Indian Currency: 17 फरवरी को विदेशी मुद्रा बाजार में भारतीय रुपये ने थोड़ी मजबूती दिखाई. वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों में आई नरमी ने घरेलू मुद्रा को सहारा दिया, जिससे रुपया 1 पैसे की मामूली रिकवरी के साथ 90.73 प्रति डॉलर पर बंद हुआ. हालांकि, अमेरिकी डॉलर के मजबूत होने और विदेशी निवेशकों की लगातार बिकवाली ने रुपये को एक बड़े उछाल से रोक दिया.
बाजार की हलचल और रुपये की चाल
इंटरबैंक फॉरेक्स मार्केट में रुपये की ओपनिंग 90.72 के स्तर पर हुई थी. सोमवार को रुपया 90.74 पर बंद हुआ था, जिसके मुकाबले मंगलवार को इसमें मामूली सुधार दर्ज किया गया. बाजार के जानकारों का कहना है कि रुपये में यह स्थिरता तब आई है जब भारतीय शेयर बाजार (Sensex-Nifty) दबाव में नजर आए.
कच्चा तेल बनाम अमेरिकी डॉलर
रुपये की सेहत पर दो बड़े कारकों का असर दिख रहा है:
- ब्रेंट क्रूड की कीमतें 0.47% घटकर 68.33 डॉलर प्रति बैरल पर आ गईं, जिससे भारत का आयात बिल कम होने की उम्मीद जगी.
- छह प्रमुख वैश्विक मुद्राओं के मुकाबले डॉलर की मजबूती (डॉलर इंडेक्स 97.14) ने रुपये पर दबाव बनाए रखा.
शेयर बाजार की सुस्ती का असर
घरेलू शेयर बाजार में मंगलवार को बिकवाली का माहौल रहा, जहां सेंसेक्स 245 अंक और निफ्टी 106 अंक तक फिसले. साथ ही, विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) द्वारा लगभग 972 करोड़ रुपये की निकासी ने मार्केट सेंटिमेंट को कमजोर किया.
आगे क्या है एक्सपर्ट्स का अनुमान?
विशेषज्ञों के मुताबिक, रुपया अभी ‘वेट एंड वॉच’ की स्थिति में है. एक्स्पर्ट्स का मानना है कि इस हफ्ते आने वाले अमेरिका के GDP आंकड़ों पर सबकी नजर रहेगी. फिलहाल रुपये के 90.30 से 90.90 के दायरे में रहने की संभावना जताई गई है.
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