Global Oil Supply: दुनिया भर में कच्चे तेल (Crude Oil) की कीमतों और सप्लाई को लेकर एक बड़ा फैसला लिया गया है. 5 अप्रैल को हुई वर्चुअल मीटिंग में सऊदी अरब और रूस समेत OPEC+ के आठ देशों ने तय किया है कि वे मई 2026 से तेल उत्पादन में 206 हजार बैरल प्रतिदिन (kbd) की बढ़ोतरी करेंगे. इस फैसले का सबसे बड़ा हिस्सा रूस और सऊदी अरब के कंधों पर है, जो मिलकर कुल बढ़त का 60% से ज्यादा उत्पादन करेंगे.
किन देशों ने लिया है यह बड़ा फैसला?
ANI की रिपोर्ट के अनुसार, इस फैसले में आठ प्रमुख तेल उत्पादक देश शामिल हैं: सऊदी अरब, रूस, इराक, यूएई (UAE), कुवैत, कजाकिस्तान, अल्जीरिया और ओमान. इन देशों ने मिलकर तय किया है कि वे बाजार की स्थिरता को देखते हुए अपनी पुरानी कटौती में ढील देंगे. मई 2026 में सऊदी अरब और रूस दोनों ही अपने उत्पादन में 62-62 kbd का इजाफा करेंगे. इसके अलावा इराक 26 kbd और यूएई 18 kbd की बढ़ोतरी करेगा.
मई में कितना होगा तेल का उत्पादन?
नए बदलावों के बाद, मई 2026 के लिए तेल उत्पादन के लक्ष्य तय कर दिए गए हैं. अब सऊदी अरब हर दिन 10,228 kbd और रूस 9,699 kbd तेल का उत्पादन करेगा. इसी तरह इराक का लक्ष्य 4,326 kbd और कुवैत का 2,612 kbd रखा गया है. यह कदम बाजार में तेल की सही मात्रा बनाए रखने के लिए उठाया गया है ताकि न तो कमी हो और न ही कीमतें अचानक बहुत ज्यादा बढ़ें.
क्यों डरे हुए हैं तेल उत्पादक देश?
मीटिंग में सिर्फ उत्पादन ही नहीं, बल्कि सुरक्षा पर भी गहरी चिंता जताई गई. इन देशों ने कहा कि तेल पाइपलाइनों और समुद्री रास्तों (Shipping Lanes) पर होने वाले हमले पूरी दुनिया के लिए खतरनाक हैं. जब तेल निकालने और भेजने वाली मशीनों या रास्तों को नुकसान पहुंचता है और उसे ठीक करने में बहुत पैसा और समय लगता है. इससे मार्केट में अस्थिरता आती है जिसका नुकसान उत्पादक और उपभोक्ता दोनों को होता है.
आगे की क्या है तैयारी?
OPEC+ देशों ने साफ कर दिया है कि वे बाजार पर पैनी नजर रखेंगे. अगर जरूरत पड़ी, तो वे उत्पादन बढ़ाने या घटाने के फैसले को कभी भी बदल सकते हैं. साथ ही, जिन देशों ने पिछले साल तय सीमा से ज्यादा उत्पादन किया था, उन्हें इसकी भरपाई करनी होगी. इस पूरी प्रक्रिया की अगली समीक्षा 3 मई 2026 को होने वाली अगली मीटिंग में की जाएगी.
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