तेल बाजार में बड़ा उलटफेर! वेनेजुएला में उत्पादन बढ़ा तो सस्ता हो सकता है क्रूड ऑयल
Crude Oil Price: जेपी मॉर्गन की ताजा रिपोर्ट के मुताबिक, अगर वेनेजुएला में राजनीतिक बदलाव होता है, तो आने वाले दशक में यह देश ग्लोबल ऑयल सप्लाई का बड़ा केंद्र बन सकता है. इससे अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें लंबे समय तक दबाव में रह सकती हैं. रिपोर्ट में कहा गया है कि वेनेजुएला का उत्पादन तेजी से बढ़कर 25 लाख बैरल प्रतिदिन तक पहुंच सकता है. अमेरिका की नई पहल, बड़ी तेल कंपनियों की वापसी और विशाल भंडार तेल बाजार का संतुलन बदल सकते हैं.
Crude Oil Price: कच्चे तेल के बाजार में बड़ा उलटफेर होने वाला है. खबर है कि राजनीतिक तनाव के बीच वेनेजुएला आने वाले दशक में कच्चे तेल के उत्पादन और बिक्री में दुनियाभर में नया केंद्र बन सकता है. जेपी मॉर्गन की ओर से बुधवार को जारी की गई रिपोर्ट के मुताबिक, अगर वेनेजुएला में राजनीतिक बदलाव होता है, तो अगले एक दशक में यह देश दुनिया में नए तेल सप्लाई के सबसे बड़े सोर्स में से एक बन सकता है. बैंक का मानना है कि इससे ग्लोबल एनर्जी मार्केट का स्वरूप बदल सकता है और कच्चे तेल की कीमतें लंबे समय तक दबाव में रह सकती हैं. जेपी मॉर्गन ने अपनी ऑयल मार्केट्स वीकली रिपोर्ट में कहा कि 2026 और उसके बाद वेनेजुएला में सत्ता परिवर्तन ग्लोबल ऑयल सप्लाई के लिए सबसे बड़े अपसाइड रिस्क में से एक होगा, लेकिन फिलहाल तेल बाजार इस संभावना को पूरी तरह प्राइस-इन नहीं कर रहा है.
उत्पादन में तेज उछाल की संभावना
जेपी मॉर्गन की रिपोर्ट में कहा गया है कि इस समय वेनेजुएला का कच्चे तेल का उत्पादन करीब 7.5 से 8 लाख बैरल प्रति दिन के बीच है. राजनीतिक बदलाव के दो साल के भीतर यह बढ़कर 13 से 14 लाख बैरल प्रति दिन तक पहुंच सकता है. अगर लगातार निवेश होता रहा, तो अगले दशक में उत्पादन 25 लाख बैरल प्रति दिन तक जाने की क्षमता रखता है. जेपी मॉर्गन ने याद दिलाया कि 1990 के दशक में वेनेजुएला का तेल उत्पादन 35 लाख बैरल प्रति दिन तक पहुंच चुका था. यानी संसाधनों और भंडार के लिहाज से देश आज भी एक बड़ा खिलाड़ी बना हुआ है.
अमेरिका की नई पहल और ट्रंप का बयान
इस रिपोर्ट से पहले अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने घोषणा की कि वेनेजुएला में अंतरिम अधिकारी 30 से 50 मिलियन बैरल प्रतिबंधित तेल संयुक्त राज्य अमेरिका को देंगे. ट्रंप ने कहा कि यह तेल बाजार मूल्य पर बेचा जाएगा, लेकिन उससे मिलने वाली रकम पर अमेरिकी राष्ट्रपति का नियंत्रण होगा, ताकि इसका उपयोग अमेरिका और वेनेजुएला के लोगों के हित में किया जा सके. ट्रुथ सोशल पर पोस्ट में ट्रंप ने बताया कि उन्होंने ऊर्जा सचिव क्रिस राइट से इस योजना को तुरंत लागू करने को कहा है. तेल को स्टोरेज जहाजों के जरिए सीधे अमेरिका लाया जाएगा और अनलोडिंग डॉक पर उतारा जाएगा.
अमेरिकी कंपनियों की वापसी से बदल सकता है खेल
जेपी मॉर्गन का कहना है कि वेनेजुएला के तेल क्षेत्र के साथ अमेरिका की नई भागीदारी निर्णायक साबित हो सकती है. सीनियर अमेरिकी अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे अमेरिकी एनर्जी कंपनियों को वेनेजुएला लौटने और पुराने इंफ्रास्ट्रक्चर में निवेश के लिए प्रोत्साहित करें. रिपोर्ट के मुताबिक, शेवरॉन, एक्सॉनमोबिल और कोनोकोफिलिप्स जैसी अमेरिकी कंपनियां, अगर राजनीतिक स्थिरता सुधरती है और कॉन्ट्रैक्ट फ्रेमवर्क दोबारा तय होते हैं, तो वेनेजुएला में फिर से एंट्री कर सकती हैं। इसके अलावा स्पेन की रेपसोल, इटली की एनी और भारत व अन्य लैटिन अमेरिकी देशों की कंपनियां भी प्रतिबंध और भुगतान विवाद सुलझने पर लौट सकती हैं.
शॉर्ट टर्म में गिरावट का खतरा
हालांकि, बैंक ने चेतावनी दी है कि शॉर्ट टर्म में राजनीतिक बदलाव से रुकावटें भी आ सकती हैं. इतिहास के उदाहरणों का हवाला देते हुए कहा गया कि सत्ता परिवर्तन के दौरान लेबर की कमी, ऑपरेशनल ब्रेकडाउन या सरकारी कंपनी पीडीवीएसए के भीतर अनिश्चितता के कारण उत्पादन अस्थायी रूप से 50% तक गिर सकता है. जेपी मॉर्गन के मुताबिक, यह शुरुआती झटका सीमित समय के लिए हो सकता है और जैसे ही निवेश और ऑपरेशंस स्थिर होंगे, उत्पादन तेजी से पटरी पर लौट सकता है.
भू-राजनीति और कीमतों पर लंबा असर
रिपोर्ट बताती है कि वेनेजुएला के पास दुनिया का सबसे बड़ा साबित तेल भंडार है, जिसका अनुमान 300 बिलियन बैरल से ज्यादा है. गुयाना के बढ़ते उत्पादन और अमेरिकी भंडार के साथ मिलकर पश्चिमी गोलार्ध वैश्विक तेल भंडार का लगभग 30% हिस्सा नियंत्रित कर सकता है. इससे वाशिंगटन को वैश्विक तेल कीमतों पर ज्यादा प्रभाव और अमेरिका की ऊर्जा सुरक्षा को मजबूती मिल सकती है. जेपी मॉर्गन का मानना है कि इन फैक्टर्स की वजह से मीडियम से लॉन्ग टर्म में तेल कीमतें ऐतिहासिक रूप से निचले दायरे में रह सकती हैं.
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जेपी मॉर्गन का प्राइस आउटलुक
जेपी मॉर्गन अगले कई वर्षों के लिए तेल कीमतों पर मोटे तौर पर मंदी का रुख बनाए हुए है. बैंक का अनुमान है कि 2026 में ब्रेंट क्रूड का औसत दाम करीब 60 डॉलर प्रति बैरल रह सकता है, जिसमें गैर-ओपेक सप्लाई में बढ़ोतरी और वेनेजुएला से अतिरिक्त बैरल आने का जोखिम शामिल है.
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