पहली बार खरीद रहे हैं कार? लोन लेते समय भूलकर भी न करें ये गलतियां, बचेंगे हजारों रुपये

Car Loan Tips : मध्यम वर्ग के लिए कार खरीदना अब एक सपना नहीं बल्कि जरूरत बन चुका है. कार फाइनेंस (Car Financing) के जरिए आप आसान मासिक किस्तों (EMIs) पर गाड़ी घर ला सकते हैं. लोन लेने से पहले ब्याज दरों और शर्तों को समझना बेहद जरूरी है.

Car Loan Tips : आज के समय में मध्यम और निम्न मध्यम वर्ग (Middle Class) के परिवारों के लिए एकमुश्त पैसे देकर कार खरीदना काफी मुश्किल होता है. ऐसे में कार फाइनेंसिंग यानी कार लोन एक ऐसा बेहतरीन जरिया बनकर उभरा है, जिसने लाखों लोगों के कार मालिक बनने के सपने को सच कर दिया है.

इसके तहत आप बैंक से लोन लेकर तुरंत गाड़ी घर ला सकते हैं और फिर अगले कुछ सालों तक हर महीने आसान किस्तों (EMIs) में वह पैसा चुका सकते हैं. अगर आप भी अपनी पहली कार के लिए लोन लेने की सोच रहे हैं, तो कुछ जरूरी बातों को जानना आपके लिए बेहद फायदेमंद साबित हो सकता है.

शोरूम में बातचीत करते समय बरतें ये सावधानियां

जब आप अपनी पसंदीदा गाड़ी चुनने किसी शोरूम में जाते हैं, तो वहां का सेल्स रिप्रेजेंटेटिव आपसे पेमेंट मोड के बारे में पूछता है. फाइनेंस का विकल्प चुनने पर वे आपको वहां मौजूद किसी खास बैंक के एजेंट से मिला देते हैं.

  • केवल एक बैंक के भरोसे न रहें : शोरूम में बैठा एजेंट जो प्लान बताए, उसे ही फाइनल न मान लें.
  • मार्केट रिसर्च है जरूरी: आपको खुद अन्य सरकारी और प्राइवेट बैंकों की ब्याज दरों (Interest Rates) की तुलना करनी चाहिए. जिस बैंक में सबसे कम ब्याज दर और आसान शर्तें हों, वहीं से लोन अप्लाई करें.

सिबिल स्कोर और डॉक्यूमेंट्स का खेल

कार लोन की प्रक्रिया अब बहुत तेज और डिजिटल हो चुकी है, लेकिन लोन मिलना और उसकी ब्याज दरें मुख्य रूप से दो चीजों पर टिकी होती हैं.

  • सिबिल स्कोर (Cibil Score): अगर आपका सिबिल स्कोर अच्छा है, तो बैंक आपको बहुत कम ब्याज दर पर और जल्दी लोन दे देते हैं. कुछ मामलों में तो कार की कुल कीमत का 100% तक फाइनेंस (On-Road Funding) हो जाता है. वहीं खराब सिबिल स्कोर होने पर लोन रिजेक्ट हो सकता है या आपको ज्यादा ब्याज देना पड़ सकता है.
  • कागजी कार्रवाई (Documentation): लोन के लिए आवेदन करने से पहले अपने सभी जरूरी दस्तावेज जैसे पैन कार्ड, इनकम प्रूफ (सैलरी स्लिप या आईटीआर) और एड्रेस प्रूफ तैयार रखें.

इसके अलावा, बैंक लोन पास करने के बदले एक ‘प्रोसेसिंग फीस’ वसूलते हैं. लोन एग्रीमेंट साइन करने से पहले इस फीस के बारे में पूरी जानकारी जरूर ले लें.

लोन लेने से पहले इन ‘हिडन कंडीशंस’ को जरूर समझें

अक्सर लोग केवल मासिक किस्त (EMI) देखकर लोन ले लेते हैं, लेकिन आपको बैंक प्रतिनिधि से कुछ और जरूरी सवाल भी पूछने चाहिए.

