Crude Oil Impact on Paint Industry: अगर आप अपने घर को पेंट कराने की सोच रहे हैं, तो यह खबर आपके लिए है. अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल (Crude Oil) की बढ़ती कीमतों का असर अब सीधा आपकी जेब पर पड़ सकता है. सिस्टमैटिक्स रिसर्च की एक ताजा रिपोर्ट के मुताबिक, अगले महीने यानी अप्रैल से पेंट की कीमतों में 2% से 5% तक की बढ़ोतरी देखी जा सकती है.
क्यों बढ़ रहे हैं दाम?
पेंट बनाने में कच्चे तेल से निकलने वाले रसायनों का इस्तेमाल होता है. जब क्रूड ऑयल महंगा होता है, तो पेंट कंपनियों की लागत बढ़ जाती है. इसी बढ़ी हुई लागत की भरपाई के लिए कंपनियां अपने प्रोडक्ट्स के दाम बढ़ाने की तैयारी में हैं. हालांकि, अभी तक किसी भी बड़ी कंपनी ने आधिकारिक तौर पर कीमतों में बदलाव का ऐलान नहीं किया है.
कंपनियां फूंक-फूंक कर रख रही हैं कदम
बाजार में कड़ा मुकाबला होने के कारण कंपनियां तुरंत दाम बढ़ाने से बच रही हैं. उन्हें डर है कि अचानक रेट बढ़ाने से उनकी बिक्री पर असर पड़ सकता है. अनुमान है कि कंपनियां मार्च के आखिरी हफ्ते तक कच्चे तेल की कीमतों पर नजर रखेंगी और उसके बाद ही कोई अंतिम फैसला लेंगी.
एक साथ नहीं, किस्तों में बढ़ेंगे रेट
रिपोर्ट की मानें तो कंपनियां एक झटके में कीमतें नहीं बढ़ाएंगी. वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही (अप्रैल-जून) के दौरान कीमतों में धीरे-धीरे और कई चरणों में बढ़ोतरी की जा सकती है. अगर कच्चे तेल के दाम लंबे समय तक ऊंचे रहे, तो आगे चलकर पेंट और भी महंगा हो सकता है.
सस्ते पेंट की डिमांड सबसे ज्यादा
पेंट सेक्टर के जानकारों का कहना है कि वर्तमान में महंगे या लग्जरी पेंट्स के मुकाबले सस्ते प्रोडक्ट्स की मांग ज्यादा है. बाजार में लोग फिलहाल डिस्टेंपर और इकोनॉमी इमल्शन जैसे किफायती विकल्पों को ज्यादा पसंद कर रहे हैं. हालांकि डिमांड में 4% से 6% की बढ़ोतरी देखी जा रही है, लेकिन कंपनियों के मुनाफे (Margin) पर कच्चे तेल की महंगाई का दबाव साफ दिख रहा है.
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