अब प्रदूषण कम करने पर भी होगी कमाई, भारत में शुरू होने जा रहा है 'कार्बन ट्रेडिंग' का बाजार

Carbon Trading: भारत अगले चार महीनों के भीतर अपना घरेलू कार्बन मार्केट शुरू करने के लिए पूरी तरह तैयार है. केंद्रीय ऊर्जा मंत्री मनोहर लाल ने 'भारत इलेक्ट्रिसिटी समिट 2026' में घोषणा की कि यह बाजार उत्सर्जन कम करने के लिए एक आर्थिक ढांचे के रूप में काम करेगा.

Carbon Trading: भारत सरकार ने जलवायु परिवर्तन (Climate Change) से लड़ने के लिए एक अनोखा और व्यापारिक रास्ता निकाला है. अगले चार महीनों में देश में कार्बन सर्टिफिकेट की खरीद-बिक्री शुरू हो जाएगी. इसका मतलब है कि जो कंपनियां पर्यावरण को कम नुकसान पहुँचाएंगी, उन्हें इसका आर्थिक फायदा मिलेगा.

क्या है यह कार्बन मार्केट और कैसे करेगा काम ?

सरकार हर बड़ी कंपनी के लिए प्रदूषण (Emissions) की एक सीमा तय करेगी.

फायदा किसे होगा? अगर कोई कंपनी अपनी तय सीमा से कम प्रदूषण करती है, तो उसे ‘कार्बन सर्टिफिकेट’ मिलेंगे. वह इन सर्टिफिकेट्स को बाजार में बेचकर पैसे कमा सकती है. नुकसान किसे होगा? जो कंपनियां तय सीमा से ज्यादा प्रदूषण करेंगी, उन्हें जुर्माना भरने के बजाय बाजार से ये सर्टिफिकेट खरीदने होंगे.

इस कदम के 3 बड़े फायदे

  • नेट जीरो का लक्ष्य: भारत ने 2070 तक ‘नेट जीरो’ (प्रदूषण मुक्त) बनने का संकल्प लिया है. यह बाजार उस दिशा में सबसे बड़ा कदम है.
  • कंपनियों में मची होड़: अब कंपनियां सिर्फ मुनाफा कमाने के लिए नहीं, बल्कि कार्बन सर्टिफिकेट बचाने के लिए भी नई और साफ तकनीकों (जैसे सोलर पावर) का इस्तेमाल करेंगी.
  • पुरानी स्कीम की सफलता: भारत में पहले से चल रही ‘PAT’ स्कीम ने करीब 11 करोड़ टन कार्बन डाइऑक्साइड कम करने में मदद की है. नया कार्बन मार्केट इसे और बड़े स्तर पर ले जाएगा.

आम आदमी और देश पर असर

ऊर्जा मंत्री के अनुसार, यह सिर्फ एक मार्केट नहीं बल्कि एक ‘नेशनल एसेट’ (राष्ट्रीय संपत्ति) है. इससे देश में नई तकनीक वाली नौकरियां आएंगी और भारत दुनिया भर में ‘ग्रीन एनर्जी’ का लीडर बनकर उभरेगा. साथ ही, 20 करोड़ स्मार्ट मीटर लगाने जैसे लक्ष्यों से बिजली की बर्बादी भी रुकेगी.

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By Abhishek Pandey

अभिषेक पाण्डेय पिछले 2 वर्षों से प्रभात खबर (Prabhat Khabar) में डिजिटल जर्नलिस्ट के रूप में कार्यरत हैं। उन्होंने पत्रकारिता के प्रतिष्ठित संस्थान 'दादा माखनलाल की बगिया' यानी माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय, भोपाल (MCU) से मीडिया की बारीकियां सीखीं और अपनी शैक्षणिक योग्यता पूरी की है। अभिषेक को वित्तीय जगत (Financial Sector) और बाजार की गहरी समझ है। वे नियमित रूप से स्टॉक मार्केट (Stock Market), पर्सनल फाइनेंस, बजट और बैंकिंग जैसे जटिल विषयों पर गहन शोध के साथ विश्लेषणात्मक लेख लिखते हैं। इसके अतिरिक्त, इंडस्ट्री न्यूज, MSME सेक्टर, एग्रीकल्चर (कृषि) और केंद्र व राज्य सरकार की सरकारी योजनाओं (Sarkari Yojana) का प्रभावी विश्लेषण उनके लेखन के मुख्य क्षेत्र हैं। आम जनमानस से जुड़ी यूटिलिटी (Utility) खबरों और प्रेरणादायक सक्सेस स्टोरीज को पाठकों तक पहुँचाने में उनकी विशेष रुचि है। तथ्यों की सटीकता और सरल भाषा अभिषेक के लेखन की पहचान है, जिसका उद्देश्य पाठकों को हर महत्वपूर्ण बदलाव के प्रति जागरूक और सशक्त बनाना है।

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