हाईवे पर बने हैलीपेड पर उतरेंगे हैलीकॉप्‍टर, नितिन गडकरी ने बताया सरकार का प्‍लान

केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने बताया कि सरकार देशभर में राष्‍ट्रीय राजमार्ग पर हैलीकॉप्‍टर और ड्रोन की लैंडिंग के लिए सुविधाएं विकसित करने पर गंभीरता से विचार कर रही है.

Expressway New Proposal: केंद्र सरकार देशभर में राष्‍ट्रीय राजमार्ग पर हैलीकॉप्‍टर और ड्रोन की लैंडिंग के लिए सुविधाएं विकसित करने पर गंभीरता से विचार कर रही है. केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने इस संबंध में जानकारी देते हुए बताया कि सरकार की योजना विभिन्‍न राष्‍ट्रीय राजमार्गों पर 600 जगह हैलीपैड बनाने की है. जिसका प्रयोग मेडिकल इमरजेंसी के वक्‍त किया जा सकेगा.

2024 तक अमेरिका जैसा होगा भारत में रोड इंफ्रास्ट्रक्चर

मनीकंट्रोल की एक रिपोर्ट के अनुसार, केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने इंडियन मर्चेंट्स चैंबर के एक कार्यक्रम में कहा कि सरकार का लक्ष्य अगले साल यानि 2024 तक देश के इंफ्रास्ट्रक्चर को अमेरिका के बराबर लाकर खड़ा करने का है. नितिन गडकरी ने कहा कि हैलीपेड जैसी सुविधाओं से सड़क दुर्घटनाओं और अंग प्रत्यारोपण जैसी मेडिकल इमरजेंसी की स्थितियों से निपटने में मदद मिलेगी. उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय राजमार्गों पर 600 से ज्यादा जगहों पर सरकार विश्वस्तरीय वे-साइड सुविधाएं बना रही हैं.

हाईवे पर मिलेंगी ये सुविधाएं

केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने कहा कि हाईवे के साथ-साथ सरकार वाहन चालकों के लिए सभी सुविधाएं मुहैया कराने का प्रयास कर रही है. वे-साइड सुविधाओं में अच्छे शौचालय, पार्किंग और रेस्टोरेंट जैसी बेसिक सुविधाएं होगी. साथ ही सड़क किनारे ट्रक चालकों के लिए डोर्मिटरी, इलेक्ट्रिक वाहनों को चार्ज करने की सुविधा और ट्रॉमा सेंटर जैसी सुविधाएं भी सुलभ कराने के लिए काम चल रहा है. नितिन गडकरी ने कहा कि हस्तशिल्प और स्थानीय स्तर पर बनाए गए उत्पादों को बढ़ावा देने के लिए रिटेल आउटलेट भी खोले जाएंगे.

2025 तक 5 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनने का लक्ष्य

नितिन गडकरी ने कहा कि अमेरिका जैसी अन्य विकसित अर्थव्यवस्थाओं में 8 से 9 फीसदी के मुकाबले भारत में ढुलाई खर्च जीडीपी का 13-14 फीसदी अधिक है. उन्‍होंने कहा कि पीएम गति शक्ति राष्ट्रीय मास्टर प्लान एक बहुत बड़ी पहल है. इससे ढुलाई खर्च को कम करने में मदद मिलेगी. नितिन गडकरी ने कहा कि उच्च लॉजिस्टिक्स लागत ग्लोबल बाजारों में मेड इन इंडिया प्रोडक्ट्स की प्रतिस्पर्धा को कम करती है. ढुलाई खर्च जीडीपी के 9 फीसदी तक कम करना सरकार के एजेंडे में सबसे ऊपर है. नितिन गडकरी ने कहा कि एक मजबूत-स्थिर-निर्णायक और पारदर्शी सरकार 2025 तक देश के 5 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनने के लक्ष्य की ओर बढ़ रही है.

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लेखक के बारे में

By Samir Kumar

More than 15 years of professional experience in the field of media industry after M.A. in Journalism From MCRPV Noida in 2005

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