लोन की EMI ने बिगाड़ दिया है घर का बजट? इन 4 जादुई तरीकों से पाएं कर्ज से परमानेंट आजादी
How to reduce Loan EMI: बैंक लोन की भारी EMI आज कई परिवारों के बजट पर बोझ बन गई है. चाहे होम लोन हो या पर्सनल लोन, ब्याज का चक्रव्यूह अक्सर खत्म होने का नाम नहीं लेता. लेकिन सही फाइनेंशियल प्लानिंग और कुछ स्मार्ट तरीकों से आप न केवल अपनी किश्तें कम कर सकते हैं, बल्कि समय से पहले कर्ज मुक्त भी हो सकते हैं.
How to reduce Loan EMI: आज के दौर में लाइफस्टाइल को बेहतर बनाने के लिए होम लोन, कार लोन या पर्सनल लोन लेना एक मजबूरी बन गया है. शुरुआत में तो सब ठीक लगता है, लेकिन कुछ समय बाद बैंक की मासिक किश्तें (EMI) गले की फांस बनने लगती हैं. कई लोग तो आधी जिंदगी सिर्फ ब्याज चुकाने में ही गुजार देते हैं. अगर आप भी कर्ज के इस चक्रव्यूह में फंसे हैं, तो घबराइए मत. यहाँ कुछ ऐसे प्रैक्टिकल टिप्स दिए गए हैं जो आपको समय से पहले ‘डे्ट फ्री’ (Debt Free) बना सकते हैं.
बचत और बोनस को बनाएं अपना हथियार
लोन के बोझ को कम करने का सबसे सीधा तरीका है ‘प्रीपेमेंट’. साल में जब भी आपको दिवाली बोनस मिले, टैक्स रिफंड आए या कोई पुरानी एफडी (FD) मैच्योर हो, तो उस पैसे से नया सामान खरीदने के बजाय अपने लोन का कुछ हिस्सा चुका दें. ऐसा करने से सीधे आपके ‘मूलधन’ (Principal) पर चोट पड़ती है, जिससे आने वाले महीनों का ब्याज अपने आप कम हो जाता है.
EMI बढ़ाने की डालें आदत
जैसे-जैसे आपकी सैलरी या बिजनेस की इनकम बढ़े, वैसे-वैसे अपनी EMI की राशि भी बढ़वाते रहें. अगर आप हर साल अपनी EMI में सिर्फ 5-10% की भी बढ़ोतरी करते हैं, तो आपका 20 साल का लोन महज 12-15 साल में ही खत्म हो सकता है. कम समय का मतलब है बैंक को कम ब्याज देना, जो आपकी जेब के लिए सीधा फायदा है.
साल में एक बार करें बड़ी पेमेंट
लोन को जल्दी खत्म करने का एक मनोवैज्ञानिक तरीका यह है कि आप हर साल एक बड़ी राशि (कुल लोन का कम से कम 20%) एक साथ चुकाने का लक्ष्य रखें. जब आप एकमुश्त पैसा जमा करते हैं, तो बैंक को दिए जाने वाले ब्याज का मीटर बहुत तेजी से धीमा हो जाता है. यह तरीका उन लोगों के लिए बेहतरीन है जिनकी सालाना कमाई (Variable Pay) अच्छी होती है.
ब्याज दरों पर रखें पैनी नजर
मार्केट में हमेशा नजर रखें कि कौन सा बैंक सबसे सस्ता लोन दे रहा है. अगर आपको लगता है कि आपका मौजूदा बैंक ज्यादा ब्याज वसूल रहा है, तो आप ‘लोन बैलेंस ट्रांसफर’ का विकल्प चुन सकते हैं. किसी दूसरे बैंक में कम ब्याज दर पर लोन शिफ्ट करने से आपकी मंथली EMI कम हो जाती है और आपकी बचत बढ़ जाती है. बस शिफ्ट करने से पहले प्रोसेसिंग फीस का हिसाब जरूर लगा लें.
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