Yes Bank के सीईओ ने कहा, बुधवार से सामान्य हो जाएगा बैंक का कामकाज, नकदी को लेकर कोई चिंता नहीं

Yes Bank पर लगी रिजर्व बैंक की रोक बुधवार को समाप्त हो जाएगी और इसी के साथ बैंक का सामान्य कामकाज शुरू हो जाएगा.

नयी दिल्ली : आर्थिक संकट का सामना कर रहे यस बैंक के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) प्रशांत कुमार ने मंगलवार को कहा कि आगामी बुधवार की शाम छह बजे से बैंक का कामकाज पूरी तरह सामान्य हो जाएगा. संकट में फंसे यस बैंक पर लगी रोक बुधवार शाम को समाप्त हो जाएगी. इसके साथ ही, उन्होंने यह भी कहा कि नकदी को लेकर कोई चिंता की बात नहीं है. पिछले तीन दिनों में बैंक से निकासी से कहीं अधिक पैसा जमा किये गये हैं. उन्होंने कहा कि बैंक के केवल एक तिहाई ग्राहकों ने ही 50,000 रुपये की निकासी की है.

उधर, भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) के चेयरमैन रजनीश कुमार ने कहा कि एसबीआई के पास यस बैंक के जो भी शेयर हैं, उसमें से एक भी शेयर तीन साल की तय बंधक सीमा से पहले बेचा नहीं जाएगा. उन्होंने कहा कि स्टेट बैंक दूसरे दौर के पूंजी समर्थन में यस बैंक में अपनी हिस्सेदारी 42 फीसदी से बढ़ाकर 49 फीसदी करेगा. एसबीआई और कुछ अन्य निजी बैंकों ने पुनर्गठन योजना के तहत बैंक में निवेश किया है.

बता दें कि रिजर्व बैंक गवर्नर शक्तिकांत दास ने सोमवार को कहा था कि आगामी बुधवार से निजी क्षेत्र का यस बैंक पर लगी पाबंदी हटा दी जाएगी. उन्होंने यह भी कहा कि आगामी 26 मार्च से बैंक का नया बोर्ड कामकाज संभाल लेगा. लोगों का पैसा सुरक्षित है, उन्हें घबराने की जरूरत नहीं है. आरबीआई गवर्नर ने लोगों को भरोसा देते हुए कहा कि देश का बैंकिंग सेक्टर मजबूत और सुरक्षित हाथों में है. निजी क्षेत्र के बैंकों का अर्थव्यवस्था और वित्तीय स्थिरता में अहम योगददान है.

शक्तिकांत दास ने कहा कि यस बैंक के पास पैसों की कोई कमी नहीं है और अगर जरूरत पड़ी, तो आरबीआई तरलता बढ़ाने में बैंक की मदद भी करेगा. उन्होंने कहा कि यस बैंक एक बार फिर जोरदार तरीके से वासी करेगा और जमाकर्ताओं को किसी प्रकार की चिंता करने की जरूरत नहीं है.

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By KumarVishwat Sen

कुमार विश्वत सेन प्रभात खबर डिजिटल में डेप्यूटी चीफ कंटेंट राइटर हैं. इनके पास हिंदी पत्रकारिता का 25 साल से अधिक का अनुभव है. इन्होंने 21वीं सदी की शुरुआत से ही हिंदी पत्रकारिता में कदम रखा. दिल्ली विश्वविद्यालय से हिंदी पत्रकारिता का कोर्स करने के बाद दिल्ली के दैनिक हिंदुस्तान से रिपोर्टिंग की शुरुआत की. इसके बाद वे दिल्ली में लगातार 12 सालों तक रिपोर्टिंग की. इस दौरान उन्होंने दिल्ली से प्रकाशित दैनिक हिंदुस्तान दैनिक जागरण, देशबंधु जैसे प्रतिष्ठित अखबारों के साथ कई साप्ताहिक अखबारों के लिए भी रिपोर्टिंग की. 2013 में वे प्रभात खबर आए. तब से वे प्रिंट मीडिया के साथ फिलहाल पिछले 10 सालों से प्रभात खबर डिजिटल में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. इन्होंने अपने करियर के शुरुआती दिनों में ही राजस्थान में होने वाली हिंदी पत्रकारिता के 300 साल के इतिहास पर एक पुस्तक 'नित नए आयाम की खोज: राजस्थानी पत्रकारिता' की रचना की. इनकी कई कहानियां देश के विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित हुई हैं.

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