जंग लगे चाकू का इस्तेमाल कर बनाया खाना, तो तैयार हो जाइए जेल जाने के लिए; FSSAI ने चेताया

Food Knife Rules : यदि आप बाहर रेस्तरां में खाना खाने के शौकीन हैं या पैकेज्ड फूड का इस्तेमाल करते हैं, तो यह खबर आपके स्वास्थ्य और सुरक्षा से सीधे जुड़ी है. भारत के खाद्य सुरक्षा नियामक, भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण (FSSAI) ने देश के सभी फूड बिजनेस ऑपरेटरों के लिए एक बेहद सख्त एडवाइजरी जारी की है.

Food Knife Rules : 15 जून को जारी इस आधिकारिक दस्तावेज के मुताबिक, देश के सभी होटलों, रेस्तरां, ढाबों और फूड प्रोसेसिंग यूनिट्स को अपने किचन से जंग लगे, टूटे-फूटे, पेंट छूटे हुए या किसी भी तरह से खराब हो चुके चाकू, ब्लेड और कटिंग टूल्स को तुरंत हटाने के निर्देश दिए गए हैं. FSSAI ने साफ किया है कि स्वच्छता के मौजूदा नियमों को और कड़ाई से लागू करने तथा भोजन को दूषित होने से बचाने के लिए यह कदम उठाना बेहद जरूरी हो गया था.

क्या कहता है खाद्य सुरक्षा का नियम (शेड्यूल 4)?

FSSAI ने अपनी इस नई एडवाइजरी में खाद्य सुरक्षा और मानक (खाद्य व्यवसायों का लाइसेंस और पंजीकरण) विनियम, 2011 का विशेष रूप से हवाला दिया है:

  • फूड-ग्रेड मटेरियल जरूरी: नियमों के ‘शेड्यूल 4’ के तहत यह पहले से ही अनिवार्य है कि भोजन बनाने, काटने, पैक करने या स्टोर करने वाले सभी बर्तन, सतहें और टूल्स ‘फूड-ग्रेड’, गैर-जहरीले (Non-toxic) और जंग-रोधी (Corrosion-resistant) सामग्री से बने होने चाहिए.
  • साफ-सफाई का अभाव: रेगुलेटर ने माना कि हालांकि कानून में साफ-सफाई और बर्तनों के कीटाणुशोधन (Disinfection) के नियम पहले से मौजूद हैं, लेकिन इसके बावजूद देश भर के कई प्रतिष्ठानों में इन नियमों के पालन में भारी कमियां और लापरवाही देखी जा रही है.

जंग लगे और खराब चाकू से भोजन को क्या है खतरा ?

नियामक के पास ऐसी शिकायतें पहुंची थीं कि कई फूड बिजनेस सब्जी, मीट काटने या पैकेजिंग के दौरान बेहद पुराने और घटिया क्वालिटी के औजारों का इस्तेमाल कर रहे हैं. FSSAI ने चेतावनी दी है कि ऐसे खराब टूल्स सीधे तौर पर भोजन को नुकसान पहुंचाते हैं.

  • फिजिकल कंटामिनेशन: टूटे या चिपके हुए ब्लेड के छोटे टुकड़े खाने में गिर सकते हैं.
  • केमिकल कंटामिनेशन: लोहे की जंग या औजारों पर लगा केमिकल पेंट भोजन में मिलकर उसे जहरीला बना सकता है.
  • माइक्रोबायोलॉजिकल खतरा: जिन चाकुओं की सफाई ठीक से नहीं होती या जिनमें दरारें होती हैं, वहां खतरनाक बैक्टीरिया पनपने लगते हैं, जिससे फूड पॉइजनिंग का खतरा कई गुना बढ़ जाता है.

अब क्या करना होगा ?

लापरवाही को पूरी तरह खत्म करने के लिए FSSAI ने सभी फूड ऑपरेटरों को निम्नलिखित कदम तुरंत उठाने के निर्देश दिए हैं.

  • किचन में केवल हाई-क्वालिटी, जंग-रोधी और फूड-ग्रेड टूल्स का ही इस्तेमाल करें.
  • सभी काटने वाले उपकरणों में कोई दरार, डेंट या पेंट डैमेज नहीं होना चाहिए.
  • पुराने या घिस चुके औजारों को तुरंत डिस्पोज (नष्ट) किया जाए.
  • हर बार इस्तेमाल के बाद टूल्स की रूटीन क्लीनिंग, सैनिटाइजेशन और स्टेरलाइजेशन (Sterilization) प्रक्रिया का सख्ती से पालन हो.

FSSAI ने साफ कर दिया है कि नई गाइडलाइन के बाद भी अगर कोई फूड बिजनेस नियमों की अनदेखी करता पाया गया, तो उसके खिलाफ खाद्य सुरक्षा और मानक अधिनियम, 2006 के तहत कड़ी दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी.

इसके लिए रेगुलेटर ने सभी राज्यों के फूड सेफ्टी कमिश्नरों और रीजनल डायरेक्टर्स को जमीन पर उतरकर औचक निरीक्षण (Surprise Inspections) और मॉनिटरिंग बढ़ाने के आदेश दे दिए हैं. स्थानीय फूड सेफ्टी अधिकारियों (FSOs) को यह विशेष शक्ति दी गई है कि वे नियमों का उल्लंघन करने वाले रेस्तरां या यूनिट्स पर तुरंत जुर्माना लगा सकते हैं और गंभीर मामलों में उनका लाइसेंस भी रद्द कर सकते हैं.

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Published by: Abhishek Pandey

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