  • पार्ट पेमेंट या प्री-क्लोजर नियम: यदि भविष्य में आपके पास कहीं से एकमुश्त पैसा आ जाता है और आप लोन समय से पहले बंद करना चाहते हैं, तो बैंक उस पर कितना चार्ज (Penalty) लेगा, यह पहले ही क्लियर कर लें.
  • लोन पर इंश्योरेंस: क्या बैंक लोन की सुरक्षा के लिए कोई अतिरिक्त बीमा पॉलिसी दे रहा है और उसका प्रीमियम आपकी किस्त में जोड़ा जा रहा है? इस बात को बारीकी से समझें.

ऑनलाइन आवेदन है सबसे आसान

आजकल बैंकों के चक्कर काटने की जरूरत नहीं है. आप घर बैठे विभिन्न बैंकों की वेबसाइट या ऐप्स के जरिए ऑनलाइन कार लोन के लिए अप्लाई कर सकते हैं, जहां महज कुछ ही दिनों में लोन अप्रूव हो जाता है. हालांकि, कोई भी दस्तावेज साइन करने से पहले नियम और शर्तों (Terms & Conditions) को आंखें मूंदकर स्वीकार न करें, उन्हें अच्छी तरह पढ़ लें ताकि भविष्य में कोई विवाद न हो.

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लेखक के बारे में

By Abhishek pandey

अभिषेक पाण्डेय पिछले तीन वर्षों से प्रभात खबर में डिजिटल जर्नलिस्ट के तौर पर काम कर रहे हैं। वे बिजनेस और अर्थव्यवस्था से जुड़ी खबरों को आसान भाषा में पाठकों तक पहुंचाने का काम करते हैं। शेयर बाजार, पर्सनल फाइनेंस, बैंकिंग, बजट, सरकारी योजनाएं, MSME, कृषि और इंडस्ट्री जैसे विषयों पर उनकी अच्छी पकड़ है। वे रिसर्च के साथ ऐसी खबरें और एक्सप्लेनर तैयार करते हैं, जिन्हें आम लोग भी आसानी से समझ सकें। इसके अलावा यूटिलिटी न्यूज और सक्सेस स्टोरीज लिखने में भी उनकी खास रुचि है।

पत्रकारिता अनुभव

अभिषेक ने पत्रकारिता की पढ़ाई माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय (MCU), भोपाल से की है, जिसे पत्रकारिता की दुनिया में 'दादा माखनलाल की बगिया' भी कहा जाता है।

करियर की शुरुआत उन्होंने राजस्थान पत्रिका के साथ की, जहां उन्होंने डिजिटल पत्रकारिता की बारीकियों को करीब से समझा। इसके बाद वे प्रभात खबर से जुड़े और पिछले तीन वर्षों से डिजिटल जर्नलिस्ट के रूप में काम कर रहे हैं।

इस दौरान उन्होंने बिजनेस, शेयर बाजार, पर्सनल फाइनेंस, बैंकिंग, बजट, सरकारी योजनाएं, कृषि, MSME और अर्थव्यवस्था से जुड़े कई अहम विषयों पर रिपोर्टिंग और रिसर्च आधारित लेख लिखे हैं। इसके अलावा वे वीडियो स्क्रिप्टिंग, एक्सप्लेनर स्टोरी, डेटा स्टोरी और डिजिटल कंटेंट पर भी लगातार काम करते हैं। उनकी कोशिश रहती है कि जटिल आर्थिक और वित्तीय विषयों को आसान और भरोसेमंद भाषा में पाठकों और दर्शकों तक पहुंचाया जाए।

शिक्षा

अभिषेक पाण्डेय ने माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय (MCU), भोपाल से पत्रकारिता एवं जनसंचार की पढ़ाई की है। यहां उन्होंने रिपोर्टिंग, डिजिटल मीडिया, न्यूज़ राइटिंग, वीडियो प्रोडक्शन और मल्टीमीडिया जर्नलिज्म की बारीकियां सीखीं, जिनका इस्तेमाल वे आज अपनी पत्रकारिता में कर रहे हैं।

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