Canara Bank: पब्लिक सेक्टर के दिग्गज केनरा बैंक (Canara Bank) ने अपने ग्राहकों के लिए लोन की ब्याज दरों में बढ़ोतरी का फैसला किया है. बैंक ने चुनिंदा लंबी अवधि के लोन पर ब्याज दरों में 0.10% (10 बेसिस प्वाइंट) का इजाफा किया है. बैंक द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, ये नई दरें गुरुवार, 12 मार्च 2026 से प्रभावी हो जाएंगी.
इन अवधियों पर बढ़ेगा ब्याज का बोझ
बैंक ने अपनी MCLR (मार्जिनल कॉस्ट ऑफ फंड्स बेस्ड लेंडिंग रेट) में बदलाव किया है. इसका असर उन ग्राहकों पर पड़ेगा जिन्होंने 2 या 3 साल की अवधि के लिए कर्ज लिया है:
- 2 साल की MCLR अब 8.85% से बढ़कर 8.95% हो जाएगी.
- 3 साल की MCLR अब 8.90% से बढ़कर 9.00% हो जाएगी.
क्या होती है MCLR और आपकी जेब पर क्या होगा असर?
MCLR वह न्यूनतम दर है जिसके आधार पर बैंक होम लोन, पर्सनल लोन और बिजनेस लोन की ब्याज दरें तय करते हैं. केनरा बैंक का लगभग आधा लोन पोर्टफोलियो इसी दर से जुड़ा हुआ है. आसान शब्दों में समझें तो अगर आपने 20 लाख रुपये का होम लोन 20 साल के लिए लिया है, तो 0.10% ब्याज बढ़ने से आपकी मासिक EMI में लगभग 150 रुपये की बढ़ोतरी हो सकती है. हालांकि यह राशि छोटी लग सकती है, लेकिन लोन की पूरी अवधि के दौरान यह एक बड़ा अतिरिक्त भुगतान बन जाता है.
लोन की अवधि बढ़ेगी या EMI?
जब भी बैंक ब्याज दरें बढ़ाते हैं, तो ग्राहकों के पास दो विकल्प होते हैं. या तो बैंक आपकी मंथली EMI बढ़ा देता है, या फिर EMI वही रहती है लेकिन लोन चुकाने का समय (Tenure) बढ़ जाता है. ज्यादातर मामलों में बैंक लोन की अवधि बढ़ाना पसंद करते हैं.
बैंक ऑफ बड़ौदा और यूको बैंक के ग्राहकों के लिए राहत
एक तरफ जहां केनरा बैंक ने दरें बढ़ाई हैं, वहीं बैंक ऑफ बड़ौदा (BoB) ने अपनी MCLR दरों में कोई बदलाव नहीं किया है. इसी तरह यूको बैंक (UCO Bank) ने भी अपनी ब्याज दरों को स्थिर रखा है, जिससे इन बैंकों के मौजूदा ग्राहकों की EMI पर फिलहाल कोई असर नहीं पड़ेगा. हालांकि, यूको बैंक ने ट्रेजरी बिल से जुड़ी कुछ शॉर्ट-टर्म बेंचमार्क दरों में 0.05% की मामूली कटौती जरूर की है.
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