घर खरीदारों के लिए खुशखबरी! सस्ती ब्याज दर पर होम लोन देने की स्कीम को दोबारा शुरू कर सकती है सरकार

कोरोना वायरस महामारी की रोकथाम के लिए लागू लॉकडाउन के दौरान सरकार देश के रियल एस्टेट सेक्टर को बूस्टअप करने में जुट गयी है, ताकि लॉकडाउन समाप्त होने के बाद अर्थव्यवस्था को संभाला जा सके.

By Prabhat Khabar Print Desk | May 9, 2020 5:34 PM

नयी दिल्ली : कोरोना वायरस महामारी की रोकथाम के लिए लागू लॉकडाउन के दौरान सरकार देश के रियल एस्टेट सेक्टर को बूस्टअप करने में जुट गयी है, ताकि लॉकडाउन समाप्त होने के बाद अर्थव्यवस्था को संभाला जा सके. इसके लिए सरकार ने बैंकों से सस्ती ब्याज दरों में मिलने वाले होम लोन की स्कीम को दोबारा शुरू कर सकती है. इससे रियल एस्टेट सेक्टर और घर खरीदने की चाहत रखने वालों के साथ-साथ नकदी संकट से जूझ रही सरकार को भी काफी हद तक आर्थिक मदद मिलने की संभावना है.

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सीएनबीसी आवाज की एक खबर के अनुसार, सरकार की ओर से दोबारा शुरू की जाने वाली स्कीम से मध्यम आयवर्ग के लोगों को घर खरीदने के लिए होम लोन पर सब्सिडी मिल सकती है. खबर यह भी है कि सरकार होम लोन पर घर खरीदारों को सब्सिडी देने के लिए क्रेडिट लिंक्ड सब्सिडी (Credit Linked Subsidy) की मियाद को भी बढ़ा सकती है.

सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, घर खरीदारों के लिए क्रेडिट लिंक्ड सब्सिडी स्कीम की मियाद को सरकार एक या दो साल के लिए आगे बढ़ा सकती है. इसके लिए शहरी विकास मंत्रालय ने प्रस्ताव भी तैयार कर लिया है और इस मसले पर वह वित्त मंत्रालय से बातचीत भी कर चुका है. सरकार इस स्कीम को जल्द ही मंत्रिमंडल की बैठक में शामिल कर सकती है.

सूत्रों के अनुसार, रेरा से प्रोजेक्ट के लिए जितना ज्यादा समय मिलेगा, उतनी ही कर्ज चुकाने की मियाद भी बढ़ सकती है. सूत्रों का यह भी कहना है कि सालाना छह लाख रुपये से लेकिन 12 लाख रुपये तक की आमदनी वालों को होम लोन पर 4 फीसदी सब्सिडी मिलेगी, जबकि 12 लाख से 18 लाख रुपये तक की सालाना आमदनी वालों को 3 फीसदी सब्सिडी दिये जाने पर विचार किया जा रहा है.

बता दें कि सरकार की ओर से दोबारा शुरू होने वाली इस स्कीम के तहत 160 और 200 वर्ग मीटर तक के घर वाले होम लोन पर ये स्कीम लागू होगी. मिडिल इनकम ग्रुप (MIG) के लिए शुरू यह स्कीम 31 मार्च 2020 को खत्म हुई थी. इस स्कीम से एक साल में करीब 55,000 करोड़ के कारोबार की संभावना जाहिर की जा रही है. हालांकि, इस स्कीम से देश में अब तक करीब 3 लाख परिवारों को फायदा मिल चुका है, जबकि करीब 1 लाख आवेदन अभी भी लंबित हैं.

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