Free Train Ticket: भारतीय सेना के गौरव को बढ़ाने के लिए सरकार ने एक बड़ा आदेश जारी किया है. अब सेना, नौसेना और वायु सेना मेडल (Gallantry Awards) से सम्मानित जांबाजों को भारतीय रेलवे में जीवनभर मुफ्त सफर की सुविधा मिलेगी. यह सम्मान न केवल पदक विजेताओं को, बल्कि उनके जीवनसाथी और शहीद अविवाहित सैनिकों के माता-पिता को भी दिया जाएगा.
रेलवे में ‘फ्री सफर’ की नई सौगात
नए आदेश के मुताबिक, पदक विजेता अब अपनी पत्नी/पति और एक सहायक (Companion) के साथ भारतीय रेलवे की फर्स्ट क्लास, 2 AC और AC चेयर कार में मुफ्त यात्रा कर सकेंगे. यह सुविधा पदक विजेताओं के बलिदान के प्रति राष्ट्र का आभार है. इसके अलावा, शहीद सैनिकों के माता-पिता को भी इस सम्मान का हिस्सा बनाया गया है ताकि उन्हें समाज में गरिमापूर्ण स्थान मिल सके.
अग्निवीर और पूर्व सैनिकों के लिए ‘Framework of Cooperation’
भारतीय रेलवे और भारतीय सेना ने मिलकर एक “सहयोग का ढांचा” (Framework of Cooperation) तैयार किया है. इसका मुख्य उद्देश्य सेना से रिटायर होने वाले अग्निवीरों और सैनिकों को सिविलियन लाइफ में सेटल होने में मदद करना है. रेलवे और सेना के वरिष्ठ नेतृत्व द्वारा शुरू की गई इस पहल के तहत, रिटायर होने वाले जवानों को रेलवे में नौकरी के अवसरों के बारे में जागरूक किया जाएगा और उनके लिए एक खास सपोर्ट सिस्टम बनाया जाएगा.
रेलवे की नौकरियों में भारी आरक्षण (Reservation)
पूर्व सैनिकों और अग्निवीरों के पुनर्वास को सुनिश्चित करने के लिए रेलवे ने अपनी भर्ती नीति में आरक्षण का बड़ा प्रावधान किया है.
- पूर्व सैनिकों के लिए: लेवल-2 और उससे ऊपर के पदों पर 10% और लेवल-1 (ग्रुप डी) के पदों पर 20% का क्षैतिज (Horizontal) आरक्षण.
- अग्निवीरों के लिए: लेवल-2 और ऊपर के पदों पर 5% और लेवल-1 पदों पर 10% कोटा तय किया गया है.
- वर्ष 2024 और 2025 में, रेलवे ने कुल 14,788 पद पूर्व सैनिकों के लिए आरक्षित किए थे, जिनकी भर्ती प्रक्रिया रेलवे भर्ती बोर्ड (RRB) और रेलवे भर्ती सेल (RRC) के जरिए की जा रही है.
‘प्वॉइंट्समैन’ के पदों पर कॉन्ट्रैक्ट पर तुरंत भर्ती
जब तक नियमित भर्ती प्रक्रिया पूरी नहीं होती, तब तक खाली पदों को तेजी से भरने के लिए रेलवे ने पूर्व सैनिकों को ‘प्वॉइंट्समैन’ (Pointsmen) के रूप में कॉन्ट्रैक्ट पर रखने का फैसला किया है. वर्तमान में 5,000 से ज्यादा पदों पर भर्ती की प्रक्रिया जोनल और डिविजनल स्तर पर चल रही है. अब तक 9 रेलवे डिवीजनों ने इस संबंध में सेना के संगठनों के साथ समझौता (MoU) भी कर लिया है.
सेना और रेलवे की जुगलबंदी
भारतीय सेना और रेलवे केवल रोजगार ही नहीं, बल्कि स्किल और अनुशासन भी साझा कर रहे हैं. गति शक्ति विश्वविद्यालय के साथ मिलकर कौशल विकास के कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं. इसके अलावा, रणनीतिक बुनियादी ढांचा परियोजनाएं जैसे ‘डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर’ और ‘उधमपुर-श्रीनगर-बारामूला रेल लिंक’ सेना की आवाजाही और रसद (Logistics) के लिए बेहद महत्वपूर्ण साबित हो रहे हैं. सरकार का मानना है कि कम उम्र में रिटायर होने वाले सैनिकों का परिचालन और प्रबंधकीय अनुभव रेलवे के लिए एक बड़ी संपत्ति है.
रेलवे भर्ती में आरक्षण चार्ट (Reservation at a Glance)
| श्रेणी (Category) | लेवल-1 पद (कोटा) | लेवल-2 और ऊपर (कोटा) |
| पूर्व सैनिक (Ex-Servicemen) | 20% | 10% |
| पूर्व अग्निवीर (Ex-Agniveers) | 10% | 5% |
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