Saving Tips : ज्यादातर लोगों की शिकायत होती है कि “महीना खत्म होने से पहले ही सैलरी खत्म हो जाती है.” समस्या कमाई कम होना नहीं, बल्कि खर्च करने का गलत तरीका है. अगर आप भी अमीर बनना चाहते हैं, तो याद रखें कि आप कितना कमाते हैं उससे ज्यादा जरूरी यह है कि आप कितना बचाते हैं.
यहां पैसे बचाने के 3 सबसे असरदार तरीके दिए गए हैं
वॉरेन बफे का नियम: पहले बचत, फिर खर्च
दुनिया के सबसे बड़े निवेशक वॉरेन बफे का एक सीधा मंत्र है: “खर्च करने के बाद जो बचे उसे मत बचाओ, बल्कि पहले बचत करो और फिर जो बचे उसे खर्च करो.”
- कैसे काम करता है: अगर आपकी सैलरी ₹50,000 है, तो हम आमतौर पर पहले किराया, बिजली और शॉपिंग का खर्च निकालते हैं और उम्मीद करते हैं कि अंत में कुछ बचेगा. बफे कहते हैं कि जैसे ही सैलरी आए, सबसे पहले ₹5,000 या ₹10,000 निवेश (SIP या RD) के लिए अलग कर दें. अब जो ₹40,000 बचे, उसी में अपना महीना चलाएं.
’80/20′ का फॉर्मूला: खुद को पहले ‘पे’ करें
इन्वेस्टमेंट सलाहकार विनोद रावल के मुताबिक, ‘Pay Yourself First’ का तरीका आपको कभी कर्जदार नहीं होने देगा.
- 80/20 नियम: अपनी कमाई का 20% हिस्सा तुरंत बचत या निवेश में डालें. बाकी 80% हिस्से से घर का किराया, EMI, राशन और अन्य जरूरतें पूरी करें.
- जब आप बचत की रकम पहले ही निकाल लेते हैं, तो आपके पास फालतू खर्च करने के लिए पैसे कम बचते हैं, जिससे आप अपने आप अनुशासित हो जाते हैं.
‘टू-अकाउंट थ्योरी’: खर्च और बचत को अलग रखें
- दिल्ली यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर सिद्धार्थ राठौर के अनुसार, दो बैंक अकाउंट रखना पर्सनल फाइनेंस को मैनेज करने का सबसे बेहतरीन तरीका है.
- अकाउंट नंबर 1 (सेविंग अकाउंट): इसमें आपकी सैलरी आएगी. इसी से आपकी SIP कटेगी और इमरजेंसी फंड जमा होगा. इस अकाउंट का एटीएम कार्ड अलमारी में बंद रखें.
- अकाउंट नंबर 2 (खर्च अकाउंट): महीने के जरूरी खर्चों (किराया, बिल, राशन) के लिए एक निश्चित रकम पहले अकाउंट से दूसरे अकाउंट में ट्रांसफर कर दें. पूरे महीने जो भी खर्च करना है (शॉपिंग या घूमना), इसी दूसरे अकाउंट से करें.
- फायदा: जैसे ही दूसरे अकाउंट का बैलेंस कम होने लगेगा, आपका दिमाग आपको ‘अलर्ट’ कर देगा और आप गैर-जरूरी खर्चों पर लगाम लगा लेंगे.
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