गैस सिलेंडर की किल्लत से रेस्टोरेंट पर संकट, कीमत बढ़ी और मेन्यू बदला

LPG Crisis in india: पश्चिम एशिया में जारी तनाव के बीच एलपीजी की अनियमित सप्लाई से दिल्ली के कई रेस्टोरेंट मुश्किल में हैं. गैस की कमी के कारण मेन्यू में बदलाव करना पड़ रहा है और बढ़ती लागत से छोटे प्रतिष्ठानों की चिंता बढ़ गई है.

LPG Crisis in india: पश्चिम एशिया में जारी तनाव का असर अब भारत के रेस्टोरेंट मार्केट पर भी दिखने लगा है. दिल्ली के कई रेस्टोरेंट इन दिनों एलपीजी सिलेंडर की अनियमित सप्लाई के कारण मुश्किलों का सामना कर रहे हैं. गैस की कमी की वजह से उन्हें अपने मेन्यू में बदलाव करना पड़ रहा है, वहीं बढ़ती लागत ने कारोबारियों की चिंता बढ़ा दी है.

सरकार ने गैस सप्लाई को दी प्राथमिकता

दरअसल, मौजूदा हालात को देखते हुए सरकार ने घरेलू स्तर पर उत्पादित प्राकृतिक गैस की सप्लाई को प्राथमिकता देने का फैसला किया है. नई व्यवस्था के तहत पहले एलपीजी उत्पादन, सीएनजी और पाइप से मिलने वाली रसोई गैस (पीएनजी) की जरूरतें पूरी की जाएंगी. इसके बाद ही अन्य उद्योगों को गैस की आपूर्ति की जाएगी.

मेन्यू में बदलाव और वैकल्पिक इंतजाम

रेस्टोरेंट संचालकों का कहना है कि एलपीजी की अनियमित सप्लाई के चलते कई प्रतिष्ठानों को अपने मेन्यू में बदलाव करना पड़ रहा है. कई जगह ऐसे व्यंजन ज्यादा बनाए जा रहे हैं जिनमें गैस की खपत कम होती है. इसके अलावा कुछ रेस्टोरेंट इंडक्शन कुकिंग और पाइप से मिलने वाली प्राकृतिक गैस का सहारा ले रहे हैं ताकि कामकाज जारी रखा जा सके.

कर्मचारियों के रोजगार पर भी मंडरा रहा खतरा

रेस्टोरेंट संचालकों का कहना है कि अगर यह स्थिति लंबे समय तक बनी रहती है तो छोटे और मध्यम स्तर के रेस्टोरेंट के लिए बढ़ती लागत को संभालना मुश्किल हो जाएगा. ऐसे में खर्च कम करने के लिए कर्मचारियों के वेतन में कटौती या स्टाफ कम करने जैसे कदम भी उठाने पड़ सकते हैं.

रेहड़ी-पटरी विक्रेताओं की भी बढ़ सकती है परेशानी

एलपीजी सिलेंडर पर निर्भर रहने वाले रेहड़ी-पटरी विक्रेताओं को भी इस स्थिति का सामना करना पड़ सकता है. उनका कहना है कि अगर सिलेंडर की कमी जारी रहती है तो उन्हें ऊंचे दाम पर काला बाजार से गैस खरीदनी पड़ सकती है. इससे उनकी लागत बढ़ेगी और कमाई पर सीधा असर पड़ेगा.

हालांकि, जिन रेस्टोरेंट की रसोई पाइप गैस नेटवर्क से जुड़ी हुई है, उन्हें फिलहाल ज्यादा परेशानी नहीं हो रही है. ऐसे प्रतिष्ठानों में गैस की सप्लाई अभी सामान्य बनी हुई है, जिससे उनका कामकाज प्रभावित नहीं हुआ है.

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By Abhishek Pandey

अभिषेक पाण्डेय पिछले 2 वर्षों से प्रभात खबर (Prabhat Khabar) में डिजिटल जर्नलिस्ट के रूप में कार्यरत हैं। उन्होंने पत्रकारिता के प्रतिष्ठित संस्थान 'दादा माखनलाल की बगिया' यानी माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय, भोपाल (MCU) से मीडिया की बारीकियां सीखीं और अपनी शैक्षणिक योग्यता पूरी की है। अभिषेक को वित्तीय जगत (Financial Sector) और बाजार की गहरी समझ है। वे नियमित रूप से स्टॉक मार्केट (Stock Market), पर्सनल फाइनेंस, बजट और बैंकिंग जैसे जटिल विषयों पर गहन शोध के साथ विश्लेषणात्मक लेख लिखते हैं। इसके अतिरिक्त, इंडस्ट्री न्यूज, MSME सेक्टर, एग्रीकल्चर (कृषि) और केंद्र व राज्य सरकार की सरकारी योजनाओं (Sarkari Yojana) का प्रभावी विश्लेषण उनके लेखन के मुख्य क्षेत्र हैं। आम जनमानस से जुड़ी यूटिलिटी (Utility) खबरों और प्रेरणादायक सक्सेस स्टोरीज को पाठकों तक पहुँचाने में उनकी विशेष रुचि है। तथ्यों की सटीकता और सरल भाषा अभिषेक के लेखन की पहचान है, जिसका उद्देश्य पाठकों को हर महत्वपूर्ण बदलाव के प्रति जागरूक और सशक्त बनाना है।

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