अर्थव्यवस्था के अच्छे दिन! तीसरी तिमाही में GDP ग्रोथ 6.2% रहने का अनुमान

Indian Economy: भारतीय अर्थव्यवस्था में सुधार के संकेत दिखने लगे हैं. दिसंबर तिमाही में GDP ग्रोथ 6.2% रहने की संभावना है, जिससे मंदी की आशंका कम हो गई है. RBI की संभावित दर कटौती से आर्थिक गतिविधियों को और गति मिल सकती है.

Indian Economy: भारतीय अर्थव्यवस्था में सुधार के संकेत मिलने लगे हैं. जर्मनी की ब्रोकरेज कंपनी डॉयचे बैंक की रिपोर्ट के अनुसार, देश की सकल घरेलू उत्पाद (GDP) वृद्धि दर दिसंबर तिमाही में 6.2% रहने का अनुमान है. इससे पहले, सितंबर तिमाही में GDP ग्रोथ सात तिमाहियों के निचले स्तर 5.4% पर आ गई थी, जिससे आर्थिक मंदी की आशंका बढ़ गई थी.

अर्थव्यवस्था में सुधार के संकेत

डॉयचे बैंक के विश्लेषकों के अनुसार, भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए बुरा दौर अब खत्म हो गया है. रिपोर्ट में कहा गया है कि आर्थिक गतिविधियों में सुधार जारी रहेगा, लेकिन वित्त वर्ष 2025-26 में GDP ग्रोथ 7% की क्षमता से थोड़ी कम रह सकती है.

RBI कर सकता है दरों में कटौती

रिपोर्ट में अनुमान लगाया गया है कि भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) अप्रैल 2025 में अपनी मौद्रिक नीति समीक्षा में रेपो रेट में 0.25% की कटौती कर सकता है. इससे बाजार में लिक्विडिटी बढ़ेगी और निवेश को बढ़ावा मिलेगा.

6.2% GDP ग्रोथ के संकेत

ब्रोकरेज हाउस ने कहा कि 65 प्रमुख आर्थिक संकेतकों के आधार पर 6.2% GDP वृद्धि की उम्मीद है. हालांकि, विश्लेषकों ने यह भी कहा कि हमें सतर्क रहने की जरूरत है क्योंकि पिछले वर्षों के आर्थिक आंकड़ों में संशोधन की संभावना रहती है.

भारतीय अर्थव्यवस्था की मजबूती बरकरार

भारतीय अर्थव्यवस्था में वैश्विक अनिश्चितताओं के बावजूद मजबूती बनी हुई है. रिपोर्ट में कहा गया है कि यदि नीतिगत सुधार और सरकारी निवेश जारी रहते हैं, तो भारतीय अर्थव्यवस्था जल्द ही 7% की वृद्धि दर हासिल कर सकती है.

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लेखक के बारे में

By KumarVishwat Sen

कुमार विश्वत सेन प्रभात खबर डिजिटल में डेप्यूटी चीफ कंटेंट राइटर हैं. इनके पास हिंदी पत्रकारिता का 25 साल से अधिक का अनुभव है. इन्होंने 21वीं सदी की शुरुआत से ही हिंदी पत्रकारिता में कदम रखा. दिल्ली विश्वविद्यालय से हिंदी पत्रकारिता का कोर्स करने के बाद दिल्ली के दैनिक हिंदुस्तान से रिपोर्टिंग की शुरुआत की. इसके बाद वे दिल्ली में लगातार 12 सालों तक रिपोर्टिंग की. इस दौरान उन्होंने दिल्ली से प्रकाशित दैनिक हिंदुस्तान दैनिक जागरण, देशबंधु जैसे प्रतिष्ठित अखबारों के साथ कई साप्ताहिक अखबारों के लिए भी रिपोर्टिंग की. 2013 में वे प्रभात खबर आए. तब से वे प्रिंट मीडिया के साथ फिलहाल पिछले 10 सालों से प्रभात खबर डिजिटल में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. इन्होंने अपने करियर के शुरुआती दिनों में ही राजस्थान में होने वाली हिंदी पत्रकारिता के 300 साल के इतिहास पर एक पुस्तक 'नित नए आयाम की खोज: राजस्थानी पत्रकारिता' की रचना की. इनकी कई कहानियां देश के विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित हुई हैं.

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