Cochin Shipyard के कमजोर नतीजों से बाजार में हलचल, शेयरों में 8% की गिरावट!

Cochin Shipyard Q2 results: सरकारी कंपनी कोचीन शिपयार्ड के तिमाही नतीजों ने शेयर बाजार में हलचल मचा दी है. जहां निवेशक मजबूत प्रदर्शन की उम्मीद कर रहे थे, वहीं कंपनी के नतीजे उम्मीदों के बिल्कुल उलट निकले है. राजस्व और मुनाफे में गिरावट के साथ शेयरों में 8% तक की तेज गिरावट आई है, जिसने बाजार को चौंका दिया है. खर्चों में अचानक हुई बढ़ोतरी ने कंपनी की कमाई पर सीधा असर डाला है. हालांकि, बीच में डिविडेंड का ऐलान निवेशकों के लिए राहत की खबर बनकर आया है. अब सबकी निगाहें आने वाले तिमाही नतीजों पर टिकी हैं की क्या कोचीन शिपयार्ड वापसी कर पाएगा?

Cochin Shipyard Q2 results: सरकारी जहाज निर्माण कंपनी कोचीन शिपयार्ड लिमिटेड के तिमाही नतीजों ने बाजार को चौंका दिया है. सितंबर तिमाही के कमजोर प्रदर्शन के बाद कंपनी के शेयरों में तेज गिरावट देखने को मिली है, जिससे निवेशकों के बीच चिंता बढ़ गई है. राजस्व और मुनाफे दोनों में बड़ी कमी दर्ज की गई है, जबकि खर्चों में इजाफा हुआ है. हालांकि कंपनी ने डिविडेंड का ऐलान कर निवेशकों को कुछ राहत जरूर दी है, लेकिन फिलहाल बाजार का मूड कंपनी के लिए सकारात्मक नहीं दिख रहा है.

क्या हुआ कोचीन शिपयार्ड के शेयरों के साथ?


गुरुवार, 13 नवंबर को सरकारी कंपनी कोचीन शिपयार्ड लिमिटेड (Cochin Shipyard Ltd.) के शेयरों में 8% तक की गिरावट देखने को मिली थी. यह गिरावट कंपनी के सितंबर तिमाही (Q2 FY26) के नतीजे आने के बाद हुई है, जो बुधवार बाजार बंद होने के बाद जारी किए गए थे. शुरुआती कारोबार में ही शेयर 5.5% नीचे फिसलकर 1,693.3 रुपये पर ट्रेड कर रहे थे.

राजस्व में गिरावट क्यों आई?


कंपनी की कुल आय यानी रेवेन्यू में सालाना आधार पर करीब 13% की कमी दर्ज की गई है. पिछले साल इसी तिमाही में जहां आय 1,092 करोड़ रुपये रही थी, वहीं इस बार यह घटकर 951 करोड़ रुपये रह गई है. दिलचस्प बात यह है कि ब्रोकरेज हाउस कोटक (Kotak) ने उम्मीद जताई थी कि कंपनी का रेवेन्यू इस बार 10% बढ़ेगा, लेकिन नतीजे इसके बिल्कुल उलट रहे है.

मुनाफे पर क्या असर पड़ा?


कोचीन शिपयार्ड का EBITDA यानी ब्याज, टैक्स, डेप्रिसिएशन और अमॉर्टाइजेशन से पहले की कमाई 71% गिरकर सिर्फ 56 करोड़ रुपये रह गई है, जबकि पिछले साल यही आंकड़ा 196 करोड़ रुपये था. कंपनी का EBITDA मार्जिन भी घटकर 17.87% से सिर्फ 5.9% पर आ गया है. कोटक ने यहां भी 12% ग्रोथ की उम्मीद की थी, लेकिन खर्चों के बढ़ने से नतीजे कमजोर रह रहे है.

कहां बढ़े खर्च?


कंपनी के सबकॉन्ट्रैक्टिंग खर्च यानी ठेके पर कराए गए कामों पर खर्च में 50% की बढ़ोतरी हुई है, जो अब 207 करोड़ रुपये तक पहुंच गया है. इसके अलावा, कंपनी को प्रावधानों (provisions) में भी बढ़ोतरी करनी पड़ी है जो पिछले साल की तुलना में चार गुना रहे है. हालांकि, जून तिमाही के मुकाबले यह खर्च 37% घटे हैं.

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डिविडेंड की खुशी भी मिली


निराशाजनक नतीजों के बीच कंपनी ने निवेशकों को खुशखबरी भी दी है. कोचीन शिपयार्ड ने 5 रुपये वाले प्रत्येक शेयर पर 4 रुपये का इंटरिम डिविडेंड घोषित किया है, जो वित्त वर्ष 2025-26 का 80% पेमेन्ट दर्शाता है. इस डिविडेंड के लिए रिकॉर्ड डेट 18 नवंबर तय की गई है और भुगतान 11 दिसंबर तक किया जाने वाला है.

निवेशकों के लिए क्या है संकेत?


कंपनी के कमजोर तिमाही नतीजे और बढ़ते खर्च निवेशकों के भरोसे को तोड़ रहे हैं. हालांकि, डिविडेंड की घोषणा कुछ राहत दे सकती है, लेकिन आने वाले तिमाही परिणाम ही यह तय करेंगे कि कोचीन शिपयार्ड फिर से अपनी रफ्तार पकड़ पाती है या नहीं.

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By Soumya shahdeo

सौम्या शाहदेव प्रभात खबर डिजिटल में बिजनेस कंटेंट राइटर हैं. वह शेयर बाजार, पर्सनल फाइनेंस, टैक्स, सरकारी योजनाओं, बैंकिंग और रोजमर्रा की आर्थिक खबरों को सरल और सटीक भाषा में पाठकों तक पहुंचाती हैं. उनका फोकस ऐसी खबरें लिखने पर रहता है जो सीधे आम लोगों की जिंदगी और जेब पर असर डालती हैं.

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