मिडिल ईस्ट संकट: 39,000 लोगों ने छोड़ा LPG, सरकार ने PNG और छोटे सिलेंडर बढ़ाए

LPG Crisis PNG Consumers: पश्चिम एशिया संकट के बीच 39,000 से ज्यादा लोगों ने एलपीजी कनेक्शन सरेंडर किए हैं. सरकार ने घरेलू गैस की सप्लाई सामान्य रखने के लिए पीएनजी (PNG) और 5 किलो वाले सिलेंडरों पर जोर दिया है.

LPG Crisis PNG Consumers: पश्चिम एशिया में जारी तनाव और युद्ध के कारण एलपीजी (LPG) की अंतरराष्ट्रीय आपूर्ति प्रभावित हुई है. इसे देखते हुए भारत सरकार ने उन ग्राहकों से एलपीजी कनेक्शन सरेंडर करने की अपील की थी जिनके पास पीएनजी (PNG) की सुविधा भी मौजूद है.

प्रमुख आंकड़े और अपडेट

  • कनेक्शन सरेंडर: अब तक 39,000 से अधिक पीएनजी ग्राहकों ने अपने एलपीजी कनेक्शन छोड़ दिए हैं.
  • नए पीएनजी कनेक्शन: मार्च से अब तक 4.93 लाख नए पीएनजी कनेक्शन लगाए गए हैं और 5.51 लाख नए उपभोक्ता पंजीकृत हुए हैं.
  • कमर्शियल सप्लाई: शुरुआत में प्रभावित हुई कमर्शियल एलपीजी की 70% सप्लाई बहाल कर दी गई है. पिछले पांच दिनों में प्रतिदिन औसतन 7,000 टन कमर्शियल एलपीजी की बिक्री हुई है.

सप्लाई चैन को मजबूत करने के लिए सरकारी कदम

सरकार ने यह सुनिश्चित करने के लिए कई ठोस कदम उठाए हैं कि घरों में ‘ड्राय-आउट’ (गैस खत्म होने) की स्थिति न आए:

  • 5 किलो वाले सिलेंडरों पर जोर: सरकार ने छोटे (5 किलो) सिलेंडरों की उपलब्धता बढ़ा दी है. 23 मार्च से अब तक 18.45 लाख छोटे सिलेंडर बेचे जा चुके हैं.
  • DAC का सफल क्रियान्वयन: चोरी और डायवर्जन रोकने के लिए ‘डिलीवरी ऑथेंटिकेशन कोड’ (DAC) को अनिवार्य किया गया है. सरकार ने 90% का लक्ष्य रखा था, जिसे पार कर अब 92% हासिल कर लिया गया है.
  • कालाबाजारी पर लगाम: हाल ही में 1,900 छापेमारी की गई, जिसमें 267 वितरकों पर जुर्माना लगाया गया और 67 वितरकों को निलंबित कर दिया गया.
  • राज्यों को प्रोत्साहन: जो राज्य पीएनजी नेटवर्क विस्तार में मदद कर रहे हैं, उन्हें कमर्शियल एलपीजी का 10% अतिरिक्त कोटा दिया जा रहा है.

ऑटो एलपीजी और पेट्रोल-डीजल की स्थिति

  • ऑटो एलपीजी: इसकी खपत में भारी उछाल आया है. फरवरी में यह 177 टन प्रतिदिन थी, जो पिछले हफ्ते बढ़कर 350 टन प्रतिदिन पहुँच गई है.
  • पेट्रोल-डीजल: देश भर के रिटेल आउटलेट्स पर पेट्रोल और डीजल की सप्लाई पूरी तरह सामान्य है. रिफाइनरियां अपनी पूरी क्षमता से काम कर रही हैं.

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लेखक के बारे में

By Abhishek pandey

अभिषेक पाण्डेय पिछले तीन वर्षों से प्रभात खबर में डिजिटल जर्नलिस्ट के तौर पर काम कर रहे हैं। वे बिजनेस और अर्थव्यवस्था से जुड़ी खबरों को आसान भाषा में पाठकों तक पहुंचाने का काम करते हैं। शेयर बाजार, पर्सनल फाइनेंस, बैंकिंग, बजट, सरकारी योजनाएं, MSME, कृषि और इंडस्ट्री जैसे विषयों पर उनकी अच्छी पकड़ है। वे रिसर्च के साथ ऐसी खबरें और एक्सप्लेनर तैयार करते हैं, जिन्हें आम लोग भी आसानी से समझ सकें। इसके अलावा यूटिलिटी न्यूज और सक्सेस स्टोरीज लिखने में भी उनकी खास रुचि है।

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अभिषेक ने पत्रकारिता की पढ़ाई माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय (MCU), भोपाल से की है, जिसे पत्रकारिता की दुनिया में 'दादा माखनलाल की बगिया' भी कहा जाता है।

करियर की शुरुआत उन्होंने राजस्थान पत्रिका के साथ की, जहां उन्होंने डिजिटल पत्रकारिता की बारीकियों को करीब से समझा। इसके बाद वे प्रभात खबर से जुड़े और पिछले तीन वर्षों से डिजिटल जर्नलिस्ट के रूप में काम कर रहे हैं।

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शिक्षा

अभिषेक पाण्डेय ने माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय (MCU), भोपाल से पत्रकारिता एवं जनसंचार की पढ़ाई की है। यहां उन्होंने रिपोर्टिंग, डिजिटल मीडिया, न्यूज़ राइटिंग, वीडियो प्रोडक्शन और मल्टीमीडिया जर्नलिज्म की बारीकियां सीखीं, जिनका इस्तेमाल वे आज अपनी पत्रकारिता में कर रहे हैं।

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