Kwality Wall’s Share Price: आज यानी 16 फरवरी, 2026 को भारतीय शेयर बाजार में एक बड़ा बदलाव देखने को मिला है. हिंदुस्तान यूनिलीवर (HUL) से अलग होने के बाद क्वालिटी वाल्स (इंडिया) लिमिटेड की स्टॉक मार्केट में एंट्री हुई है. यह भारत की पहली ऐसी कंपनी बन गई है जो सिर्फ आइसक्रीम का बिजनेस करती है. लेकिन, कॉर्नेट्टो और मैग्नम जैसे बड़े ब्रांड्स होने के बावजूद, बाजार में इसकी शुरुआत काफी ठंडी रही है.
Kwality Wall’s: लिस्टिंग पर क्यों लगा बड़ा झटका?
उम्मीद थी कि कंपनी के शेयर प्रीमियम पर लिस्ट होंगे, लेकिन हकीकत इसके उलट रही है. NSE पर शेयर 29.80 रुपये पर लिस्ट हुआ, जो कि इसकी तय कीमत 40.20 रुपये से लगभग 26% कम है. BSE पर भी यह करीब 22% डिस्काउंट के साथ खुला है. निवेशकों ने शायद अभी वेट एंड वॉच मोड में है, क्योंकि वे यह देखना चाहते हैं कि बिना HUL के सपोर्ट के यह कंपनी अकेले कितना मुनाफा कमा पाती है.
Kwality Wall’s: HUL से अलग होने का असली कारण क्या था?
HUL ने अपने इस आइसक्रीम बिजनेस को अलग करने का फैसला इसलिए लिया ताकि वह अपने मुख्य काम जैसे साबुन, सर्फ और ब्यूटी प्रोडक्ट्स बनाने पर ज्यादा ध्यान दे सके. आइसक्रीम का बिजनेस सीजन पर निर्भर करता है और इसके लिए खास कोल्ड-चेन (फ्रीजर और ट्रक) की जरूरत होती है. ग्लोबल लेवल पर भी यूनिलीवर अपनी आइसक्रीम यूनिट्स को अलग कर रहा है, इसलिए भारत में भी यही कदम उठाया गया है.
क्या निवेशकों के लिए कोई अच्छी खबर है?
भले ही शुरुआत कमजोर रही, लेकिन भविष्य के लिए कुछ अच्छे संकेत भी हैं. सरकार ने आइसक्रीम पर GST को 18% से घटाकर 5% कर दिया है, जिससे कंपनी की कमाई बढ़ सकती है. इसके अलावा, मैग्नम कंपनी ने 26% अतिरिक्त हिस्सेदारी खरीदने के लिए एक ओपन ऑफर भी निकाला है. अगर आप HUL के शेयरहोल्डर थे, तो आपको 1:1 के रेशियो में क्वालिटी वाल्स के शेयर मिल चुके होंगे.
आगे क्या करें?
मार्केट एक्सपर्ट्स का मानना है कि स्टैंडअलोन कंपनी बनने के बाद अब क्वालिटी वाल्स ज्यादा आक्रामक तरीके से अपने प्रीमियम ब्रांड्स (मैग्नम, कॉर्नेट्टो) को प्रमोट कर पाएगी. फिलहाल शेयर में उतार-चढ़ाव जारी है, लेकिन लंबी अवधि के लिए यह भारत के बढ़ते हुए फ्रोजन-डेजर्ट मार्केट का एक सीधा जरिया बन सकता है.
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