CRISIL की चेतावनी, मजबूत ग्रोथ के बाद आ सकती है मामूली ठंडक

CRISIL India growth Forecast: CRISIL के मुताबिक FY26 में भारत की GDP ग्रोथ 7 प्रतिशत रह सकती है, जबकि FY27 में रफ्तार घटकर 6.7 प्रतिशत होने का अनुमान है. घरेलू मांग, बेहतर मानसून और संभावित भारत-अमेरिका व्यापार समझौता ग्रोथ को सहारा देंगे, वहीं RBI दिसंबर में ब्याज दरों पर फैसला ले सकता है.

CRISIL India growth Forecast: भारतीय अर्थव्यवस्था की रफ्तार, रुपये की चाल और RBI की अगली नीति को लेकर बाजार में काफी चर्चा है. ऐसे में CRISIL के चीफ इकोनॉमिस्ट धर्मकीर्ति जोशी ने भारत की ग्रोथ, भारत-अमेरिका ट्रेड डील और ब्याज दरों को लेकर अहम अनुमान साझा किए हैं.

FY26 में 7% ग्रोथ का अनुमान

धर्मकीर्ति जोशी, CRISIL Limited के मुख्य अर्थशास्त्री के मुताबिक, वित्त वर्ष 2025-26 में भारत की GDP ग्रोथ 7% रह सकती है. हालांकि उन्होंने संकेत दिया कि दूसरी छमाही में रफ्तार थोड़ी धीमी हो सकती है. जोशी का अनुमान है कि 2026-27 में आर्थिक वृद्धि घटकर 6.7% रह जाएगी. उनके अनुसार, विकास की गति बनी रहेगी लेकिन मौजूदा साल जितनी तेज नहीं होगी. उन्होंने कहा कि भारत-अमेरिका द्विपक्षीय व्यापार समझौता फाइनल होते ही निवेश का माहौल मजबूत होगा.

इसके असर से विदेशी पूंजी निवेश बढ़ सकता है, बाजार में भरोसा लौटेगा. जेम्स-ज्वेलरी और टेक्सटाइल जैसे सेक्टर को राहत मिलेगी और घरेलू फैक्टर्स से चलती है भारतीय अर्थव्यवस्था जोशी ने बताया कि भारत की ग्रोथ मुख्य रूप से घरेलू मांग पर आधारित है. GST कटौती, इनकम टैक्स सुधार, ग्रामीण अर्थव्यवस्था को समर्थन और बेहतर मानसून. इन सभी ने विकास को मजबूती दी है.

रुपये में मजबूती की उम्मीद

रुपये की कमजोरी पर बोलते हुए उन्होंने कहा कि आने वाले महीनों में रुपया फिर से मजबूत हो सकता है, खासकर अगर ट्रेड डील होती है और वैश्विक हालात सुधरते हैं. इस साल अब तक रुपया करीब 5% कमजोर होकर 89.94 प्रति डॉलर तक पहुंच चुका है. RBI की नीति पर जोशी का मानना है कि वैश्विक अनिश्चितताओं को देखते हुए ब्याज दरों में “इंश्योरेंस कट” संभव है. भारतीय रिजर्व बैंक की अगली MPC बैठक 3–5 दिसंबर 2025 को होगी.

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Published by: Abhishek pandey

अभिषेक पाण्डेय पिछले तीन वर्षों से प्रभात खबर में डिजिटल जर्नलिस्ट के तौर पर काम कर रहे हैं। वे बिजनेस और अर्थव्यवस्था से जुड़ी खबरों को आसान भाषा में पाठकों तक पहुंचाने का काम करते हैं। शेयर बाजार, पर्सनल फाइनेंस, बैंकिंग, बजट, सरकारी योजनाएं, MSME, कृषि और इंडस्ट्री जैसे विषयों पर उनकी अच्छी पकड़ है। वे रिसर्च के साथ ऐसी खबरें और एक्सप्लेनर तैयार करते हैं, जिन्हें आम लोग भी आसानी से समझ सकें। इसके अलावा यूटिलिटी न्यूज और सक्सेस स्टोरीज लिखने में भी उनकी खास रुचि है।

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अभिषेक ने पत्रकारिता की पढ़ाई माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय (MCU), भोपाल से की है, जिसे पत्रकारिता की दुनिया में 'दादा माखनलाल की बगिया' भी कहा जाता है।

करियर की शुरुआत उन्होंने राजस्थान पत्रिका के साथ की, जहां उन्होंने डिजिटल पत्रकारिता की बारीकियों को करीब से समझा। इसके बाद वे प्रभात खबर से जुड़े और पिछले तीन वर्षों से डिजिटल जर्नलिस्ट के रूप में काम कर रहे हैं।

इस दौरान उन्होंने बिजनेस, शेयर बाजार, पर्सनल फाइनेंस, बैंकिंग, बजट, सरकारी योजनाएं, कृषि, MSME और अर्थव्यवस्था से जुड़े कई अहम विषयों पर रिपोर्टिंग और रिसर्च आधारित लेख लिखे हैं। इसके अलावा वे वीडियो स्क्रिप्टिंग, एक्सप्लेनर स्टोरी, डेटा स्टोरी और डिजिटल कंटेंट पर भी लगातार काम करते हैं। उनकी कोशिश रहती है कि जटिल आर्थिक और वित्तीय विषयों को आसान और भरोसेमंद भाषा में पाठकों और दर्शकों तक पहुंचाया जाए।

शिक्षा

अभिषेक पाण्डेय ने माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय (MCU), भोपाल से पत्रकारिता एवं जनसंचार की पढ़ाई की है। यहां उन्होंने रिपोर्टिंग, डिजिटल मीडिया, न्यूज़ राइटिंग, वीडियो प्रोडक्शन और मल्टीमीडिया जर्नलिज्म की बारीकियां सीखीं, जिनका इस्तेमाल वे आज अपनी पत्रकारिता में कर रहे हैं।

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