजह अमेरिका द्वारा ईरान के साथ व्यापार करने वाले देशों पर 25% टैरिफ लगाने की खबर रही है. इस ग्लोबल टेंशन ने निवेशकों को थोड़ा सावधान कर दिया है, जिससे बिकवाली बढ़ गई है.

आज किन सेक्टर्स ने बाजी मारी और कौन पीछे रहा?

भले ही ओवरऑल मार्केट गिर रहा था, लेकिन कुछ सेक्टर्स ऐसे भी थे जहां जमकर खरीदारी हुई थी. मेटल और सरकारी बैंकों (PSU Banks) के शेयर्स में आज जबरदस्त तेजी देखी गई, ये दोनों ही 2% से ज्यादा बढ़कर बंद हुए थे. मेटल की चमक इसलिए बढ़ी क्योंकि ग्लोबल मार्केट में दाम बढ़ रहे हैं और अमेरिका में ब्याज दरें कम होने की उम्मीद है. दूसरी तरफ, आईटी (IT) सेक्टर के लिए दिन थोड़ा भारी रहा और इसमें 1% से ज्यादा की गिरावट आई थी. छोटे और मझोले शेयरों (Mid-cap & Small-cap) में भी आज ठीक-ठाक हलचल रही थी.

एक्सपर्ट्स का इस उतार-चढ़ाव पर क्या कहना है?

बाजार के जानकारों का मानना है कि मार्केट अभी एक सीमित दायरे (Range) में घूम रहा है. कोटक सिक्योरिटीज के मुताबिक, निफ्टी को 25,600 के पास सपोर्ट मिल रहा है, जबकि 25,800 के पास लोग अपना मुनाफा वसूल रहे हैं. वहीं जियोजित इन्वेस्टमेंट्स का कहना है कि भारत-अमेरिका ट्रेड डील को लेकर जो अनिश्चितता है, उसकी वजह से विदेशी निवेशक (FIIs) फिलहाल पैसा लगाने में हिचकिचा रहे हैं. हालांकि, बातचीत फिर से शुरू होने की खबर एक अच्छी उम्मीद जगाती है.

आगे के लिए क्या है मार्केट का इशारा?

टेक्निकल तौर पर देखें तो मार्केट अभी भी एक मजबूत स्थिति में है क्योंकि यह अपने जरूरी मूविंग एवरेज (SMA) के ऊपर बना हुआ है. लेकिन विशेषज्ञों का मानना है कि खरीदारी की रफ्तार थोड़ी धीमी पड़ गई है. जब तक निफ्टी एक खास लेवल को पार नहीं करता, तब तक यह 59,000 से 59,800 के बीच ही खेलता हुआ नजर आ सकता है. अब सबकी नजरें दिसंबर तिमाही (Q3) के नतीजों और अमेरिकी महंगाई के आंकड़ों पर टिकी हैं, जो आगे का रास्ता साफ करेंगे.

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