सिर्फ स्वाद और रंग देखकर न मंगाएं खाना, FDA ने बताया किन बातों का रखें ध्यान

अगर आप होटल, रेस्टोरेंट या किसी फूड आउटलेट में खाना खाते हैं या ऑनलाइन खाना ऑर्डर करते हैं, तो सिर्फ खाने का स्वाद और उसका रंग-रूप देखकर फैसला करना ठीक नहीं है. यह जानना भी जरूरी है कि खाना आपके लिए सुरक्षित है या नहीं.

महाराष्ट्र Food and Drug Administration (FDA) ने खाने की साफ-सफाई और सुरक्षा को लेकर जांच तेज की है. इसी बीच FDA के अधिकारी तुकाराम मुंडे ने Forbes को दिए इंटरव्यू में बताया कि ग्राहक खाना खाने या ऑर्डर करने से पहले किन आसान बातों की जांच कर सकते हैं.

मुंडे का कहना है कि लोगों को अपनी फूड हैबिट बदलने की जरूरत है. खाना चुनते समय सिर्फ स्वादिष्ट या देखने में अच्छा लगने वाली चीज पर ध्यान देने के बजाय यह भी पूछना चाहिए कि वह सुरक्षित है या नहीं और तय मानकों पर खरी उतरती है या नहीं.

क्या सिर्फ स्वाद देखकर खाना चुनना सही है?

मुंडे ने लोगों से कहा कि खाना सिर्फ स्वाद के लिए नहीं, बल्कि शरीर की जरूरत को ध्यान में रखकर खाना चाहिए. बाहर खाना खाते समय ग्राहक फूड सेफ्टी को लेकर सवाल पूछ सकते हैं. उनके मुताबिक, लोगों को यह जानने की आदत डालनी चाहिए कि जो खाना वे खा रहे हैं, वह उनके लिए सुरक्षित है या नहीं. यानी स्वाद के साथ फूड सेफ्टी भी आपकी प्राथमिकता होनी चाहिए.

खाना ऑर्डर करने से पहले क्या देखें?

मुंडे के अनुसार, किसी होटल या फूड आउटलेट में खाना ऑर्डर करने से पहले इन बातों पर ध्यान देना उपयोगी है:

  • खाने में इस्तेमाल होने वाले इंग्रीडिएंट्स क्या हैं?
  • उसमें कितनी कैलोरी और प्रोटीन है?
  • किस तरह के तेल का इस्तेमाल किया गया है और उसकी क्वालिटी कैसी है?
  • आउटलेट के पास FSSAI लाइसेंस है या नहीं?
  • वहां साफ-सफाई और हाइजीन का स्तर कैसा है?
  • पैकेज्ड फूड है तो वह कब और कहां बनाया गया है?

खासकर अगर किसी व्यक्ति को किसी चीज से एलर्जी है या कुछ इंग्रीडिएंट उसके लिए सही नहीं हैं, तो उसे खाने से पहले लेबल और सामग्री जरूर देखनी चाहिए.

क्या 'Sugar-Free' लिखा हो तो भी सावधान रहें?

मुंडे ने पैकेज्ड फूड पर लिखे नाम और दावों को भी ध्यान से देखने की सलाह दी. उन्होंने कहा कि कई बार नाम या लेबल से ग्राहक भ्रमित हो सकते हैं. उदाहरण के लिए, किसी प्रोडक्ट पर "Sugar-Free" लिखा हो, तो उसके इंग्रीडिएंट्स और दूसरी जानकारी भी पढ़नी चाहिए. पैकेज पर अगर किसी खास वर्ग के लोगों के लिए चेतावनी दी गई है, तो उसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए. मसलन, किसी प्रोडक्ट को 18 साल से कम उम्र के लोगों, गर्भवती या स्तनपान कराने वाली महिलाओं के लिए न लेने की सलाह दी गई हो, तो उस चेतावनी का पालन करना जरूरी है.

सिर्फ एक्सपायरी डेट देखना क्यों काफी नहीं?

मुंडे के मुताबिक, फूड प्रोडक्ट खरीदते समय सिर्फ एक्सपायरी डेट और कीमत देखना पर्याप्त नहीं है. ग्राहक को प्रोडक्ट के इंग्रीडिएंट्स, बनाने की तारीख, बनाने की जगह और यह भी देखना चाहिए कि वह फूड उसके लिए सही है या नहीं. उनका कहना है कि फूड सेफ्टी के मानक विशेषज्ञों की मदद से तय किए जाते हैं. इसलिए ग्राहकों को भी इन मानकों और पैकेज पर दी गई जानकारी को समझकर खाना चुनने की आदत डालनी चाहिए.

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By सौम्या शाहदेव

सौम्या शाहदेव प्रभात खबर डिजिटल में बिजनेस कंटेंट राइटर हैं. वह शेयर बाजार, पर्सनल फाइनेंस, टैक्स, सरकारी योजनाओं, बैंकिंग और रोजमर्रा की आर्थिक खबरों को सरल और सटीक भाषा में पाठकों तक पहुंचाती हैं. उनका फोकस ऐसी खबरें लिखने पर रहता है जो सीधे आम लोगों की जिंदगी और जेब पर असर डालती हैं.

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