SIP Formula: आज के भागदौड़ भरे आधुनिक दौर में जहां आर्थिक अनिश्चितताएं बनी रहती हैं सिस्टेमैटिक इन्वेस्टमेंट प्लान (SIP) हर आम इंवेस्टर के लिए एक शक्तिशाली और भरोसेमंद साधन बन चुका है. इन्वेस्ट के सैंकड़ों विकल्पों में SIP को सबसे ख़ास माना जाता है क्योंकि यह साधारण आय वाले व्यक्ति को भी बहुत बड़ी पूंजी बनाने का सीधा रास्ता दिखाता है.
आम तौर पर यह माना जाता है कि बड़े फ़ायदे के लिए बड़ी पूंजी चाहिए लेकिन वित्तीय विशेषज्ञ इस धारणा को पूरी तरह ख़ारिज करते हैं. SIP की सबसे ख़ास बात इसकी लचीलापन है. यह आपको सिर्फ़ 100 रुपए जैसी छोटी रकम से भी निवेश शुरू करने की अनुमति देता है.
पैसे को तेज़ी से बढ़ाने का तरीक़ा
SIP का सबसे बड़ा आर्थिक फ़ायदा है ‘कम्पाउंडिंग’. यह एक ऐसा सिद्धांत है जो सुनिश्चित करता है कि आपके मूल इन्वेस्ट के साथ-साथ उस पर मिले मुनाफ़े पर भी लगातार कमाई होती रहे. आसान भाषा में आपका पैसा न सिर्फ आपको रिटर्न देता है बल्कि वह रिटर्न भी आपके लिए पैसा कमाना शुरू कर देता है. लंबी अवधि तक निवेश बनाए रखने पर यह शक्ति तेज़ी से बढ़ती है और आपके छोटे-से निवेश को भी एक विशाल फंड में बदल देती है.
30 साल का गणित जो आपको बनाएगा करोड़पति
यदि कोई व्यक्ति रोज़ाना 100 रुपए की बचत करता है तो उसका मासिक निवेश लगभग 3,000 रुपए होता है. यदि इसे 30 साल तक जारी रखा जाए और अनुमानित 12% सालाना रिटर्न मिले तो कुल इन्वेस्ट 30 साल में 18 लाख रुपए हुए. 30 साल बाद लगभग 1,76,49,569 रुपए आपको रिटर्न मिलेंगे.
यह गणित स्पष्ट करता है कि 18 लाख रुपए का इन्वेस्ट कम्पाउंडिंग के जादू के कारण 1.76 करोड़ रुपये से अधिक का फंड बन जाता है. इस पूरे खेल में बड़ी रकम से ज़्यादा समय और अनुशासन की भूमिका होती है.
इन्वेस्ट के दो मुख्य दरवाज़े
म्यूचुअल फंड में निवेश करने के दो प्रमुख तरीके हैं. जिसमें SIP और लंपसम बेस्ट विकल्प है. SIP उन लोगों के लिए बेहतरीन है जिनकी आय नियमित है और जो हर महीने छोटी राशि जमा कर सकते हैं. लंपसम उन लोगों के लिए है जिनके पास एक साथ बड़ी पूंजी उपलब्ध है और वे बाजार के सही समय का इंतजार कर सकते हैं.
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